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शुक्रवार, 19 जून 2026

तीसा में बनेगा 11 करोड़ का हाईटेक मिनी सचिवालय, एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी सेवाएं

 तीसा में बनेगा 11 करोड़ का हाईटेक मिनी सचिवालय, एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी सेवाएं




पवन भारद्वाज चंबा 


चुराह क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उपमंडल मुख्यालय तीसा में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक मिनी सचिवालय का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके बनने से विभिन्न सरकारी कार्यालय एक ही भवन में संचालित होंगे, जिससे लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


तीन मंजिला इस आधुनिक भवन में प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के साथ-साथ सुविधा केंद्र, वेटिंग रूम, कैंटीन, विशाल मीटिंग हॉल, कॉन्फ्रेंस हॉल और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी। आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजनों के लिए रैंप, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, आधुनिक विद्युत कक्ष और स्टोर रूम का भी प्रावधान किया गया है।


स्थानीय लोगों का मानना है कि सभी विभागों के एक ही परिसर में आने से प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और जनता की समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी से हो सकेगा। यह परियोजना चुराह क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ विकास को भी नई गति देगी।


लोक निर्माण विभाग मंडल तीसा के कार्यकारी अभियंता जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य ठेकेदार को सौंप दिया गया है और काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करना है।


" *मुलाकात अंतरराष्ट्रीय हिंदी कवि आदरणीय श्री अशोक दर्द जी के साथ*

 " *मुलाकात अंतरराष्ट्रीय हिंदी कवि आदरणीय श्री अशोक दर्द जी के साथ*

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( अविनेश कुमार ) 


डलहौजी के सुरम्य वातावरण में बसे छोटे से गाँव घट्ट में जन्मी एक ऐसी महान विभूति से आज उनके निवास स्थान पर भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने अपनी लेखनी से न केवल हिमाचल बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। एक शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका जीवन निरंतर समाज सेवा और साहित्य साधना में समर्पित है। "बम भोले" जैसी सरल और ओजस्वी प्रतिभा के धनी इस व्यक्तित्व ने अब तक 10 से अधिक पुस्तकें हिंदी और पहाड़ी भाषाओं में रचित की हैं, जिनमें 'कविए दी लाड़ी' जैसी कालजयी कविताएं और 'संवेदना के फूल' जैसा मर्मस्पर्शी काव्य संग्रह शामिल है।

राष्ट्रीय स्तर के इस प्रख्यात कवि को उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए अब तक 50 से अधिक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हिमाचल कला, संस्कृति और भाषा अकादमी, शिमला के सम्मानीय सदस्य के रूप में भी प्रदेश की भाषा और संस्कृति के उत्थान में अतुलनीय योगदान दिया है। आज उनके पैतृक गाँव घट्ट में हुई यह मुलाकात अत्यंत प्रेरणादायी रही, जहाँ उनकी सादगी और विद्वत्ता से साहित्य के गहरे अर्थ सीखने को मिले। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ख्याति प्राप्त करने वाली ऐसी अद्वितीय प्रतिभा श्री अशोक दर्द जी और उनके साहित्यिक व मानवीय मूल्यों को मैं सादर नमन करता हूँ |

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= अविनेश कुमार  

*BHK* में 

प्रस्तुति : - मुमुक्षु के. ठाकुर

विश्व संगीत दिवस पर अलवर में 12 घंटे का सतत संगीतमय आयोजन आज 20 ता. को।

 विश्व संगीत दिवस पर अलवर में 12 घंटे का सतत संगीतमय आयोजन आज 20 ता. को।






*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट* 


(माचाड़ीअलवर):- अलवर- विश्व संगीत दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया स्ट्रेस फ्री मिशन के संगीत प्रकोष्ठ “तराना अलवर” के तत्वावधान में 20 जून 2026 को प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक होटल लेमिनेड में 12 घंटे का सतत संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित गायक एवं गायिकाएँ विभिन्न विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देंगे।

आयोजन के मुख्य अतिथि देवेन्द्र शर्मा होंगे,जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेश शर्मा एवं श्री चिन्मय पराशर उपस्थित रहेंगे।

तराना अलवर के संयोजक सुभाष भारती ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य संगीत के माध्यम से तनावमुक्त, सकारात्मक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समाज के निर्माण का संदेश देना है। इस दौरान फिल्मी गीत, ग़ज़ल, भजन, सूफी संगीत, देशभक्ति गीत तथा सदाबहार रचनाओं की प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

कार्यक्रम में सुभाष भारती, परवेज़ अख्तर, मनमोहन सिंह, राकेश शर्मा, स्मिता शर्मा,मधु सिंघल,संगीता गौड़,शैला अख्तर,राजेंद्र कौर,गायत्री,मंजु शर्मा,सुधा मित्तल,प्रीतम, परमजीत सिंह,रूपसिंह,हरीश, नीरज,रोहित,कालीचरण,रवि नायक,पी.सी.सैनी,पवन,आनंद, संजय अरोड़ा,नरेश,दिनेश, महेंद्र,अरुण,विनय एवं अनील  सहित अनेक कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।

आयोजकों के अनुसार सभी कलाकार निर्धारित क्रम में मंच पर प्रस्तुति देंगे और कार्यक्रम पूरे 12 घंटे निरंतर संचालित होगा। संगीत प्रेमियों के लिए यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा तथा शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। :::

" *अना* "

 "  *अना*  " 




( अमित  मैहरा  ) 


तेरे बदलते लिबासों-सा लगता है मुझे तेरा प्यार ,

कभी बिजली की कौंध-सा उठता है ,

और कभी लगता है जैसे कभी हुआ ही नहीं !


मुझे हर पल बदलता-सा दिखता है मेरा दर्ज़ा ,

जैसे कि शाह हूँ सारे जहान का और कभी की कोई था ही नहीं !


मुझे सिमटती दिखती है अपनी परछाई ,

जैसे की शख़्स वहाँ कोई था ही नहीं  !


मैं मिटता जाता हूँ तेरी तलब में शबोसेहर , 

जैसे तुझ बिन मेरा होना कभी कुछ था ही नहीं !


मैं घटता देखता हूँ ख़ुद को , जैसे वक़्त गुज़रता हो ,

कि पकड़ना भी चाहूँ तो कभी हमसफ़र वो मेरा था ही नहीं !


मैं बैठा हूँ समेटने अपने किरदार की हक़ीक़त को ,

कि जैसे मैं कभी ख़ुद से मिला ही नहीं ! 


मेरे होने का भी शुब्हा था मुझे ,

ना जाने क्यों उसने कहा — “तुझ-सा  कोई था ही नहीं  " !


और दवा ग़म की क्या होगी ,

कि मेरे हिस्से का ग़म भी मेरा था ही नहीं !


मेरी बेतरतीबी को तेरी तरतीब मिल जाए ,

ये भी ज़ीस्त में मेरी लिखा कभी था ही नहीं !


कि फ़ैसला हो मेरे हक़ में — सोचा तो कई बार ,

पर कोई दावर, कोई पैरोकार मेरा था ही नहीं !


उसकी अना से मेरा क्या वास्ता ,

कि मुझे मेरा घर उस ओर दिखा ही नहीं !


और वो कहते हैं कि मेरी मुराद ओ मसीहा मेरे ,

ये जो ज़ोर है इसमें मेरा मशग़ला ही नहीं !


ले आओ मेरे चारागर, दवा कोई ,

जो मुझे बता दे कि तू था कि नहीं  ! 

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=   अमित  मैहरा  { एच. ए. एस. } , 

ए. डी. सी. ,   चम्बा 

{ हि. प्र. }

*BHK*   में 

प्रस्तुति  :  -  मुमुक्षु के. ठाकुर

" *भारतीय नारी , विशेष* "

 "   *भारतीय नारी ,  विशेष*  " 




( वसुंधरा धर्माणी  ) 


गृहिणियां केवल परिवार की देखभाल करने वाली महिलाएं नहीं होती, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण की आधारशिला भी हैं। एक सशक्त ,संस्कारित और जागरूक समाज की नींव घर से ही पड़ती है और इस नींव को मजबूत बनाने का कार्य मुख्यतः गृहिणियां  ही करती हैं। इसीलिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि गृहिणियां वास्तव में राष्ट्र निर्माता हैं, क्योंकि उनके द्वारा निर्मित संस्कारित और ज़िम्मेदार नागरिक ही किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और भविष्य का निर्धारण करते हैं  | 

                     #

 

=   वसुंधरा धर्माणी ,

   जिला बिलासपुर  { हि. प्र. }

*BHK*  में 

प्रस्तुति  : -  मुमुक्षु  के. ठाकुर

भूलेरी पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर, जागरूकता के अभाव में रही कम उपस्थिति।

 भूलेरी पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर, जागरूकता के अभाव में रही कम उपस्थिति।






*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

 

(माचाड़ीअलवर):- अलवर- अलवर जिले के रैणी उपखंड क्षेत्र की भूलेरी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी रही, लेकिन आमजन की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम देखने को मिली। शिविर में अधिकांश समय अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, जबकि ग्रामीणों की भागीदारी सीमित रही।

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि शिविर के बारे में लोगों को समय रहते पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे शिविरों के आयोजन से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठा सकें।

जानकारों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर मुनादी, सूचना-पत्र, सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों से पूर्व सूचना दी जाए तो शिविरों में आमजन की भागीदारी बढ़ सकती है। इससे एक ओर लोगों को आवश्यक सेवाओं का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिविर में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का समय भी अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग हो सके।

*सर्व सम्मति से सुरेश कुमार ठाकुर चुने गये एसएमसी अध्यक्ष जबकि उपाध्यक्ष बने राजेंद्र कुमार*

 *सर्व सम्मति से सुरेश कुमार ठाकुर चुने गये एसएमसी अध्यक्ष जबकि उपाध्यक्ष बने राजेंद्र कुमार*



उमाशंकर दीक्षित 

दलाश (कुल्लू )। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दलाश में वीरवार को अभिभावकों की आम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 120 अभिभावकों ने भाग लिया।   आम सभा की अध्यक्षता पाठशाला के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अजय कुमार ने की। सर्व प्रथम इसमें पुरानी प्रबंधन समिति को भंग किया गया। उसके बाद अभिभावकों द्वारा सर्वसम्मति से नई स्कूल प्रबंधन समिति का गठन किया जिसमें सुरेश कुमार ठाकुर को अध्यक्ष तथा राजेंद्र कुमार को उपाध्यक्ष चुना गया। नई कार्यकारिणी के अन्य सदस्य कुसुम लता,सीमा, सतपाल,लीला देवी, सोनू देवी,चंद्रकला, रविन्द्र, जनेश कुमार,विद्या भूषण, सरला देवी,सुनीता,गुड्डी देवी को चुना गया। जबकि सुनील कुमार को नामित सदस्य चुना गया।अध्यापकों में सुरेश कुमार ,महेन्द्र ठाकुर, बालकृष्ण तथा कुमारी विपना को सदस्य चुना गया। सभी नव निर्वाचित अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने एकजुट होकर  विद्यालय की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन दिया जिसमें विद्यालय में खाली चल रहे विभिन्न पदों को भरे जाने की प्रदेश सरकार से शीघ्र अति शीघ्र पुरजोर मांग की जाएगी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य समेत स्टाफ में अजय किशोर, नरेश कुमार, बलबीर ठाकुर,रणधीर कुमार,भारती देवी ,शेर सिंह,श्याम सिंह और गौरी शंकर आदि अन्य सदस्य उपस्थित रहे।