*सैनिक तिरंगे के निचे देश की रक्षा सुरक्षा की शपथ लेकर सर्वोच्च बलिदान के लिए तैयार परन्तु नेता सदन में शपथ-पत्र लेकर शपथ ग्रहण करते और झूठ बोलते फ़र्क व फ़र्ज साफ है- वैटरन बालक राम शर्मा*
बिलासपुर- शशीपाल कौंडल
*सैनिक देश की रक्षा सुरक्षा के शपथ ग्रहण यानी कसम खाता है और जरुरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान भी देता है परन्तु अपनी शपथ-पत्र व कसम खाने पर देश भक्ति के जान जोखिम में डाल देता है परन्तु अपनी कसम को नहीं तोड़ता फ़र्क साफ है*
*नेताओं की शपथ ग्रहण समारोह में कितना फ़र्क झुठ बोलकर देश भक्त बनते हैं*
बिलासपुर 13 प्रदेशाध्यक्ष वैटरन बालक राम शर्मा हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एंव विकास संयुक्त समिति बिलासपुर (हि०प्र०) ने पत्रकार वार्ता में बताया देश प्रदेश में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किये जाते हैं नेतागण जब जीत कर सदन हाउस में जाने के लिए शपथ ग्रहण करते हैं और देश के सैनिक जब ट्रेनिंग सेंटर से पासआऊट होना होता है तो उस समय उसे ट्रेनिंग के बाद देश की रक्षा सुरक्षा के लिए शपथ ग्रहण यानी कसम परेड ग्राउंड में देश की रक्षा सुरक्षा के लिए तिरंगे और गीता या अपने अपने धर्म से संबंधित कसम खिलाई जाती है जो देश के सामने प्रत्यक्ष को प्रमाण होता है।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष वैटरन बालक राम शर्मा ने आगे बताया की नेता शपथ लेने के बाद अपनी ताक़त मान प्रतिष्ठा के लिए सच झुठ बोलकर देश को गुमराह करते हैं जो कि टीवी पर न्युज कवरेज न्युज चैनल पर सच झुठ बोलते हुए दिखाई दिए जाते हैं परन्तु देश प्रदेश का सैनिक देश की माटी के लिए ढाल बनकर दीवार की तरह पहरा देता है दुश्मन से हर समय लोहा लेने के लिए तैयार रहता है और जरुरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देकर अपनी शपथ कसम को पुरा करता है ये एक सच्चे सैनिक सच्चे इन्सान की पहचान है परन्तु देश के नेता सरेआम झुठ बोलकर कर देश की आम गरीब जनता को गुमराह करते हैं गलत-सलत ब्यान बाजी करके लोंगों को गुमराह व छलने धोख़ा देना आम बात हो चुकी है।
प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने बताया कि देश प्रदेश में अग्निवीर का मुद्दा खूब गरमाया है और देश के सत्तासींन बड़े पद के नेता अग्निवीर के केंपनसेशन के लिए 1 करोड़ की बात संसद के पटल पर बोलते हैं परन्तु धरातल पर बहुत से अग्निवीर परिवारों का कहना है की कोई केंपनसेशन नहीं मिला सिर्फ़ व सिर्फ़ इंश्योरेंस कवर का पैसा मिला है इससे साफ नज़र आ रहा है कि नेता संसद में साफ साफ झुठ बोलकर देश को गुमराह करते हैं नेताओं की शपथ और सैनिक की शपथ में अंतर साफ दिखाई देता है देश के नेताओं का कोई दीन धर्म नहीं अपने फायदे के लिए झुठ का सहारा लेते है और अपने आप को पाक साफ बनते हैं।










