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बुधवार, 13 नवंबर 2024

*सुनील उपाध्याय ऐजुकेशनल ट्रस्ट शिमला ने स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य पर 123 यूनिट से भी अधिक रक्तदान। *नशा की रोकथाम के लिए सरकार उठाए कड़े कदम* - *शिव प्रताप शुक्ल* *स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर शिमला में रक्तदान शिवर व संगोष्ठी का आयोजन।


 *सुनील उपाध्याय ऐजुकेशनल ट्रस्ट शिमला ने स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य पर 123 यूनिट से भी अधिक रक्तदान।


*नशा की रोकथाम के लिए सरकार उठाए कड़े कदम* - *शिव प्रताप शुक्ल*


*स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर शिमला में रक्तदान शिवर व संगोष्ठी का आयोजन।*














*सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट* द्वारा *स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर 12 नवंबर 2024* के दिन गेयटी थियेटर में  *संगोष्ठी एवं रक्तदान शिविर* का आयोजन किया गया जिसमें *मुख्य अतिथि के हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल  उपस्थित रहे और साथ में नशा निवारण बोर्ड के पूर्व संयोजक ओ. पी. शर्मा उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में 700 से भी अधिक संख्या में छात्र छात्राओं* ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।




इस वर्ष सुनील उपाध्याय ऐजुकेशनल ट्रस्ट शिमला ने जो संगोष्ठी रखी उसका विषय 

*हिमाचल में बढ़ती नशा प्रवृति - समस्या एवं सामाधान*। जिसमें महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दिन प्रतिदिन नशा माफिया बढ़ता जा रहा है। प्रदेश की युवा पीढ़ी को नशे में धकेल रहे नशा माफिया पर रोक लगाने के लिए सरकार को कड़े से कड़े कदम उठाने चाहिए। नशा माफिया हमारे समाज को खोखला कर रहा है । इस मौके पर उन्होंने स्वगीर्य सुनील उपाध्याय जी को याद किया और कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज जो राष्ट्रवादी विचारधारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विराट स्वरूप देखने को मिल रहा है यह सुनील जी की देन है । सुनील उपाध्याय जी हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वह पहले दूसरों के बच्चों को नशे की लत में न फंसने दें, तभी वे अपने बच्चों को नशे की लत से बचा पाएंगे। उन्होंने कहा कि नशे की लत का एक और कारण यह है कि इसकी मांग पर अंकुश नहीं लग रहा है इसलिए इसके विपरीत प्रभाव लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर कार्य कर रही है।



लेकिन लोगों को भी इसके प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को अपने स्तर पर नशा निवारण केंद्र खोलने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से वे हिमाचल के राज्यपाल बने हैं, तब से वे नशे के विरूद्ध काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक पूर्णतः सफलता नहीं मिली है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि जब प्रदेश के लोग अपनी समृद्ध परम्पराओं को फिर से स्थापित करेंगे, तभी हम नशे के खिलाफ इस लड़ाई को जीत पाएंगे।



मुख्य वक्ता ओ.पी. शर्मा ने कहा कि आज समाज में नशा एक गंभीर रूप ले चुका है और मादक पदार्थ चिट्टा राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि इस मामले में समाज में मानवीय संवेदनशीलता की कमी है और हम इसका आकलन भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने राज्य में एकीकृत नशा निवारण नीति लाग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर समाज में जागरूकता अभियान निरन्तर जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समस्या जितनी सरकार की है, उतनी ही समाज की भी है।



इस अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिमला के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से प्रोफेसर संजय शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नितिन व्यास ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।



बुधवार, 10 जुलाई 2024

*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई ने धूम धाम से मनाया 76 वां विद्यार्थी दिवस* *विद्यार्थी परिषद 76 वर्षों में बना है युवाओ की आवाज



*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई ने धूम धाम से मनाया 76 वां विद्यार्थी दिवस*


*विद्यार्थी परिषद 76 वर्षों में बना है युवाओ की आवाज*






अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शिमला महानगर मंत्री अंकुश वर्मा ने राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल 9 जुलाई 1949 से ही छात्र हित समाजहित और राष्ट्रहित में काम करती आई है ऐसे ही हर वर्ष 9 जुलाई को विद्यार्थी परिषद की विभिन्न इकाइयों द्वारा नगर  के कोने - कोने में उत्साह से मनाया गया है।



ऐसे ही इस वर्ष भी विद्यार्थी परिषद द्वारा शिमला महानगर की नगर इकाइयों द्वारा शिमला के कालीबाड़ी सभागार में संगोष्ठी वह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूम में अधिवक्ता नरेंद्र गुलेरिया  , विशिष्ट अतिथि के रूप में अ भा वि प के राष्ट्रीय मंत्री राहुल राणा, राष्ट्रीय कला मंच की राष्ट्रीय संयोजक गुंजन ठाकुर उपस्थित रहे |


विद्यार्थी परिषद ने अपने 75 वर्षों को यात्रा पूर्ण कर इसे वर्ष 76 वें वर्ष का सफर शुरू किया हुआ  इस बीच यूवाओ को संबोधित करते हुआ राष्ट्रीय मंत्री राहुल राणा ने विद्यार्थी परिषद द्वारा किए गए सामाजिक कार्य वह समाज में परिषद द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में बताया तो मुख्य अतिथि ने विद्यार्थी परिषद को पूरे देश में युवाओं की आवाज कह कर संबोधित किया |


शिमला महानगर इकाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आए हुआ सभी छात्र छात्रों में राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस को ले कर उत्साह दिखा वह महानगर इकाई सभी से यही आग्रह करती है कि आगे आने वाले समय में भी विद्यार्थी परिषद के साथ अनेकों कार्यक्रमों वह अभियानों द्वारा जुड़े वह छात्र पढ़ाई के साथ साथ समाज के कार्यों में भी अपने योगदान दे |









सोमवार, 8 जुलाई 2024

*राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं


*राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं*




 

प्रांत मंत्री आकाश नेगी ने राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल 9 जुलाई 1949 से ही छात्र हित समाजहित और राष्ट्रहित में काम करती आई है ऐसे ही हर वर्ष 9 जुलाई को विद्यार्थी परिषद की विभिन्न इकाइयों द्वारा प्रदेश के कोने - कोने में उत्साह से मनाया जाता है।



ऐसे ही इस वर्ष भी विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रदेश भर में अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन तय की गया है। जिसमें की जगह-जगह नुक्कड नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनेकों प्रकार की प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम करवाने जा रही है।


9 जुलाई से विद्यार्थी परिषद सक्रियता से अनेकों आयामों के माध्यम से प्रदेश भर में समाज एवं छात्रों के लिए काम करती आई है और करती रहेगी। जैसे सेवार्थ विद्यार्थी, विकासार्थ विद्यार्थी, राष्ट्रीय कलमंच, शोध, थिंक इंडिया, खेलो भारत, सविशकार जैसे अन्य आयामों के माध्यम से समाज में काम करना।


प्रांत मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों को अपने अनेकों आयामों के माध्यम से विद्यार्थी परिषद से जोड़ने का करता आया है और जैसे कि विद्यार्थी परिषद आज तक समाजहित, छात्रहित और राष्ट्रहित में काम करती आई है वैसे ही आगे भी करती रहेगी।







शुक्रवार, 5 जुलाई 2024

हिमाचल प्रदेश में शिक्षा को मजबूत करने के लिए जल्द से ज

हिमाचल प्रदेश  में   शिक्षा को मजबूत करने के लिए जल्द से जल्द स्कूलों के अंदर रिक्त पदों को भरा जाना  चाहिए SFI




स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) प्रेस विज्ञप्ति  जारी करते हुए कहा है की हिमाचल प्रदेश  में   शिक्षा को मजबूत करने के लिए जल्द से जल्द स्कूलों के अंदर रिक्त पदों को भरा जाना  चाहिए काफ़ी समय से एसएफआई सरकार को अवगत करवा रही है की स्कूल के अंदर भारी मात्रा में शिक्षकों के पद  रिक्त पड़े है उन्हे पूरा करने के लिए सरकार पर लागतार एसएफआई दबाव बना रही है दबाव के चलते हाल ही में जो प्रारंभिक शिक्षा (प्री नर्सरी) में हिमाचल प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स आधार पर 6,297 पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों (एनटीटी) की भर्ती की घोषणा की है। यह पहल राज्य के 6,297 पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत लगभग 60,000 छात्रों को लक्षित करती है ऐसे में एसएफआई का शुरू से ही यह मानना है की सरकार कोई भी रोजगार उपलब्ध करवाती है वह स्थाई होना चाहिए ऐसे में सरकार की NTT भर्तीयां  आउटसोर्स के तहत करना युवाओं के साथ खिलवाड़ है  इसलिए एसएफआई आउटसोर्स में की जा रही इन भर्तियों के पक्ष में नही है सरकार स्थाई रोजगार का प्रबंध करे ।

 एसएफआई का मानना है की केंद्र व राज्य सरकार मिलाकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आड़ में  आंगनबाड़ी जैसी संस्थाएं बंद करना है और जो सुविधाएं इस संस्था के तहत बच्चों की  दी जानी चाहिए थी उससे  बच्चों को वंचित रखा जाएगा आगनवाड़ी जैसी संस्थाओं  का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की देखभाल करना है साथ में आंगनबाड़ी केंद्र शिशुओं को पोषण सहित उचित आहार जैसी   बातो का ख्याल रखता है और सरकार को यह सब बजट तयार करना  पड़ता लेकिन अब जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति  2020 के तर्ज पर जब आंगनबाड़ी को खत्म कर दिया जा रहा है इसके बदले प्री नर्सरी शुरू कर भारी कटौती बाल विकास में की जाएगी  जो की एक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के खिलाफ है  

इसलिए एसएफआई   प्रदेश सरकार से यह मांग करती है की NTT  की भर्तियां स्थाई हो बाल विकास के लिए और सुरक्षित योजनाओं की शुरुआत करें और साथ ही में प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों के जो पद खाली है उसे पूरा करे 

ओर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा का निजीकरण व व्यपरिकरण बंद करे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को हिमाचल प्रदेश में छात्रों के ऊपर जबरन ना थोपे अन्यथा एसएफआई हिमाचल प्रदेश के छात्रों को लामबंद कर सरकार के खिलाफ आर पार कीनिर्णायक लड़ाई लड़ेगी









मंगलवार, 2 जुलाई 2024

*बरसात से पहले ही घरों की पूरी सुरक्षा रखना जरूरी - अक्षय ठाकुर* *बरसात में नदी नालों के करीब जाने से बचें लोग - अक्षय ठाकुर

 

बरसात से पहले ही घरों की पूरी सुरक्षा रखना जरूरी - अक्षय ठाकुर* 


*बरसात में नदी नालों के करीब जाने से बचें लोग - अक्षय ठाकुर* 




 

छात्र नेता अक्षय ठाकुर ने बयान जारी करते हुए कहा की हम देखते है किस तरह से पिछले वर्ष बरसात अपने उग्र रूप में थी कहीं भूस्खलन तो कहीं बादल फट रहा था जिसके कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में तबाही से बहुत से प्रदेशवासियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा तो कहीं कई लोगो ने अपनी जान गवाई। प्रदेश के हर कोने में नदी एवं नाले अपने प्रखर रूप में थे।


पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदेश में भारी वर्षा होने की आशंका है। अतः समस्त प्रदेशवासियों से अनुरोध है कि बरसात शुरू होने से पहले ही अपने घरों के चारों तरफ अच्छे से पानी के निकासी के लिए नालिया बना लें एवं अगर पानी के निकासी के लिए बनाई गई कोई नाली कचरे से भरी पड़ी हो तो उसे भी बरसात शुरू होने से पहले ही साफ कर दें। ताकि बरसात के मौसम में बारिश का पानी नालियों से होकर नालो तक पहुंचे और नालों से नदियों में ताकि लोगो के घरों को कोई नुकसान न हो।


शहरी क्षेत्रों में लोगो द्वारा पानी के निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया जाता जिसके कारण ज्यादातर नुकसान शहरी क्षेत्रों में इमारतों के गिरने से होता है। पानी के निकासी के लिए नालियों के नहीं होने के वजह से पानी धरती सोख लेती है जिससे की वहां की मिट्टी में भारी नमी आजाती है और इसी के कारण से ऊपर बने घर, मकान एवं इमरते गिर जाती है।


अक्षय ठाकुर ने इसके साथ ही साथ कहा की लोगो को इस बरसात में नदी - नालों के करीब जाने से बचना चाहिए ताकि किसी भी तरह की बड़ी दुर्घटना न हो सके। इस वर्ष की बरसात भी अपने पहले चरण में शुरू होती नजर आ रही है। इसलिए इससे पहले की बरसात अपना उग्र रूप धारण करे प्रदेश की जनता को अपने एवं अपने घरों के बचाव के लिए सावधानियां बरतनी पड़ेगी।






शनिवार, 29 जून 2024

*हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला एक बार फिर प्रश्नों के घेरे में: अविनाश* *विश्वविद्यालय में सामान्य विषय की परीक्षा में को नहीं बताया गया सिटिंग प्लेन : अभाविप* *विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को परीक्षा से पहले मानसिक रूप से किया प्रताड़ित : अविनाश*



*हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला एक बार फिर प्रश्नों के घेरे में: अविनाश*


*विश्वविद्यालय में सामान्य विषय की परीक्षा में को नहीं बताया गया सिटिंग प्लेन : अभाविप*


*विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को परीक्षा से पहले मानसिक रूप से किया प्रताड़ित : अविनाश*






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*तिथि : 29/06/2024*



    

  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल  प्रदेश विश्वविद्यालय  इकाई मंत्री अविनाश ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए सुझावों के साथ साथ आम छात्रों की आवाज उठाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। इसी के संदर्भ में आज विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ईकाई ने  कहा की विश्वविद्यालय में परीक्षाएं चली हैं और विश्वविद्यालय के  परीक्षा संचालन शाखा की  आए दिन अनेक खामियां देखने को मिल रही हैं, मुख्य परीक्षा नियंत्रक भी इस विषय पर कोई सुध नहीं लेते।


आज भी विश्वविद्यालय में  जेनरिक विषय की परीक्षा थी जिसमे लगभग 500 से 550 तक छात्रों ने भाग लिया। परंतु परीक्षा से पूर्व जब परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में पहुंच कर अपने रोल नंबर को ढूंढते हैं तो अधिकतर छात्रों के रोल नंबर उस सूची में नहीं दिए गए थे परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को इस प्रकार की मानसिक प्रताड़ना से छात्रों में परेशानी देखने को मिली ऐसी स्थिति में छात्र अपने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया होगा ।


ऐसे समय में परीक्षा संचालन शाखा के अधिकारियों और मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रश्नों के घेरे में आ खड़े हुए हैं , विश्वविद्यालय में पीछले दिनों प्रवेश परीक्षा भी करवाई गई। लेकिन उन में भी ऐसी अनेक गलतियां विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई । हम सभी के ध्यान में है की पीएचडी एंट्रेंस परीक्षा में छात्र परीक्षा देने से वंचित रहे उसमे भी परीक्षा नियंत्रक और परीक्षा संचालन शाखा की मन मानी के कारण अनेक छात्रों को प्रताड़ित किया गया।


कभी कभी तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे की विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य को संवारने नही बल्कि छात्रों को प्रताड़ित करने के लिए ही बनाया गया है। प्रशासनिक अधिकारी छात्रों को प्रताड़ित करने से बिलकुल भी पीछे नहीं रहते । परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पूर्व 200 से अधिक छात्रों को तुरंत प्रभाव से बिना सिटिंग प्लेन के दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया ।

छात्र संगठनों की आवाज दबाने और अपनी खामियों को छुपाने के लिए प्रशासन अखबारों में तो बड़े बड़े प्रेस विज्ञप्ति जारी करने पीछे नहीं रहता लेकिन धरातल पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कार्य अति निंदनीय है


आए दिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परीक्षाओं में धांधलियां, परिणामों में अनेक अनियमितायों जैसे अनेक गड़बड़ियों में संलिप्त पाया जाता है , एक तरफ छात्र अपनी सिटिंग प्लेन के लिए परेशान थे तो वही दूसरी ओर सेवानिवृत हुए प्रशानिक कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यक्रमों में झूमे हुए थे । 


वहीं बात करें तो विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन परीक्षाओं के समय में ही करता है जिस से विश्वविद्यालय में शिक्षा के स्थान पर नाच गाने को जायदा महत्व दिया जाने लगा है। यूजीसी नेट परीक्षा के एक दिन पहले जहा छात्र अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे वही विश्वविद्यालय में पूर्व छात्र मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिससे विश्वविद्यालय में ढोल नगाड़े के छोर से छात्र परेशान रहे , विश्वविद्यालय के अधिकतर अधिकारी आज भी अपने कार्यालयों में न हो कर कर अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा बने हुए थे जिस से छात्रों के लिए उस समय पर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया जिस से अनेक छात्र आपने परीक्षा केंद्र पर समय से नही पहुंच पाए।


विश्वविद्यालय ने छात्रों के दो एडमिट कार्ड किए जारी, विश्वविद्यालय  प्रशासन ने एक ही कोर्स की परीक्षा तिथि पत्र दो बार जारी कर के परीक्षा केंद्र में किए थे बदलाव जिस कारण से छात्रों को परीक्षा की सही रूप से जानकारी प्राप्त नहीं हुई जिस से छात्रों को  परीक्षा के समय परेशान किया गया।


विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा करती है ,ईकाई मंत्री अविनाश ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्य प्रणाली पर प्रशन खड़े करते हुए कहा की भविष्य में यदि ऐसी गड़बड़ियां देखने को मिली तो प्रशासन के खिलाफ विद्यार्थी परिषद उग्र संज्ञान लेने से कोई गुरहेज नही करेगी। 











मंगलवार, 25 जून 2024

देश की विविधता का ध्यान और सम्मान करे वित्तायोग-तंवर • वित्तीय आबंटन में हिमाचल के त्याग को रखा जाए नज़र में • पर्यावरण संरक्षण, सम्वर्धन, इकोसर्विस और पारिस्थितिकी संतुलन में योगदान के लिए प्रदेश को मिले अतिरिक्त ग्रांट

     देश की विविधता का ध्यान और सम्मान करे वित्तायोग-तंवर

वित्तीय आबंटन में हिमाचल के त्याग को रखा जाए नज़र में

पर्यावरण संरक्षण, सम्वर्धन, इकोसर्विस और पारिस्थितिकी संतुलन में योगदान के लिए प्रदेश को मिले अतिरिक्त ग्रांट 




देश और दुनिया की सुरक्षा और विकास के लिए हिमाचल ने बहुत कुछ खोया है। छोटे से इस पहाड़ी राज्य ने अपने जल, जंगल और ज़मीन से मिलने वाले अपने राजस्व और संसाधनों को खोकर देश के लिए जो त्याग और योगदान दिया है उसका प्रतिबिम्बन वित्तीय आबंटन में नज़र नहीं आता। आबंटन के समय हिमाचल को छोटे राज्य के रूप में देखा जाता है। परन्तु वित्त आयोग और केन्द्र सरकार को देश की विविधता का सम्मान करते हुए आबंटन के समय ठोस परिस्थियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। 16वें वित्तीय आयोग के हिमाचल दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्याध्यक्ष और सेवानिर्वित अरण्यपाल डॉ. कुलदीप सिंह तँवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने भाखड़ा और पौंग बांध सहित विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं में 6 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि में से 1 लाख कृषि भूमि कुर्बान की है जिसका लाभ बिजली और सिंचाई के रूप में मैदानी प्रदेशों को मिल रहा है। जबकि इस भूमि से विस्थापित अभी भी पुनर्स्थापन की बाट जोह रहे हैं।

डॉ. तँवर ने कहा कि वन सरक्षण कानून और नई वन नीति आने के बाद केन्द्र ने प्रदेश की 67 प्रतिशत बव भूमि अपने अधिकार में ले तो ली परन्तु इससे हर साल प्रदेश को जो 1000 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा था उसकी एवज़ में कोई भी पैसा प्रदेश को नहीं मिल रहा। इसकी वजह से किसानों को मिलने वाली नौतोड़ भूमि से भी वंचित होना पड़ रहा है। 

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया आज जलवायु परिवर्तन और भूमण्डलीय ताप से जूझ रही है लेकिन हिमाचल ने वन संरक्षण से अनुमानतः 7204 मीट्रिक टन कार्बन स्टॉक का भार अपने ऊपर लेकर पारिस्थितिकी के संतुलन में बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसका कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है और न ही इस इकोसर्विस के लिए प्रदेश को कोई मुआवज़ा दिया जा रहा है। 

डॉ. तँवर ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों के लिए हिमाचल सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण जलागम क्षेत्र है क्योंकि वनों का सरक्षण करके हिमाचल जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भमिका निभा रहा है। 

अपना जल, जंगल, ज़मीन खोकर भी अगर केन्द्र सरकार और वित्तायोग हिमाचल को उसी नज़रिये से देखेगा जो नज़रिया किसी अन्य राज्य के लिए है तो यह अदूरदर्शिता और अव्यवहारिकता होगी। हिमाचल छोटा राज्य भले ही है लेकिन इसकी चुनौतियां बड़ी हैं। इसका योगदान भी अन्य समान राज्यों से अधिक है। 

डॉ. तँवर ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली को वित्तायोग को सकारात्मक दृष्टि से देखना चाहिए और इस निर्णय की सराहना करनी चाहिए। उन्होंने हिमाचल किसान सभा की ओर से पर्यावरण संरक्षण, सम्वर्धन, इकोसर्विस और पारिस्थितिकी संतुलन में योगदान के लिए प्रदेश को अतिरिक्त ग्रांट और वित्तीय प्रावधान करने की मांग की है।









शनिवार, 22 जून 2024

SFI हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही नशाखोरी के खिलाफ़ अलग अलग अभियान चलाने के बारे में चर्चा की।

 *SFI हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही नशाखोरी के खिलाफ़ अलग अलग अभियान चलाने के बारे में चर्चा की।











आज SFI हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी द्वारा हिमाचल प्रदेश के युवाओं में व शिक्षण संस्थानों में लगातार बढ़ रही नशाखोरी व सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते चलन पर रोक लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एक राज्य स्तरीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस अधिववेशन में हिमाचल प्रदेश के अलग अलग स्थानों से आए हुए तथा विश्वविद्यालय के लगभग 180 छात्रों व प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अधिवेशन का संचालन SFI राज्य अध्यक्ष *अनिल ठाकुर* ने किया व इस अधिवेशन में वक्ताओं के रूप में ज्ञान विज्ञान समिति से *सत्यवान पुंडीर*, *डॉ. ओ पी भुरैटा*, *डॉ. राजीव*, *उर्मिल ठाकुर* व मनोविज्ञान के भूतपूर्व प्राध्यापक *डॉ. रवि भूषण* उपस्थित रहे।

 सत्यवान पुंडीर ने *नशे व नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बुनियाद और प्रगति* पर अपनी बात रखी। उन्होंने अपनी बात रखते हुए बताया कि आज हमारा पूरा समाज नशे की चपेट में आ रहा है यह सच है कि इसमें ज्यादातर नौजवान शामिल हैं  लेकिन बड़ी उम्र के लोगों की संख्या भी कोई काम नहीं। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ये कहा कि किस तरह एक इंसान धीरे धीरे नशे की ओर बढ़ता है और वह नशे के दलदल में घुसता चला जाता है। उन्होंने बताया कि कैसे मनुष्य  किसी कारण से लेकर आदत तक नशे की ओर बढ़ता है और नशा किस तरह उसकी पूरी जिंदगी को तहस नहस कर देता है।

डॉ. ओ पी भुरैटा ने अपनी बात *नशे की समस्या की सीमा और मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा* पर अपनी बात रखी। उन्होंने अपनी बात में बताया कि नशा मनुष्य के तंत्रिका तंत्र पर सबसे बड़ा हमला करता है जिससे मनुष्य के अन्य शरीर का उसके मस्तिष्क से संबंध खराब हो जाता है और मनुष्य आनंद महसूर करता है। परंतु मनुष्य इस बात से अपरिचित रहता है कि इससे मनुष्य के शरीर व मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

साथी उर्मिल ठाकुर ने अपनी बात   *नशे के उपयोग में माता-पिता, शिक्षकों और साथियों की भूमिका* पर रखी। उन्होंने अपनी बात रखते हुए बताया कि युवाओं और छात्रों में नशाखोरी के लिए 

माता-पिता, अध्यापक व संगति की भी बहुत अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि नशे की ओर जाने के क्या कारण रहते हैं, किस किस माध्यम से नशा एक व्यक्ति के पास पहुंचता है। और हमें इस चैन को तोड़ने के लिए क्या क्या प्रयास करने होंगे। हमें समाज में अंतर्वैयक्तिक संबंधों को मजबूत करते हुए खेल, संस्कृति व 

डॉ. राजीव ने अपनी बात *नशे के उपयोग की समस्या के समाधान के लिए निवारक उपायों* के बारे में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि नशे की लत के उपचार के लिए क्या किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का हमारा समाज नशाखोरी में बहुत दूर तक चला गया है और इसमें सुधार करने के लिए हमें अधिक से अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। नशाखोरी में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है और स्कूल तथा कॉलेज के छात्र बहुत ज्यादा संख्या में नशे की चपेट में आ रहे हैं। अगर जल्द युवाओं को नशे से दूर होने के लिए जागरूक नहीं किया गया तो आने वाले समय में भविष्य अंधकार में चला जाएगा।

डॉ. रवि भूषण (मनोविज्ञान के भूतपूर्व प्राध्यापक) ने *नशे के उपयोग के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और परिणाम* पर अपनी बात रखी। उन्होंने  बताया कि मनुष्य के नशे की ओर बढ़ने का मनोवैज्ञानिक पहलू क्या है। उन्होंने बताया कि किस तरह एक व्यक्ति नशे के लिए प्रोत्साहित होता है। और नशा मनुष्य पर इतना ज्यादा मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालता है और इतना मजबूर कर देता है कि मनुष्य कई बार आत्महत्या कर लेता है। इसलिए हमें नशे के खिलाफ़ हर किसी को जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकें।

अधिवेशन में नशाखोरी के व इससे बचने और नशाखोरी व नशा माफिया पर रोक लगाने के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के युवाओं तथा छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के बारे में भी चर्चा की गई व हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही नशाखोरी के खिलाफ़ अलग अलग अभियान चलाने के बारे में चर्चा की।







गुरुवार, 20 जून 2024

*हिमाचल प्रदेश के चौपाल में 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न* *सुखु के राज में देवभूमि एक बार फिर शर्मसार–नैंसी अटल* *निष्पक्ष जांच व आरोपी को हो कड़ी से कड़ी सजा:– अभाविप



*हिमाचल प्रदेश के चौपाल में 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न*



*सुखु के राज में देवभूमि एक बार फिर शर्मसार–नैंसी अटल*



*निष्पक्ष जांच व आरोपी को हो कड़ी से कड़ी सजा:– अभाविप* 





  

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश सह मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िला के चौपाल में 7वीं से 9वीं कक्षा की 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटना देवभूमि को शर्मसार करने वाली घटना है।


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महिला अधिकारों के लिए हमेशा आवाज़ उठाती रही है और महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार सहन नहीं कर सकती उनका कहना है की हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार  "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता" के भाव के लेकर चलते है। लेकिन इस तरह की घटनाएं कहीं न कहीं हमारी संस्कृति को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है। 


यह घटना शिमला के चौपाल क्षेत्र की 11 नाबालिक छात्राओं के साथ हुई।

नैंसी अटल ने कहा इस तरह की घटना हिमाचल प्रदेश जैसे शांतिप्रिय ओर देवभूमि राज्य में होना बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह सरकार के ओर कानून व्यवस्था के ऊपर खड़ा करती है कि जब से व्यवस्था परिवर्तन नारा देने वाली पार्टी सत्ता में आई है तब से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हुए हैं कि इस तरह की अमानवीय घटना को अंजाम देने से पहले उन्हें कानून का जरा भी डर नहीं रहा है।



उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश जिसे देवताओं की भूमि कहा जाता है। विद्यार्थी परिषद हमेशा ऐसी घटनाओं को प्रशासन के सामने लाने का काम करती रही है व यह मानती है कि बार बार इस तरह की घटनाओं का होना कहीं न कहीं सरकार व प्रशासन की अनदेखी का नतीज़ा है और लंबे समय से हो रही यह घटनाएं अब आम होने को आ गई हैं जिसे विद्यार्थी परिषद बिलकुल सहन नहीं करेगी। 

         

उन्होंने कहा पूरे विश्व में हिमाचल प्रदेश को शांतिप्रिय राज्यों में माना जाता है। लेकिन इस शांतिप्रिय राज्यों में इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले  रही। कहीं न कहीं इसमें सरकार व प्रशासन की बहुत बड़ी कमी है।

          


ऐसे में विद्यार्थी परिषद सरकार से मांग करती है प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा महिला सुरक्षा को लेकर निर्णायक कदम लिए जाएं|  इस तरह की घटना प्रदेश में होना देवभूमि की कानून व्यवस्था के लिए चिंतनीय विषय है|










*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा नेट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर किया गया शव प्रदर्शन* *नेट परीक्षा में धांधली को लेकर हो निष्पक्ष जांच करे सीबीआई: अविनाश शर्मा* *पेपर लीक की घटनाओं से एनटीए की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होना चिंतनीय - अभाविप*



*अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा नेट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर किया गया शव प्रदर्शन*





*नेट परीक्षा में धांधली को लेकर हो निष्पक्ष जांच करे सीबीआई: अविनाश शर्मा*


*पेपर लीक की घटनाओं से एनटीए की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होना चिंतनीय - अभाविप*







अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा 18 जून को हुए नेट परीक्षा के रद होने को लेकर आज पिंक पेटल चौक पर शव प्रदर्शन करके NTA पर उचित कार्यवाही करने की मांग उठाई। 


अपनी बात रखते हुए इकाई मंत्री अविनाश शर्मा ने कहा की पेपर लीक की घटनाओं से एनटीए की विश्वसनीयता पर प्रश्न उत्पन्न हो रहा है। यूजीसी-नेट परीक्षा के पेपर लीक की आशंका के कारण रद्द होना एनटीए की तैयारी पर सवाल खड़ा कर रहा है और कहीं न कहीं देशभर में परीक्षाओं को प्रभावित करने के लिए विकसित हुए शिक्षा माफिया पर लगाम लगाने की आवश्यकता है और ऐसे लोगों को दंडित पर एक मिशाल पेश करने की आवश्यकता है।


ये पहली बार ऐसा नही हो रहा है जब NEET परीक्षा हुई उसमे धांधली का मामला सामने आया था तब से ही विद्यार्थी परिषद ने इसके खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया था।  


NEET यूजी 2024 के आयोजन व परिणाम से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की अक्षमता तथा भ्रष्टाचार सामने आया था। उसमे भी विधार्थी परिषद ने कहा था की एनटीए और नीट-यूजी परीक्षा की प्रकिया तथा परिणाम की शीघ्र सीबीआई जांच होनी चाहिए।

  साथ ही अविनाश ने कहा की मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए(NEET) और NET जैसे आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा की पारदर्शिता पर विद्यार्थियों के बीच संदेह रहता है।


आज देखने को मिलता है की लगातार दो राष्ट्रीय सत्र की परिक्षाओं में धांधली होना एक चिंतनीय विषय है। अगर ऐसे ही  पेपर लीक की घटनाएं बढ़ती रही तो देशभर के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली से विश्वास उठ जाएगा। 

हम देखते हैं विद्यार्थी दूर-दूर के क्षेत्र से लाखों की तादाद में इस परीक्षाओं को  देने आते हैं अभी वह अपने घर भी वापस नहीं पहुंचते हैं और रास्ते में ही उन्हें पता लगता है कि जिस परीक्षा को देने के लिए इतनी दूर से इतना खर्चा करके देकर आए थे वह परीक्षा रद्द कर दी जाती है, उन छात्रों के साथ इस तरह का भद्दा मजाक करना, उनके  भविष्य के साथ खिलवाड़ करना कहां तक ठीक है। 


विद्यार्थी परिषद मांग करती है की इन दोनों परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच हो और दोषियों पर कड़ी से कड़ी करवाई की जाए।










बुधवार, 19 जून 2024

केन्द्र सरकार द्वारा एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के भगवाकरण और इतिहास के साथ की जा रही छेड़छाड़ के विरोध में ज्ञापन सौंपा

केन्द्र सरकार द्वारा एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के भगवाकरण और इतिहास के साथ की जा रही छेड़छाड़ के विरोध में ज्ञापन सौंपा




आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा उच्च शिक्षा निदेशक(हि प्र) और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक (हि प्र) को केन्द्र सरकार द्वारा एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के भगवाकरण और इतिहास के साथ की जा रही छेड़छाड़ के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।


एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि हम भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की कक्षा 12 के राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में किए गए हाल के बदलावों की कड़ी निंदा करते है। "बाबरी मस्जिद" शब्द को "तीन गुंबद वाली संरचना" से बदल दिया गया है, जो ऐतिहासिक तथ्यों से बिल्कुल अलग है। इसके अलावा, संघ परिवार की कहानी का खंडन करने वाले अन्य विवरणों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है।


पुरानी पाठ्यपुस्तक में बाबरी मस्जिद के इतिहास का स्पष्ट विवरण दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि इसे 16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट बाबर के सेनापति मीर बाक़ी ने बनवाया था।  हालाँकि, नई पाठ्यपुस्तक एक विकृत संस्करण प्रस्तुत करती है, जिसमें केवल यह कहा गया है कि भगवान राम के जन्मस्थान पर 1528 में एक तीन गुंबद वाली संरचना बनाई गई थी, और इसमें पूजा के रूप में देवता शामिल थे। यह इतिहास को फिर से लिखने और पक्षपातपूर्ण कथा को बढ़ावा देने का एक ज़बरदस्त प्रयास है। संघ परिवार की ताकतों द्वारा नेतृत्व की गई रथ यात्रा और उसके बाद हुए सांप्रदायिक दंगों का वर्णन करने वाले खंडों को हटा दिया गया है, साथ ही बाबरी मस्जिद के विध्वंस का स्पष्ट विवरण भी हटा दिया गया है। चार-पृष्ठ वाले खंड को केवल दो पृष्ठों में संक्षिप्त कर दिया गया है, जो इस घटना के इतिहास को साफ करने के एनसीईआरटी के प्रयासों का एक स्पष्ट संकेत है। इन पाठ्यपुस्तकों का उपयोग सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत स्कूलों में किया जाता है, जिसका अर्थ है कि छात्रों को इतिहास का विकृत संस्करण खिलाया जा रहा है। दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस एक दुखद घटना थी जो निरंतर घृणा प्रचार और सांप्रदायिक दंगों की परिणति थी। इस मुद्दे का इस्तेमाल भाजपा ने ध्रुवीकरण पैदा करने और सत्ता में आने के लिए किया।  पिछले साल, पाठ्यपुस्तकों के साथ लगातार राजनीतिक छेड़छाड़ के चलते, NCERT ने कक्षा 11 और 12 की पाठ्यपुस्तकों से वे खंड भी हटा दिए थे, जिनमें महात्मा गांधी द्वारा हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ावा देने के प्रयासों और गांधी की हत्या के बाद RSS पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा की गई थी। मुगल शासन के दौरान सुधारों और स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के योगदान पर भी खंड हटा दिए गए। कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक से लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, जन आंदोलन और बहुलवाद पर अध्याय भी हटा दिए गए।


एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई मांग करती है कि NCERT मूल पाठ्यपुस्तकों को बहाल करे और शैक्षिक पाठ्यक्रम की अखंडता से समझौता न करे। हम भारत के छात्रों से आग्रह करते हैं कि वे संघ परिवार द्वारा बिछाए गए जाल में न फंसें और पाठ्यक्रमों के भगवाकरण के प्रयासों का विरोध करें। हम अपने देश के जटिल और विविध इतिहास के बारे में ईमानदारी और निष्पक्ष तरीके से जानने के अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे। हम अपनी सभी इकाइयों से अपील करते हैं कि वे छात्रों को इतिहास के निष्पक्ष संस्करण से शिक्षित करें और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा के सभी प्रकार के भगवाकरण का विरोध करें।



*NSUI ने विश्वविद्यालय में भारतीय सविंधान की पुस्तके और मिठाइयाँ बाँट कर मनाया जननायक राहुल गाँधी जी का जन्मदिन

 *NSUI ने विश्वविद्यालय में भारतीय सविंधान की पुस्तके और मिठाइयाँ बाँट कर मनाया   जननायक राहुल गाँधी जी का जन्मदिन* 





 भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ईकाई द्वारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद श्री राहुल गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों को संविधान की पुस्तके वितरित की और मिठाइयां बांटी। प्रदेश अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर ने कहा कि आज राहुल गांधी जी पूरे देश में संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे है। वो विपक्ष के एक मात्र नेता हैं जो देश के लोगों की आवाज़ उठा रहे हैं और देश में सविंधान बचाने की अलख जगाई हैं जहां एक तरफ केंद्र की भाजपा सरकार संविधान को कुचलने के प्रयास कर रही है वही राहुल गांधी जी संविधान की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रदेश महासचिव व इकाई प्रभारी प्रवीण मिन्हास ने कहा एक नेता जिसने नफरत की राजनीति के खिलाफ पूरे देश को एकजुट कर दिया जो देश के गरीब, शोषित, पिछड़ों, युवाओं की आवाज बना, संविधान को बदलने का सपना देखने वालों को जिसने घुटनों पर ला दिया सत्ता और एजेंसियों के सामने जो डटकर खड़ा रहा वो राहुल गांधी ही है। इसी सविंधान बचाने की लड़ाई में आज विश्वविद्यालय में NSUI ने सविंधान की पुस्तके वितरण करके सभी छात्रों को ये संदेश दिया कि आजादी के बाद कांग्रेस ने जो इस देश को सविंधान दिया उसको जरूर पड़े और राहुल गाँधी जी जो सविंधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं उनका साथ दें। जननेता राहुल गाँधी जी को NSUI HPU परिवार की और से जन्मदिन की शुभकामनाएं।

इसमें प्रदेश महासचिव अरविन्द ठाकुर, मोहित ठाकुर , रमेश भांटा  परिसर महासचिव राकेश सिंगटा, उपेंद्र, येतेन्दर, पंकज जर्याल, गिरीश, जैरी भरमौरी, सुरज ऋषभ आदि मौजूद रहे।






गुरुवार, 13 जून 2024

प्रेस नोट दिनांक 13 जून 2024 राजीव राणा ने टिकट दावेदारी के साथ की मुख्यमंत्री से मुलाक़ात > मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा हमीरपुर उप-चुनाव को लेकर ली बैठक असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन व सचिव हिमाचल कांग्रेस राजीव राणा ने हमीरपुर विधानसभा की टिकट दावेदारी को लेकर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाक़ात की, राजीव राणा ने कहा कि हर कार्यकर्ता का लोकतान्त्रिक अधिकार है, कि वह अपने संगठन के माध्यम से टिकट के लिये आवेदन कर सकता है। राजीव राणा ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के सिपाही है, और हमीरपुर उप-चुनाव में विधानसभा जीत के लिये माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, व हाई कमान का जो भी आदेश होगा, उसे पूरी निष्ठा ईमानदारी से निर्वहन करेंगे, व जिसे भी टिकट मिलेगा उसके साथ कंधे से कन्धा मिलाकर हमीरपुर विधानसभा की जीत सुनिश्चित करेंगे। राजीव राणा ने यह भी कहा कि तीनो विधानसभा चुनाव में सुख की सरकार की कल्याणकारी नीतियों से जीत हासिल करेंगे। गौरतलब रहे कि मुख्यमंत्री ने पिछले कल उप चुनाव हमीरपुर को लेकर हमीरपुर के सभी नेताओं के साथ बैठक की, और चुनाव में जीत का मन्त्र भी दिया। चित्र समाचार असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन व सचिव हिमाचल कांग्रेस राजीव राणा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को शाल टोपी से सम्मानित करते हुये



राजीव राणा ने टिकट दावेदारी के साथ की मुख्यमंत्री से मुलाक़ात 

मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा हमीरपुर उप-चुनाव को लेकर ली बैठक 



असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन व सचिव हिमाचल कांग्रेस राजीव राणा ने हमीरपुर विधानसभा की टिकट दावेदारी को लेकर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाक़ात की, राजीव राणा ने कहा कि हर कार्यकर्ता का लोकतान्त्रिक अधिकार है, कि वह अपने संगठन के माध्यम से टिकट के लिये आवेदन कर सकता है।

राजीव राणा ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के सिपाही है, और हमीरपुर उप-चुनाव में विधानसभा जीत के लिये माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, व हाई कमान का जो भी आदेश होगा, उसे पूरी निष्ठा ईमानदारी से निर्वहन करेंगे, व जिसे भी टिकट मिलेगा उसके साथ कंधे से कन्धा मिलाकर हमीरपुर विधानसभा की जीत सुनिश्चित करेंगे।

राजीव राणा ने यह भी कहा कि तीनो विधानसभा चुनाव में सुख की सरकार की कल्याणकारी नीतियों से जीत हासिल करेंगे।

गौरतलब रहे कि मुख्यमंत्री ने पिछले कल उप चुनाव हमीरपुर को लेकर हमीरपुर के सभी नेताओं के साथ बैठक की, और चुनाव में जीत का मन्त्र भी दिया।






मंगलवार, 11 जून 2024

*NEET परीक्षा मे हुए धांधली के विरोध मे पुस्तकलय के बाहर किया मूक प्रदर्शन* *NEET UG परीक्षा मे हुई गड़बड़ी मे CBI जाँच हो: अविनाश*


 

*NEET परीक्षा मे हुए धांधली के विरोध मे  पुस्तकलय के बाहर किया मूक प्रदर्शन*


*NEET UG परीक्षा मे हुई गड़बड़ी मे CBI जाँच हो: अविनाश* 






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*तिथि : 11/06/2024*

 

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आज अखिल भारतीय विधार्थी  परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा neet ug परीक्षाओं मे हुए धांदलि पर विश्वविद्यालय कि library के बाहर किया मूक प्रदर्शन।


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एबीवीपी ने कहा है कि नीट-यूजी 2024 के आयोजन व परिणाम से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की अक्षमता तथा भ्रष्टाचार सामने आया है। एनटीए और नीट-यूजी परीक्षा की प्रकिया तथा परिणाम की शीघ्र सीबीआई जांच होनी चाहिए

विश्वविद्यालय  इकाई मंत्री अविनाश शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव परिणाम के दिन नीट-यूजी के परिणाम घोषित कर एनटीए क्या छिपाना चाहती थी?

साथ ही उन्होंने कहा की मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा की पारदर्शिता पर विद्यार्थियों के बीच संदेह है। नीट यूजी की परीक्षा के दिन भी देश के अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था की गड़बडियां सामने आईं थीं।


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ईकाई शिमला के इकाई मंत्री अविनाश ने कहा कि पूरे प्रदेश व पूरे देश में इसके खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है साथ ही विद्यार्थी परिषद केंद्र सरकार से इस neet धान्दली पर सीबीआई जांच की मांग करती है। 






सोमवार, 10 जून 2024

*अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक सूरत में संपन्न हुई* *गौरव अत्री उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री,धनदेव ठाकुर बने अभाविप हिमाचल के प्रदेश संगठन मंत्री। - आकाश नेगी*

 



*अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक सूरत में संपन्न हुई*


*गौरव अत्री उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री,धनदेव ठाकुर बने अभाविप हिमाचल के प्रदेश संगठन मंत्री। - आकाश नेगी*





अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक 6 से 9 जून तक सूरत, गुजरात में संपन्न हुई। जिसमें देश भर से 368 राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद सदस्यों ने भाग लिया बैठक के पहले दिन नागरिक सत्कार समारोह का आयोजन किया गया जिससे देश के सभी प्रदेश के लोगों को गुजरात की संस्कृति से  रूबरू करवाया जा सके इस सांस्कृतिक समारोह में सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री मनोज जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। बैठक में शिक्षा क्षेत्र से संबंधित पांच प्रस्ताव पारित किए गए  जिसमें वर्तमान समय में राष्ट्र का परिदृशय, शैक्षिक परिदृशय व  , पर्यावरण , और वर्तमान समय में देश की नई सरकार से अपेक्षाएं  इन सभी विषय पर खुलकर चर्चा की गई, देश के विभिन्न  उच्च शिक्षण संस्थानों की प्रवेश परीक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग (Paper Leak) करना एवं संस्थागत अनियमितता, कुप्रबंधन तथा परीक्षाओं में कदाचार की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक है। परीक्षा तिथि से पूर्व छात्रों व अभ्यर्थियों को प्रश्न संग्रह दिए जाने से परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता और निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है । कुछ शिक्षा माफिया द्वारा प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने के साथ-साथ परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की जगह अन्य किसी व्यक्ति को बैठा कर भी कदाचार की घटनाओं को षड्यंत्रपूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। कुछ राज्यों में राज्य विश्वविद्यालय या उनसे संबंधित महाविद्यालयों की परीक्षा पद्धति में बार बार बदलाव करने से भी कुप्रबंधन की घटनाएं सामने आई है।


विगत वर्षों में केंद्र एवं राज्यों के विभिन्न शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लगभग 44 प्रश्नपत्र, उच्च शिक्षण संस्थानों (राज्य एवम् केंद्र सहित) के प्रवेश परीक्षा के लगभग 21, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के 5 सहित 93 प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग करने की घटना प्रकाश में आई है। साथ ही कतिपय मूल्यांकनकर्ता द्वारा उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के प्रति उदासीनता और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार भी चिंतनीय है। फलस्वरूप कड़ी मेहनत कर रहे विद्यार्थियों की शिक्षा, जीवन एवं उनके परिवार के मनोबल तथा रोजगार की संभावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। जिस कारण परीक्षार्थियों में अविश्वास और असंतोष व्याप्त हो रहा है।


वहीं शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बनाएं रखने हेतु संस्थागत निरीक्षण व मूल्यांकन करने वाले राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC), राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) एवं राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) जैसी संस्थाओं की त्रुटिपूर्ण कार्यप्रणाली से उत्पन्न परिणाम में भ्रष्टाचार, अदक्षता एवं अव्यवहारिकता की दुर्गंध आती है।


बैठक में नवीन संगठनात्मक घोषणाएं भी की गई, जिसमें हिमाचल प्रदेश के निर्वतमान संगठन मंत्री श्री गौरव अत्री को उत्तर क्षेत्रीय संगठन मंत्री का दायित्व सौंपा गया, वहीं धनदेव ठाकुर को अभाविप हिमाचल के प्रदेश संगठन मंत्री की जिम्मेवारी सौंपी गई।






रविवार, 9 जून 2024

शंकर तू है मेरा भजन का उपायुक्त चंबा श्री मुकेश रेपसवाल के द्वारा हुआ विमोचन

 शंकर तू है मेरा भजन का उपायुक्त चंबा श्री मुकेश  रेपसवाल  के द्वारा  हुआ विमोचन 





 शंकर तू है मेरा का सिंगल भजन ट्रैक संदीप राणा ऑफिशल यूट्यूब चैनल पर उपायुक्त चंबा श्री मुकेश रेपसवाल  के द्वारा आज रिलीज किया गया ।

 यह भजन भगवान शिव शंकर को समर्पित है,  जिसे संदीप राणा की मधुर आवाज में गाया गया है ।

भजन के बोल कंपोजिशन एवं संगीत संदीप राणा द्वारा तैयार किया गया है ।

 इस भजन के निर्माता पूजा ठाकुर हैं और वीडियो निर्देशक संजीव शर्मा ने किया है ।

 इस भजन की शूटिंग शिव भूमि भरमौर एवं भरमौर के आसपास के क्षेत्रों में की गयी है।


इससे पहले संदीप राणा कई एल्बम में बतौर गायक एवं अभिनेता के रूप में महत्वपूर्ण कार्य कर चुके हैं ।  इनमें  गादरेटी,  एक पहाड़न ,  माए नी  मेरिए ,  हाए मेरा दिलड़ू ,  हिमाचली माशूप, शरिके  बाजी एवम लोग पहाड़ा दें  में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं , जिन्हें लोगों द्वारा काफी सराहा गया है।

 विमोचन के दौरान उपायुक्त चंबा ने  

संदीप राणा एवं समस्त टीम को शुभकामनाएं दी , एवं कला के क्षेत्र को संजोए रखने के लिए प्रेरित किया ।

इस मौके पर उपायुक्त चंबा के साथ , ए डी सी श्री प्रृथि पाॅल सिंह ,   मशहूर साहित्यकार एवं लेखक अभिनव सत्यार्थी , उभरते व्लौगर रोहित ठाकुर ( कूल  चंबा  व्लौगर ) गुलशन ठाकुर  ( गुलशन व्लौग्स) शामिल रहे ।



*एस.एफ.आई. ने NEET परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन पर उचित जांच की मांग की*

 


*NTA को ख़त्म करो* 

*एस.एफ.आई. ने NEET परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन पर उचित जांच की मांग की*




4 जून को NEET-UG परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कई शिकायतें सामने आ रही हैं, जो NTA के परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही हैं। यह एन.टी.ए. लाए जाने के बाद से महत्वपूर्ण परीक्षाओं में  निरंतर हो रहे गंभीर भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन की श्रृंखला की एक और कड़ी के रूप में हुआ है। परिणामस्वरूप, यह एक बार फिर साबित हो गया है कि एक केंद्रीकृत संस्था एनटीए नीट जैसी प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाने में अक्षम और अयोग्य है।


एमबीबीएस-बीडीएस स्नातक स्तरीय प्रवेश परीक्षा में कुल अंक 720 होते हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाते हैं, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए कुल अंक में से 1 अंक काटा जाता है, जबकि अनुत्तरित प्रश्नों छोड़ दिया जाता है। उस स्थिति में, 719 और 718 जैसे अंक प्राप्त करना गणितीय रूप से संभव नहीं है। लेकिन ऐसे मामले कई परिणामों में देखे गए हैं। एन.टी.ए. ने एक बयान में लापरवाही से कहा है कि इस साल का रिजल्ट में ग्रेस मार्किंग भी हुई है। लेकिन इस साल परीक्षा से पहले एन.टी.ए. द्वारा प्रकाशित दशानिर्देशों में कहीं भी इस ग्रेस मार्किंग योजना का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।


इसके अलावा, ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि एक ही केंद्र से एक ही क्रम में लगातार रोल नंबर वाले छात्रों को समान अंक मिले हैं, जो की प्रसंगवश 720 में से 720 अंक हैँ। रैंक में इस गंभीर विवर्धन के कारण उम्मीदवारों को अब निजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर एन.टी.ए. की नीतियाँ जैसे कि पाठ्यक्रम में उल्लेखनीय कमी के कारण है। मोदी सरकार में जिस तरह से एनएमसी और एन.टी.ए. मिलकर मेडिकल शिक्षा का निजीकरण कर रहे हैं, वह देश के भविष्य के लिए खतरनाक है। मेडिकल क्षेत्र में राज्य-आधारित संयुक्त प्रवेश परीक्षा प्रणाली को बदलने के लिए अंतहीन भ्रष्टाचार का तर्क था, अब यही अंतहीन भ्रष्टाचार का आरोप NEET-UG को लेकर भी सामने आ रहा है।


स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया भ्रष्टाचार इस घटना की तत्काल पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग करता है। हम एन.टी.ए को खत्म करने और इसके अब तक के सभी घोटालों की जांच करने की मांग करते हैं। एस.एफ.आई. देश भर के छात्र समुदाय से एन.टी.ए. के माध्यम से शिक्षा के केंद्रीकरण के खिलाफ एकजुट होने का भी आह्वान करता है। 

     SFI राज्य कमेटी NEET परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार एवं कुप्रबंधन पर उचित जांच की मांग व हम एन.टी.ए को खत्म करने की मांग को लेकर 12 जून 2024 को उपायुक्त कार्यालय शिमला व राज्य भर में प्रदर्शन करेंगी।





शुक्रवार, 7 जून 2024

जन्म दिवस शुभ तेरा गुड़िया

 जन्म दिवस शुभ तेरा गुड़िया




          कविता


 प्रिय परी 

समय कब, कैसे निकल गया,

पता ही कहां चला।

नन्ही परी की मुस्कुराहट ने,

दिखाई ऐसी कला।

समय कैसे, कब निकल गया,

पता ही नहीं चला।।

नई खुशियां, नई उम्मीदें,

फिर से वापस आ गईं।

सूना था एक आंगन, आज 

किलकारी छा गयी।। 

एक ललक, एक उमंग,

जीने की नई चाहत है।

तेरी मधुर मुस्कान, देती 

मुझे गमों से राहत है।।

तेरे मुख से निकले,

अस्पष्ट से स्वर, चन्द शब्द।

उजाला दिखाते हैं, मन 

गुदगुदाते हैं, करते हैं स्तब्ध।।

अंधेरे को चीरते, उजाले की 

किरण से, उदासी मिटाते हैं।

ये नन्ही सी जान, जहान है,

सच में बच्चे जीना सिखाते हैं।

जन्म दिवस शुभ तेरा गुड़िया,

कैसे निकल गया ये साल।

स्वस्थ रहो तुम, मस्त रहो,

कभी झुके ना मेरा भाल।।


हरीश शर्मा

कवि, पत्रकार

संस्थापक, अध्यक्ष

बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान

लक्ष्मणगढ़ - (सीकर)

बात हिमाचल की






*चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हिमाचल प्रदेश की बेटी कंगना रनौत के साथ हुई घटना निंदनीय–अभाविप* *जिन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी अब उनसे ही खतरा–नैंसी अटल* *सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ा प्रश्न सुरक्षा कर्मी सुरक्षा के पहरी या सुरक्षा के लिए खतरा*



*चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हिमाचल प्रदेश की बेटी कंगना रनौत के साथ हुई घटना निंदनीय–अभाविप*


*जिन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी अब उनसे ही खतरा–नैंसी अटल*


*सुरक्षा व्यवस्था के सामने बड़ा प्रश्न सुरक्षा कर्मी सुरक्षा के पहरी या सुरक्षा के लिए खतरा*




*07/06/2024*

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        अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की प्रदेश सह मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहा कि पिछले दिन चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हिमाचल की बेटी के साथ हुई घटना निंदनीय  जिसकी विद्यार्थी परिषद कड़ी आलोचना करती है।

         नैंसी अटल ने कहा पिछले दिन हिमाचल की बेटी कंगना रनौत जिसने फिल्म जगत में और राजनीति के क्षेत्र में अपने छोटे से प्रदेश का नाम देश विदेश में रोशन किया है। हाल ही में वह संसदीय क्षेत्र मंडी से संसद के रूप में भी निर्वाचित हुई है। हिमाचल प्रदेश से दिल्ली जाते समय चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सीआईएफ की वर्दी में तैनात महिला जवान द्वारा कंगना रनौत पर हमला करना अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह सुरक्षा व्यवस्था पर खड़ा करता है कि जिन सुरक्षा कर्मियों को आम जनता की सुरक्षा के लिए लगाया गया है वही सुरक्षाकर्मी जनता की सुरक्षा का खतरा बन रहे। सीआईएसएफ की वर्दी में तैनात होकर इस तरह की घटना को अंजाम देना अपने आप में शर्मनाक घटना है।

           इस तरह की घटना से ही हमने देश की महिला नेता इंदिरा गांधी को भी खोया था। पंजाब में ही इस तरह की घटनाओं का बार-बार होना पंजाब सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

       साथ ही वो सीआईएसएफ के जवान जो देश की रक्षा के लिए अपनी जान तक की आहुतियां दे देते हैं और जिन सुरक्षा कर्मियों को आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है उन्हीं सुरक्षा कर्मियों से सुरक्षा का खतरा आम जनता को होना पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।

       नैंसी अटल ने कहा विद्यार्थी परिषद इस तरह की सोच रखने और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करती है,ताकि इस तरह की घटना दोबारा आम जनता और किसी भी व्यक्ति के साथ ना हो।





सोमवार, 27 मई 2024

*_"दादी तुम क्यों छोड़ गई"_*

 *_"दादी तुम क्यों छोड़ गई"_*


           *_कविता_*




दादी क्यों मुझको छोड़ गई,

तुम बिन कैसे रह पाऊंगी।

स्नेह भरा आलिंगन तेरा,

कैसे, कहो भुलाऊंगी।।

जब भी रोई, मां ने डांटा,

चुपके से मुझे मनाया है।

बांहों का झूला, गोद तेरी,

संग सदा तुम्हारा साया है।।

मां से छुपकर, पैसे दे कर,

टॉफी, कुल्फी दिलवाती तुम।

नित नई कहानी परियों की,

फिर मुझको रोज सुनाती तुम।

झुर्री वाला, वो ओज भरा,

चेहरा मैं नहीं भुला सकती।

हाथों से मुझे खिलाती तुम,

पर ना मैं तुम्हें खिला सकती।।

मुझको तो तुम बिन घर अपना,

बीराना जैसा लगता है।

इस घर का हर इक कोना, 

बिन तेरे बहुत सिसकता है।।

दादी तुम जल्दी आ जाओ,

तेरे आंचल में छिप जाऊं मैं।

उंगली को तेरी पकड़ चलूं,

पल भर भी ना घबराऊं मैं।।

आ जाओ दादी पास मेरे ,

या मुझे बुला लो अपने पास।

बिन तेरे कठिन बहुत जीवन,

पोती तुम बिन रहती उदास।।


*_कवि हरीश शर्मा_*

*_लक्ष्मणगढ़ - (सीकर)_*

*_राजस्थान_*

*_बात हिमाचल की_*