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गुरुवार, 30 मई 2024

काशीवासियों ने निकाली ऐतिहासिक मतदान संकल्प यात्रा सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने किया यात्रा का संयोजन

 काशीवासियों ने निकाली ऐतिहासिक मतदान संकल्प यात्रा


सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने किया यात्रा का संयोजन




वाराणसी : बात हिमाचल की : हरीश शर्मा : लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मद्देनजर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रत्येक स्तर पर पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को वाराणसी में क्रांतिकारी परिवारों, संत समाज और मातृशक्ति के नेतृत्व में मतदान संकल्प यात्रा निकाली गई। वीर सावरकर के वंशज सात्यकी सावरकर और शहीद उधम सिंह के वंशज उजागर सिंह भी इस यात्रा में शामिल हुए। शाम 5 बजे लक्सा में खाटू श्याम मंदिर से यात्रा प्रारंभ हुई और गौदोलिया, बांसफाटक होते हुए लगभग 8 बजे मैदागिन स्थित पाताल भूमि हनुमान मंदिर पर समाप्त हुई। काशी की विरासत और विकास को दर्शाती एक दर्जन से अधिक भव्य झांकियों से मानो किसी शोभायात्रा का दृश्य उपस्थित हो रहा था। यात्रा में डमरू दल, गाजे- बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ मतदान के लिए प्रेरित करते हुए गीत और नारे गूंजते रहे। यात्रा में सर्व समाज के प्रबुद्ध जन, व्यापार मंडल और पद्म पुरस्कारों से सम्मानित हस्तियां शामिल हुईं।

                      लगभग 10 हजार लोग इस यात्रा में शामिल हुए। यात्रा इतनी लंबी थी कि एक सिरे से दूसरे सिरे तक लगभग दो किलोमीटर का काफिला बन गया, जिसे पूरी तरह सिर्फ ड्रोन से ही देखा जा सकता था। सबसे आगे काशी सर्व समाज के प्रतिनिधियों के साथ यात्रा के संयोजक विधायक गोपाल शर्मा पैदल चल रहे थे। उनके साथ बड़ी संख्या में महिलाएं थीं, जो हाथों में अधिकतम मतदान की अपील वाली तख्तियां लिए हुए थीं।

                           वहीं वैदिक मंत्रोच्चार करते 151 विद्वानों की टोली और पुलिस बैंड का दल भी साथ था। इसके बाद आकर्षक फूलों और लाइट्स से सुसज्जित भारत माता, काल भैरव, काशी विश्वनाथ और संकट मोचन हनुमान के रथ थे। इसके बाद श्री राम झांकी बनाई गई थी, जिसमें भगवान राम, माता सीता, हनुमान जी और लगभग दो दर्जन वानर साथ चल रहे थे। काशी की विश्व प्रसिद्ध अघोरी होली के दृश्य भी दिखाए जा रहे थे। इसके साथ ही खाटू श्याम और दुर्गा माता के रथ भी निकाले गए। झांकियों और रथों के बीच में जगह-जगह पर कहीं पंजाबी ढोल वालों का ग्रुप था तो कहीं नगाड़ा बैंड तो कहीं डमरू टीम और कहीं शहनाई कलाकार माहौल को ऊर्जावान बनाए रखने का काम कर रहे थे। लगभग 50 की संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा भी साथ चल रहे थे, जिन पर मतदाता जागरूकता से जुड़े बैनर लगे हुए थे और वे लाउडस्पीकर के जरिए अधिकतम मतदान की अपील कर रहे थे।

                          मतदान संकल्प यात्रा का जगह-जगह भव्य तरीके से स्वागत किया गया। अनेक स्थानों पर मंच लगाकर यात्रा में चले रहे काशीवासियों पर पुष्पवर्षा की गई। कई जगहों पर बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने यात्रा का स्वागत किया और यात्रियों को तिलक लगाकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया। यात्रा के मार्ग पर जगह-जगह झंडे, मतदाता जागृति के लिए पोस्टर्स, बैनर लगाए गए थे। जिधर से भी यात्रा गुजरी, लोग हर हर महादेव और जय श्री राम के नारे लगाकर अभिवादन करते नजर आए। इस यात्रा के संयोजक गोपाल शर्मा जयपुर के सिविल लाइंस से विधायक हैं। वे लगभग एक महीने से वाराणसी प्रवास पर हैं और मतदाता जागरूकता से जुड़े आयोजन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले शर्मा के नेतृत्व में गत 25 मई को दशाश्वमेध घाट पर विराट सामूहिक हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग एक लाख लोगों ने अधिकतम मतदान का संकल्प लिया।

बुधवार, 4 जनवरी 2023

साहित्यिक मंच किस्सेदारियां की ओर से रामगढ़ शेखावाटी में हुआ ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन

 साहित्यिक मंच किस्सेदारियां की ओर से रामगढ़ शेखावाटी में हुआ ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन



BHK NEWS HIMACHAL 

बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान के संयोजक कवि हरीश शर्मा, समाजसेवी संजय हरितवाल व कुलदीप ने माँ सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारम्भ


किस्सेदारियां मंच व ओपन माइक में बेस्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभाओं को अभियान की ओर से बुक व प्रतीक चिन्ह देकर किया सम्मानित


कही मंदिर बनते है तो कही मज्जिद बनती है, अरे साहब ये तो बताओ मेरे माँ के हाथों के जैसी रोटियां ओर कहा मिलती है : कवि हरीश शर्मा 


रामगढ़ शेखावाटी -: कस्बे में साहित्यिक मंच किस्सेदारियां की ओर से ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन नया बस स्टेण्ड स्थित हेरिटेज छतरी में किया गया। यह जानकारी देते हुए कृष्ण कांत शर्मा ने बताया कि किस्सेदारियां मंच कला, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है तथा इस कार्यक्रम का आयोजन छुपे हुए कलाकारों को समाज के सामने लाने हेतु किया गया है, इसीलिए इस ओपन माइक कार्यक्रम का नाम "फाइंडिंग हिडेन जेम्स" रखा गया। इस कार्यक्रम में रामगढ़ शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़, सुजानगढ़, चूरू, एवं अन्य क्षेत्रों से विभिन्न कलाकारों ने शिरकत की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान के संयोजक कवि हरीश शर्मा, समाजसेवी संजय हरितवाल व कुलदीप ने माँ सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

                    कार्यक्रम के अगले चरण में कलाकारों के द्वारा कविता, गायन, बांसुरी वादन, गिटार वादन इत्यादि में निपुर्ण कलाकारों ने अपनी कला का परिचय दिया। शेखावाटी अंचल के जाने माने कलाकारों के सानिध्य में नए उभरते कलाकारों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कवि भैरों सिंह सोलंकी, नवयुवक लक्ष्य सोलंकी वीर रस का पाठ किया एवं  मायड़ भाषा के कवि गिरधारी ने सामाजिक मुद्दों को हास्य रस में पिरो कर प्रस्तुत किया। मंच का सफल संचालन दिनेश भारती व आरज़ू सैनी के द्वारा किया गया।

                      कार्यक्रम में बेटा पढ़ाओ -  संस्कार सिखाओ के आयोजक कवि हरीश शर्मा ने बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की एवं शिक्षा व संस्कारों की अलख जगाने के लिये सभी युवाओं को मार्गदर्शित किया। इस अवसर पर कवि शर्मा के द्वारा कही मंदिर बनते है तो कही मज्जिद बनती है, अरे साहब ये तो बताओ मेरे माँ के हाथों के जैसी रोटियां ओर कहा मिलती है सहित माँ की ममता को लेकर अनेकों कविताओं का वाचन करते हुए युवाओं में नया जोश भरा।

                   मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में निखिल धौलपुरिया, लक्की सांखला, कवि विश्वेंद्र, रितेश, ऋषभ, जिया चोटिया, अभिजीत चरण, सचिन स्वामी, राहुल, सूरज, आकाश, मुकेश रिणवा, राहुल सैनी, सुरेश कुमार ने भी अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम में नए रंग भरे। साहित्यिक मंच किस्सेदारियां के इस कार्यक्रम का संपूर्ण कार्यभार गोकुल भारती एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने संभाला। किस्सेदारियां मंच से खुशवंत शर्मा, शिवम बोचीवाल, कृष्ण कांत शर्मा, श्रीकांत शास्त्री ने भी कार्यक्रम के कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

                     कार्यक्रम के समापन पर कार्यक्रम में बेहतरीन प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों जिनमे लक्की सांखला, निखिल धौलपुरिया, कवि विश्वेन्द्र सुजानगढ़ के साथ-साथ साहित्यिक मंच किस्सेदारिया को बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान की ओर से प्रतीक चिन्ह व अभियान पर लिखित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।