धर्मपुर ग्रामीण विकास विभाग में कर्मचारियों के आधे पद ख़ाली
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में नहीं हुई कोई भर्ती
धर्मपुर विकास खण्ड में ग्रामीण विकास विभाग में कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के 85 पद ख़ाली पड़े हैं जिन्हें भरने के लिए वर्तमान सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में कोई भर्ती नहीं कि है।पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह हिमाचल किसान सभा के खंड अध्यक्ष रन्ताज राणा मनरेगा मज़दूर यूनियन के खंड अध्यक्ष करतार सिंह चौहान ने सरकार की इतने सारे पद खाली रखने के लिए सरकार व स्थानीय विधायक व मंत्री की कड़ी आलोचना की है और उनसे इन पदों को जल्दी भरने की मांग की है।पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर खण्ड में कुल 54 ग्राम पंचायतों के लिए सचिव एक तकनीकी सहायक एक ग्राम रोज़गार सेवक लगने हैं जिनकी कुल संख्या 162 बनती हैं लेकिन यहाँ पर केवल 77 ही कर्मचारी हैं और 85 पद ख़ाली पड़े हैं।वर्तमान में कुल 54 ग्राम पंचायतों के लिए 36 पँचायत सचिव 25 तकनीकी सहायक 23 ग्राम रोज़गार सेवक ही कार्यरत हैं जबकि नियमों के अनुसार प्रत्येक पँचायत में तीनों श्रेणियों के एक एक कर्मचारी प्रत्येक पँचायत में नियुक्त होना चाहिये।उन्होंने बताया कि मनरेगा में सभी जॉब कार्ड धारकों को साल में 120 दिनों का काम मिलना होता है लेकिन कर्मचारिओं की संख्या कम होने के कारण मज़दूरों को समय पर काम व वेतन नहीं मिलता है।गत वर्ष में धर्मपुर में औसत 60 दिनों का ही काम मिल पाया है।विकास कार्यों की समय पर जिओ टैगिंग और असेसमेंट नहीं हो पाती है जिसके कारण मज़दूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता है।खंड में वर्तमान में केवल 36 ग्राम पंचायतों में ही सचिव हैं और 18 सचिवों के पद ख़ाली पड़े हैं सबसे ज्यादा 32 पोस्टें तकनीकी सहायकों की और 30 पोस्टें ग्रामीण रोज़गार सेवकों की ख़ाली हैं।बहुत सी पंचायतों में मनरेगा और मदों के कार्यों के एस्टीमेट बनाने और असेसमेंट करने के लिए तीन पँचायतों पर एक तकनीकी सहायक नियुक्त है और ज़्यादा बजट के कार्यों की असेस्मेंट करने के लिए चार में से एक ही कनिष्ठ अभियंता काम कर रहा है और ब्लाक इंजीनियर का पद भी ख़ाली पड़ा है।पूर्व ज़िला पार्षद ने आरोप है कि ज़िला परिषद, विधायक और सांसद निधि तथा 14वें और15वें वितायोग का बहुत सा बजट भी पंचायतों में कर्मचारियों की कमी के कारण ख़र्च नहीं हो रहा है लेकिन सरकार में सबसे ज्यादा पावर रखने वाले मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में ही कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करवा पा रहे हैं।यही नहीं धर्मपुर में अन्य विभागों में भी छह सौ से ज़्यादा कर्मचारिओं के पद ख़ाली हैं जिनमें स्वास्थ्य विभाग में 160 बिजली में 115 शिक्षा और जलशक्ति विभाग में 70-70 लोकनिर्माण विभाग में 30 और कृषि में छह बागवानी में पांच राजस्व और आर्युवेदा विभाग में दस दस पद ख़ाली पड़े हैं जिन्हें वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में नहीं भरा गया।इससे युवाओं को रोज़गार से वंचित हो रहे हैं तो दूसरी तरफ आम जनता को सेवायें उपलब्ध नहीं हो रही हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें