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बुधवार, 3 अगस्त 2022

माननीय मुख्यमंत्री बल्ह के किसानों की भूमि को कौड़ियों के भाव में लेकर उन्हें उजाड़ने में कोई कसर बाकी न रहे पर अपना सपना साकार कर बल्ह से उड़ान भरने की तैयारी कर रहे हैं

 माननीय मुख्यमंत्री बल्ह के किसानों की भूमि को कौड़ियों के भाव में लेकर उन्हें उजाड़ने में कोई कसर बाकी न रहे पर अपना सपना साकार कर बल्ह से उड़ान भरने की तैयारी कर रहे हैं


BHK NEWS HIMACHAL

ललित चौहान: (नेरचौक) माननीय मुख्यमंत्री बल्ह के किसानों की भूमि को कौड़ियों के भाव में लेकर उन्हें उजाड़ने में कोई कसर बाकी न रहे पर अपना सपना साकार कर बल्ह से उड़ान भरने की तैयारी कर रहे हैं।सरकार की एकतरफा कार्यवाही का बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति विरोध करती है और करती रहेगी। मुख्यमंत्री को ऐसी क्या आवश्यकता पड गई कि सामाजिक प्रभाव का आकलन,सार्वजनिक सुनवाई,प्रभावित क्षेत्र के लोगों का पुनर्वास,पुनर्स्थापना और उन्हें कंहाँ बसाया जायगा,प्रस्तावित हवाई अड्डे की परियोजना रिपोर्ट क्या है,ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना इसे कैसे बढ़ाया जा सकता है,हवाई अड्डा क्षेत्र के लाभार्थी कितने हैं उनकी सूची के बिना श्री जय राम जी क्या दिखाने का दम भर रहे हैं।पर्यावरण  प्रभाव  का आकलन अभी तक किया नहीं और ना ही इसकी मंजूरी ली गई।इस क्षेत्र में एक जंगल भी है जिसका नाम डयोडा है जो डी पी एफ  में आता है उसकी भी मंजूरी नहीं ली गई है।



तकनीकी आर्थिक व्यवहार्य रिपोर्ट तैयार नहीं की गई।मुख्यमंत्री बताये यह  बाहड़ संभावित ग्रस्त क्षेत्र है या नहीं,अभी सुकेती,कंसा तथा लुहारी खड़ के चैनलाईजेशन करनी पड़ेगी उसके लिए और भूमि की जरूरत होगी।मुख्यमंत्री बहुफसली क्षेत्र से उजाड़े जा रहे किसानों के पुनर्वास के संबंध में कुछ भी बोल नहीं रहे हैं उन्हें तो सिर्फ हवाई अड्डा बनाना है।बरसात में चारों तरफ हरियाली ही हरयाली दिखाई देती है जब सुख पड़ेगा तब पता चलेगा।प्रस्तावित हवाई अड्डे की जद में आने वाले  किसानों की भूमि का अधिग्रहण मुख्यमंत्री बिना किसी औपचारिकता के करना चाहते हैं जो कदापि होने नहीं दिया जायेगा।




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