खड्ड-नालों के किनारों किये गए निर्माण से बाढ़ में होता है नुकसान-भूपेंद्र
धर्मपुर में बस स्टैंड, जलशक्ति विभाग का कार्यालय और अन्य भवनों का निर्माण है अवैध!
BHK NEWS HIMACHAL
धर्मपुर कस्वे में पिछले कुछ समय से सरकारी और निजी भवनों का बाढ़ संभावित क्षेत्रों में किया गया है और बरसात में यहां हमेशा ख़तरा बना रहता है।पिछली रात हुई भारी बारिश का पानी धर्मपुर बस स्टैंड व जलशक्ति विभाग के कार्यालय परिसर में भर गया है। माकपा नेता और पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर का बस स्टैंड बाढ़ संभावित क्षेत्र में सोन खःड्ड के किनारे बनाया गया है और उसके साथ एक और भवन का निर्माण हुआ है जिसे अब भूतपूर्व सैनिकों के लिए कैंटीन के लिए आवंटित किया गया है।इसके अलावा ब्यास नदी के किनारे लघु हरिद्वार कांढापतन के भवन और इसके साथ साथ लाखों लीटर क्षमता के पानी स्टोर करने के भंडारण टैंक बनाये गए हैं जहां पर बरसात में पानी भर जाता है।इसी प्रकार सिद्धपुर में व्यास नदी के बीच में मशरूम उत्पादन और प्रशिक्षण का भवन बना दिया गया है।इसके अलावा संधोल में बक्कर खःड्ड के बीचोबीच तथा नदी के किनारे पानी का टैंक बना हुआ है जो पिछले कल हुई भारी बारिश से आई बाढ़ के कारण पानी में डूब गया है।इसी प्रकार नाल्ड खःड्ड के साथ गौ सदन बनाया गया है जिस पर करोड़ो रूपये खर्च किये गए हैं।धर्मपुर में बाढ़ का पानी कई बार खण्ड विकास अधिकारी के कार्यालय के प्रांगण तथा कालेज ग्राउंड को पार करता हूँ गया था जिससे सभी दुकानों और सरकारी कार्यालयों में पानी भर गया था।लेकिन इससे कोई सीख न लेते हुए अब बस स्टैंड के साथ ही जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता का कर्यालय भवन बना दिया गया जिससे आजकल अधीक्षण अभियंता का दफ़्तर भी चल रहा है।हिमाचल पथ परिवहन निगम का पेट्रोल पंप और वर्कशॉप को भी यहीं बनाने की योजना है लेकिन उसके लिए अभी तक शिमला से अनुमति नहीं मिल पाई है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आठ साल पहले और आज आई बाढ़ का पानी बस स्टैंड में भर गया है लेकिन बाबजूद इसके सोन खःड्ड के किनारे निर्माण कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि ये सब निर्माण कार्य अवैध रूप में यहां के विधायक व मंत्री के इशारे पर हो रहा है और विभागीय अधिकारी उनके आगे कोई तर्क नहीं दे पाते हैं और मज़बूरी में उन्हें बाढ़ सम्भावित क्षेत्रों में ही विभागों के कार्यलयों का निर्माण करना पड़ता है।भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में बन रही सड़कों की मिट्टी और मलवा भी डंपिंग साइटों पर फैंकने के बजाये नालों व खड्डों में ही फेंका जाता है और बरसात में वह पानी के साथ बह जाता है और उससे भी बाढ़ आती है।मलवे को डंपिंग साइटों पर न फेंकने के लिए यहां के ठेकेदार जिम्मेदार हैं जो अधिकतर राजनीतिक तौर पर मंत्री का सरंक्षण प्राप्त हैं।यही नहीं यहां की खड्डों में खुले तौर पर अवैध खनन हो रहा है और उसमें मंत्री के बेटे का क्रशर खनन माफिया की भूमिका निभा रहा है।इसलिए बाढ़ संभावित क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माण औऱ खनन पर रोक लगनी चाहिए जिसके लिए माईनिंग विभाग और ग्रीन ट्रिब्यूनल को कार्यवाई करनी चाहिए।


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