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रविवार, 25 सितंबर 2022

प्रदेश सरकार द्वारा जिला परिषद के विभिन्न कर्मचारियों / अधिकारीयों को 6ठे वेतन याओग का लाभ तत्काल दिनांक (सितम्बर 2022) से देने का निर्णय लिया गया है

 प्रदेश सरकार द्वारा जिला परिषद के विभिन्न कर्मचारियों / अधिकारीयों को 6ठे वेतन आयोग का लाभ तत्काल  से देने का निर्णय लिया गया है 




BHK NEWS HIMACHAL

प्रदेश सरकार द्वारा जिला परिषद के विभिन्न कर्मचारियों / अधिकारीयों को 6ठे वेतन याओग का लाभ तत्काल दिनांक (सितम्बर 2022) से देने का निर्णय लिया गया है जुसके लिए पंचायती राज विभाग ने 23 सितम्बर 2022 को अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है। इससे जिला परिषद् के कर्मचारियों को अधिसूचना के जारी होने के बाद ही 6 ठा वेतन आयोग का लाभ मिल सकेगा और प्रदेश के अन्य कर्मचारिओं की तरह कोई एरियर नही मिलेगा। जिससे जिला परिषद् के सभी कर्मचारी ठगा महसूस कर रहे है और सरकार से खफा है तथा इस बात का कड़ा एतराज कर रहे है कि प्रदेश के अन्य कर्मचारियों की तरह जिला परिषद के कर्मचारी क्या कार्य नही करते है। इसी विभाग में विकास खण्डों में दूसरे पंचायत सचिवों और कनिष्ठ अभियंताओं को को ये लाभ वर्ष 2016 से दिया गया है जबकि एक ही विकास खण्डों में कार्यरत और एक ही तरह का कार्य करने के बावजूद जिला परिषद् के कर्मचारियों के साथ ये सौतेला व्यहार उन्हें हरगिज बर्दाशत नहीं है। इसी कारण जिला परिषद् कर्मचारी/ अधिकारी महासंघ ने जुलाई माह में हड़ताल भी की थी और पंचायतों का सारा कार्य ठप्प कर दिया था तथा सरकार और विभाग के आश्वाशन के बाद ही हड़ताल समाप्त की गयी थी। संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि उनके साथ मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री तथा मुख्य सचिव ने धोखा किया है। स्वयं मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने 14 अगस्त को भी संघ के पदाधिकारियों से कहा था कि उनको वेतनमान वर्ष 2016 से ही दिया जायेगा तथा पंचायती राज मंत्री भी बार-बार इन कर्मचारियों को झूठा आश्वाशन देते रहे। संघ ने कहा है कि इसके साथ साथ अन्य वादे भी बैठकों में किये गये थे जो अभी तक पुरे नहीं किये गये है महासंघ ने कहा है कि जब सरकार प्रदेश के अन्य कर्मचारियों को न्या स्केल 2016 से दे रही है तो हमारे साथ ये बार बार भेदभाव क्यों किया जाता है जबकि देखा जाये तो इस समय जिला परिषद् के कर्मचारी ग्रामीण स्तर पर सबसे ज्यादा कार्य कर रहे है और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर धरातल में उतार रहे है। संघ ने कहा है कि HRTC, राज्य सहकारी बैंक के कर्मचारियों तक को 6ठे वेतन आयोग का लाभ 2016 से देने का निर्णय लिया गया है फिर उनके साथ बार-बार ये धोखा क्यों संघ ने कहा है कि पंचायती राज विभाग भी उनके हक़ के लिए सरकार का पास पक्ष रखने में हमेशा की तरह नाकाम रहा है और ऐसा हमेशा से होता रहा है क्योंकि उनको स्वयं तो सभी लाभ समय- समय पर मिल रहे है और जिला परिषद् के कर्मचारियों की कोई चिंता नहीं है। महासंघ ने कहा है कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापिस ले अन्यथा तत्काल से हमें 6 ठे वेतन आयोग का


लाभ नहीं चाहिए और न ही हम इस आधार पर वेतन लेने जब तक 2016 से नहीं देंगे। इस बारे महासंघ की ओर से विभाग को भी


लिखित में अवगत करवा दिया जायेगा। संघ ने कहा है कि संघ इस बारे में शीघ्र अपने अधिकार की खातिर न्यायलय में जाएगा और अपने अधिकार की लड़ाई न्यायलय में लड़ेंगे इन्होने कहा है कि एक बार फिर हमारे पास दोबारा हड़ताल के इलावा कोई विकल्पः ही नहीं बचा है और इस बारे भी जल्दी ही महासंघ की बैठक करके निर्णय लिया जायेगा जिसके लिए विभाग तथा सरकार जिम्मेवार होगी। अगर ऐसा हुआ तो न केवल पंचायतों में सारा कार्य ठप्प पड़ जायेगा बल्कि सरकार की छवि भी खराब होगी। इसके साथ साथ चुनावों में भी इन्ही कर्मचारयों के कंधों पर इसका दाईतव रहता है जिससे आने वाले चुनावों में भी इसका अच्छा खासा असर पड़ेगा। साथ ही इतने कर्मचारियों की नाराजगी सरकार को महंगी पड़ेगी क्योंकि जिला परिषद् में लगभग 4 हजार से ऊपर कर्मचारी कार्यरत है जो सीधे तौर पर ग्रामीण स्तर पर जनता से जुड़े हुए होते है। संघ ने कहा है कि इसी विभाग में जो अन्य कर्मचारी जो पंचायतों में उनके साथ ही कार्य कर रहे है चाहे वो ग्रामीण रोजगार सेवक हो या कंप्यूटर ऑपरेटर हो या अन्य कर्मचारी हो, उनको वेतनमान वर्ष 2016 से ही दिया जा रहा है जो कि MNREGA योजना के तहत वेतन पा रहे है जबकि जिला परिषद् के कर्मचारियों को वेतन सरकार के द्वारा ग्रांट से दिया जा रहा है। वर्तमान में पंचायतों में विभाग की योजनाओं को अमली जामा पहनाने वाले जिला परिषद् के कर्मचारियों की तादाद लगभग 80-90% के करीब है और इसी तरह रहा तो एक दिन विभाग तथा सरकार को इनकी नाराजगी बहुत ही महंगी पड़ने वाली है जो सरकार को समय रहते देखने को जरूरत है क्योंकि आने वाले समय में विभाग में इन कर्मचारियों के इलावा कार्य करवाने का और कोई विकल्प भी नहीं बचेगा



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