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बुधवार, 12 अप्रैल 2023

*एसएफआई एचपीयू इकाई लगातार विश्वविद्यालय में राजनीति में शामिल होने वाले प्रोफ़ेसर के प्रति आंदोलन कर रही है*

 *एसएफआई एचपीयू इकाई लगातार विश्वविद्यालय में राजनीति में शामिल होने वाले प्रोफ़ेसर के प्रति आंदोलन कर रही है*



BHK NEWS HIMACHAL 

यादविंदर कुमार: आज विश्वविद्यालय एसएफआई इकाई ने यूजीसी नियमों को तार तार करने और एचपीयू में लगातार एबीवीपी, आरएसएस, बीजेपी, की बैठक और प्रोपोगेंडा करने वाले कुछ अध्यापकों के खिलाफ़ प्रैस विज्ञप्ति जारी की।



एसएफआई एचपीयू इकाई लगातार विश्वविद्यालय में राजनीति में शामिल होने वाले प्रोफ़ेसर के प्रति आंदोलन कर रही है जिसमे आज के समय एचपीयू में कुछ अध्यापक ऐसे है जो छात्रों को कक्षा लगाने में सक्षम नही है जो बीजेपी आरएसएस और एबीवीपी की गतिविधियां मीटिंग और प्रोपोगेंडा करनें में लगे हुए है और इनके इशारे पर एबीवीपी को एचपीयू में चलाया जा रहा है और आज एबीवीपी के द्वारा इनको बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।



कैंपस सचिव ने कहा कि एचपीयू में सैशन 4 महीने देरी से चल रहा हैं ऐसे में NEP और सीबीएस को छात्रों पर थोपा जा रहा है हम इसका लगातार विरोध कर रहे हैं लेकिन दुख की बात है की राजनीति करने वाले प्रोफेसर अपनी क्लास लगाने में सक्षम नहीं है ये अपना 50% सिलेब्स भी पढ़ा नही पढ़ा रहे यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर ये हो रहा है आज ऐसे प्रोफ़ेसर की वजह से एचपीयू बदनाम हो रहा है हाल में NIRF की रैंकिंग में एचपीयू 200 से बाहर है नेक ने ये तक कहा कि एचपीयू रिसर्च एकेडमिकस टीचिंग करवाने में सक्षम नही है ये सब हालत आरएसएस और बीजेपी समर्थित प्रोफ़ेसर की वजह से हो रहा हैं हाल में एचपीयू में 270 प्रोफ़ेसर भरे जो बीजेपी और कुछ ऊपरी पदो मे बैठे प्रोफेसर की करामात है जिसमे आरटीआई के माध्यम से देखा गया 70% प्रोफेसर फर्जी भरे गए है ये बीजेपी की और कुछ संघी प्रोफ़ेसर की करामात हैं आज ये क्लास न लगाकर आरएसएस की शाखाएं और एबीवीपी की मीटिंग करवा रहे है।



कैंपस अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने कहा कि आज एबीवीपी इनको बचाने का पुरजोर प्रयास कर रही है क्योंकि यही लोग एचपीयू में इस संगठन को चला रहे हैं ये लोग पांच साल बीजेपी की सरकार में फर्जी प्रोफ़ेसर भर्ती पर चुप रहे आउटसोर्स और पीएचडी धांधली में एबीवीपी खुद शामिल रहा इसलिए आज इन लोगो का बचाव किया जा रहा हैं  आज अगर राजनीति करनी हैं तो अध्यापकों के मुद्दे को लड़ने का काम करें इस प्रकार यूजीसी के नियमों को ताक पर रखकर बीजेपी एबीवीपी और आरएसएस की राजनीति इस विश्वविद्यालय में न करे क्योंकि आपके कारण एचपीयू का आम अध्यापक समुदाय भी परेशान है



आज एसएफआई इन लोगों के खिलाफ़ मोर्चा खोल चुकी है और तर्क के आधार पर प्रदेश की सरकार से ये मांग कर रहें हैं की जल्द फर्जी भर्तियों पर कमेटी का गठन करके जांच बिठाई जाए और जो जो प्रोफ़ेसर राजनीति में संलिप्त हैं उनपर कार्यवाही करके एचपीयू और मंडी जैसे विश्वविद्यालय से बाहर खदेड़ा जाए ताकि प्रदेश की रेंक को बचाया जा सके और छात्रों की कक्षाओं को लगाया जाए ।

एचपीयू में स्थाई वीसी की न्युक्ति करनी होगी और अगर इस पर कार्यवाही और जांच नहीं की गई तो ये आंदोलन और तीखा होगा ।

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