रेहड़ी यूनियन ने किया टाऊन वैंडिंग कमेटी से वाकआउट
नगर निगम की मनमर्ज़ी और अफ़सशाही के ख़िलाफ़ करेंगे आंदोलन-सुरेंद्र
सीटू ज़िला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह इसे बताया क़ानून की उलंघन्ना निगम के ख़िलाफ़ अगले कल सीटू की ज़िला कमेटी बैठक में इसके ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ने की बनेगी रणनीति
कमिश्नर एच एस राणा की तानाशाही और मनमर्ज़ी के कारण हुआ हंगामा
BHK NEWS HIMACHAL
ज्योति मंडी : मंडी शहर में चार सौ के आसपास रेहड़ी फहड़ी धारकों की समस्याओं और उन्हें क़ानून के तहत मिले आजीविका के अधिकार की रक्षा करने बारे आज टाउन वैंडिंग कमेटी की बैठक कमिश्नर की अध्यक्षता में निगम कार्यालय मंडी में आयोजित की गई। रेहड़ी फड़ी लगाने के अधिकार को क़ानून में मान्यता मिली हुई है।जिसके चलते नगर निगम मंडी में भी टाउन वैंडिंग कमेटी गठित की गई है।कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित 21 सदस्यीय टाउन वैंडिंग कमेटी की आज तीसरी बैठक आयोजित की गई।लेकिन गत दो बैठकों की कार्यवाही की प्रतियां सदस्यों को उपलब्ध नहीं करवाने के विरोध में यूनियन और अन्य गैर सरकारी सदस्यों ने मीटिंग में मुद्दा उठाया और उस पर जमकर बहस हुई लेक़िन सन्तोषजन उतर न मिलने और रेहड़ीधारकों के प्रतिनिधियों की मांगों को अनसुना करके अपनी मनमर्ज़ी से फैसला थोपने का यूनियन ने विरोध किया और यूनियन के प्रधान सुरेंद्र कुमार की अगुवाई में मीटिंग का वहिष्कार किया।सीटू से सबंधित रेहड़ी फहड़ी यूनियन के प्रधान सुरेंद्र कुमार शीलू सचिव प्रवीण कुमार वैंडिंग कमेटी सदस्य दीपक कुमार,दिनेश कुमार, सिकन्दर, रिहाना अख़्तर, दर्शनु देवी, निर्मला और बिमला देवी इत्यादि ने मीटिंग में ये मुद्दा सामूहिक तौर से उठाया कि निगम पिछले दो साल से लाइसेंस और पहचान पत्र भी जारी करने बारे फैसले तो ले रही है लेकिन आज तक ये वितरित नहीं किये गए हैं।यही नहीं गत वर्ष 20 जुलाई 2022 को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को भी ग़ुमराह किया गया था और उनसे 20 रहड़ीधारकों को बिना किसी हस्ताक्षर के लाइसेंस वितरित करवा दिए थे जिन पर अभी तक भी हस्ताक्षर नहीं किये गए हैं।निगम ने वैंडिंग और नो वैंडिंग क्षेत्रों के बारे में तथा रेहड़ीधारकों का जो सर्वेक्षण किया है उसकी भी अधुसूचना जल्दी जारी करने का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया।यूनियन ने आरोप लगाया कि निगम के कर्मचारी मनमर्ज़ी के आधार पर रेहदीधारकों को हररोज़ परेशान करते रहते हैं जिस पर तुरन्त रोक लगनी चाहिए।वैंडिंग क्षेत्रों को प्रदर्शित करने के लिए यलो लाईन लगाने बारे कई बार फ़ैसला लेक़िन अभी तक ये काम भी नहीं हुआ है।पिछले दस वर्षों में शहर में कई नई रेहड़ियां भी लगी है जिन्हें स्थान और पहचान पत्र जारी नहीं हुए हैं।यही नहीं जो एक प्रकार और आकार की नेम प्लेट रेहड़ी वालों को निगम ने जारी करनी थी वे भी अभी तक जारी नहीं कि है।इसके अलावा गुजराती समुदाय द्धारा लगाई जाने वाली सन्डे मार्किट, कोविड काल की तहबाजारी मुआफ़ करने, आजीविका मिशन के तहत बीमा करने, रेहदी फहड़ी धारकों से कूड़ा दिन के बजाये शाम को एकत्रित करने की मांग की गई।इसके अलावा सदर के विधायक अनिल शर्मा द्वारा रेहड़ी वालों को बेदख़ल करने के निर्देशों का भी विरोध किया है और उन्हें सलाह दी गई कि वे पहले क़ानून का अध्यन कर लें और उसके अनुसार ही आचरण करें अन्यथा यूनियन उनके इस रेहड़ी फहड़ी विरोधी गतिविधियों के ख़िलाफ़ उनके खिलाफ प्रदर्शन करेगी।वे टाउन वैंडिंग कमेटी के फैसलों को बदलने के लिए अनावयशक और गैर कानूनी तौर पर निगम कर्मचारियों पर दबाब डालते हैं।यूनियन ने ये भी मांग उठाई की सभी रेहड़ियों को सुंदर,व्यवस्थित और आकर्षक बनाने तथा उन पर सौर ऊर्जा की लाइटें लगाने के लिए आजीविका मिशन के तहत वित्तिय सहायता प्रदान की जाये।किसी र रेहड़ीधारक को घर पर काम पड़ने पर रेहड़ी बन्द रखने की सूचना निगम को देने के प्रस्ताव का विरोध किया गया।यूनियन ने नगर निगम को इसके लिए 10 दिन का समय दिया है।

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