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गुरुवार, 20 अप्रैल 2023

*भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्कसवादी) की मंडी जिला कमेटी की बैठक मंडी में आयोजित की गई*

 *भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्कसवादी) की मंडी जिला कमेटी की बैठक  मंडी में आयोजित की गई*



BHK NEWS HIMACHAL 

ज्योति मंडी : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्कसवादी) की मंडी जिला कमेटी की बैठक  मंडी में आयोजित की गई। कल देर शाम तक चली सीपीआई(एम) मंडी जिला कमेटी की इस बैठक में जनता से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। 



इस अवसर पर माकपा राज्य सचिवालय सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार तरह-तरह से आम जनता पर आर्थिक बोझ लाद रही है। इस समय देश तथा देश की आम जनता सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं। मोदी सरकार ने महंगाई थोंपने के सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। हर घर की रसोई में उपयोग होने वाली हर सामग्री से लेकर, हर प्रकार की जरूरी सामग्री तथा किसी भी माध्यम की यात्रा अत्यधिक महंगी कर दी है। तरह-तरह के तरीके अपनाकर आम जनता की जेब से उगाही की जा रही है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, कृषि, बागवानी, पशुपालन, परिवहन आदि पर आम जनता की सबसिडियां छीनकर अपने पूंजीपति धनकुबेरों को भारी भरकम सबसिडियां दी जा रही हैं। आम जनता पर तरह तरह के टैक्स थोंप कर बैंकों में पड़ी उनकी जमा पूंजी को पूंजीपतियों को लुटवाया जा रहा है तथा बड़े पूंजीपतियों के कर्जे माफ किये जा रहे हैं। मोदी सरकार की पूंजीपति पोषक नवउदारवादी नीतियों से पब्लिक सैक्टर तहस-नहस हो रहा है तथा बैंक डूबने की कगार पर हैं। बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ रही है तथा चौतरफा भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। भ्रष्टाचारियों को भाजपा में शामिल कर उनके सारे मकद्दमें माफ कर सारे पापों पर पर्दा डाला जाता है और सरकार का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर उन्हें भाजपा की इकाई की तरह चलाया जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार की मार झेल रही जनता जब सरकार के खिलाफ एकजुट होने लगती है सांप्रदायिक मुद्दे उछाल कर असली मुद्दों ध्यान हटाया जाता है। 



उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने बारे गंभीर नहीं है तथा चुनावों के समय गिनाई गई गारंटियों को लागू करने बारे भी  टालमटोल कर रही है। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी जैसी सेवाओं की हालत खस्ता है। इनको दुरुस्त करने बारे सरकार ने कोई रोड़ मैप तैयार नहीं किया है। पूर्व भाजपा सरकार की तरह ही वर्तमान कांग्रेस सरकार के दौरान भी कई छुट्टभैये नेता कर्मचारियों की ट्रांस्फर के व्यापार में सक्रिय हो गये हैं। हर कोई अपने को मुख्यमंत्री का खास बताकर तबादलों के इस धंधे में सक्रिय हो गये हैं। मुख्यमंत्री को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। 



माकपा जिला कमेटी ने मांग उठाई है कि मंडी के प्रस्तावित एयरपोर्ट को बल्ह की उपजाऊ भूमि पर न बनाया जाये, विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े सभी पदों को पारदर्शी तरीके से तुरंत भरा जाये, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने बारे तुरंत कदम उठाये जायें, चरमर्रा चुकी स्वास्थ्य व परिवहन सेवाओं को दुरुस्त किया जाये। 


जंगली जानवरों व आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस कार्यवाही की जाये, बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा दिया जाये, निर्माणाधीन व प्रस्तावित फोरलेन सड़कों के निर्माण कार्य में 80 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं एवं प्रदेश के बेरोजगारों को दिया जाये। 



माकपा की मांग है कि मनरेगा में 20 कार्यों की शर्त हटाई जाये, दिहाड़ी बढ़ाकर 600 रूपये की जाये, एक साल में 200 दिन के काम का प्रावधान किया जाये, जब तक केंद्र सरकार 600 रूपये दिहाड़ी तथा 200 दिन के काम का कानूनी प्रावधान नहीं करती तब तक प्रदेश में 120 दिन का काम हर आवेदक परिवार को सुनिश्चित किया जाये तथा दूसरे मजदूरों के बराबर 375 रूपये दिहाड़ी दी जाये, समय पर काम दिया जाये तथा पूरा काम दिया जाये। मनरेगा का बजट बढ़ाया जाये। मनरेगा कामगारों व निर्माण मजदूरों को श्रमिक कल्याण बोर्ड से मिलने वाले लाभ तथा पंजीकरण व नवीनीकरण वहाल किया जाये। 


बैठक में भूपेंद्र सिंह, महेंद्र राणा, जयवंती, राजेश शर्मा, सुरेश सरवाल, जोगिन्दर वालिया, रविकांत, वीना वैद्य, रविन्दर कुमार, दिनेश काकू, इंद्र सिंह आदि ने भी हिस्सा लिया।



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