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रविवार, 4 जनवरी 2026

*वेनेजुएला पर हुए अमेरिकी हमले पर एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य समिति का वक्तव्य*

 *वेनेजुएला पर हुए अमेरिकी हमले पर एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य समिति का वक्तव्य*


*वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को देर रात उनके घर से अमेरिकी कमांडो द्वारा गिरफ्तार करने और वेनेजुएला पर ट्रंप सरकार द्वारा हमले और कब्जे के विरुद्ध पूरी दुनिया में हो रहे विरोध के साथ एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य समिति एकजुटता जाहिर करता है।*


एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य समिति ने वेनेजुएला की सम्प्रभुता पर किए इस हमले की कड़ी निंदा की है। * एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य समिति ने लिए प्रस्ताव में कहा कि किसी स्वतंत्र देश पर हमला, उसकी चुनी हुई सरकार को हटाना और उसके प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है।* वेनेजुएला पर हमले के मामले पर यह तथ्य है कि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका के संवैधानिक प्रावधानों का भी खुला उल्लंघन किया है। हमले के संदर्भ में अमेरिकी कांग्रेस से मंजूरी लेना तो दूर की बात है ट्रंप ने कांग्रेस को सूचना तक नहीं दी। दुनिया में पेट्रोडॉलर का वर्चस्व बनाए रखने के लिए ट्रंप प्रशासन ने यह हताशापूर्ण गैर पारंपरिक कार्रवाई की है। लेकिन इस तरह की गई कार्रवाईयों से पेट्रोडॉलर के वर्चस्व को बनाए रखना अब अमेरिका के लिए संभव नही है। उलटे दुनियाभर में इस तरह की कार्रवाई अशांति और अस्थिरता ही पैदा करेगी।


एस एफ आई हिमाचल प्रदेश राज्य समिति ने प्रस्ताव में कहा कि वेनेजुएला का अपराध महज इतना था कि उसने अपने प्राकृतिक संसाधनों पर अपने लोगों का अधिकार स्थापित करने की कोशिश की और तेल क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों से मुक्त करने की कोशिश की थी। वेनेजुएला ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के एकाधिकार को चुनौती दी।* अमेरिका का यह कहना कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ड्रग्स व्यापार में लिप्त थे और विरोधियों की लोकतांत्रिक गतिविधियों पर हमला कर रहे थे, इसलिए उसने वेनेजुएला पर हमला किया, पूरी तौर पर पाखंड है।

 *अमेरिका दुनिया भर में तानाशाही की सरकारों का समर्थन करता है और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष ढंग से ग्लोबल साउथ के देशों के संसाधनों पर कब्जा करता आ रहा है।*

एआईपीएफ एनडीए की केंद्र सरकार से यह मांग करता है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला पर कब्जा करने के खिलाफ वह अपना विरोध दर्ज कराए। क्योंकि यह हमला ग्लोबल साउथ के सभी देशों के आत्मनिर्णय के अधिकार पर हमला है। इसी तरह के हमले पहले भी अमेरिका इराक, लीबिया आदि देशों में बहाने बनाकर करता रहा है।

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