फ़ॉलोअर

शनिवार, 19 मार्च 2022

मुख्यमंत्री द्धारा 29 नवंबर को किये गए उदघाटनों की पटिकाएं लगाने के लिए पुनः समारोह आयोजित करने अभियान जारी विधानसभा में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी जलशक्ति बार बार कर रहे हैं अधूरे कार्यों के उदघाटन-भूपेंद्र

मुख्यमंत्री द्धारा 29 नवंबर को किये गए उदघाटनों की पटिकाएं लगाने के लिए पुनः समारोह आयोजित करने अभियान जारी


BHK NEWS HIMACHAL

विधानसभा में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी जलशक्ति बार बार कर रहे हैं अधूरे कार्यों के उदघाटन-भूपेंद्र 



धर्मपुर में 29 नवंबर को मुख्यमंत्री ने 96 विकास कार्यों के उदघाटन एक ही स्थान पर किये थे।जिनके लिए बनीं पटिकाओं पर भी मुख्यमंत्री का नाम ही अंकित है और डेट भी वही है लेकिन उसके बाद इन पटिकाओं को सबंधित विकास कार्यों के वास्तविक स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें वहां स्थापित करने का कार्य जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह कर रहे हैं।इसी कड़ी में पिछले कल जलशक्ति मंत्री डरवाड़ और घरवासड़ा और पिपली पंचायतों के दौरे पर थे और फ़िर से सरकारी विभागों के अमले के साथ उन्हीं कार्यों में उदघाटन समारोह किये जिनके मुख्यमंत्री ने कर दिए थे और उसके बाद उन्होंने 24 जनवरी को अपने जन्मदिन के अवसर पर भी इन्हीं कार्यों के उदघाटन किये थे और अब पिछले कल फ़िर से उन्हीं कार्यों के उदघाटन किये गए।जिनमें डरवाड़ व चतरैना पेयजल और सिंचाई योजना, पेयजल भण्डारण टाँक, छत्रेणा सड़क व पुल, सासन और सकलानी बस्ती की सड़कों तथा शिवा प्रोजेक्ट के तहत बगीचा लगाने के कार्य के लिए पिछले साल से अब तक चार बार उदघाटन समारोह हो चुके हैं।पूर्व ज़िला पार्षद व माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने बताया किमुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान विपक्ष के एक सवाल के उत्तर में बार बार उदघाटन समारोह आयोजित न करने के लिएसहमति जताई थी और ऐसा न करने के लिए निर्देश दिये थे।लेकिन इन निर्देशों का असर जलशक्ति मंत्री पर कम ही होता है और वे लगातार ऐसा ही कर रहे हैं।यही नहीं वे होली के दिन भी उदघाटन करने में व्यस्त है। जिन कार्यों के उदघाटन पिछले कल किये गए वे सभी अभी भी अधूरे और हो सकता है चुनावों से पहले एक दो बार और इनके समारोह आयोजित हों तो कोई हैरानी नहीं होगी।कियूंकि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में ये नियम ही बन गया है जिसके चलते कई कई बार एक काम के उदघाटन होने का नियम ही बन गया है।उन्होंने कहा कि इस मण्डल के अंतर्गत विभिन्न  पेयजल व सिंचाई योजनाओं के भूमिपूजन, शिलान्यास, उदघाटन और लोकार्पण के नाम पर जलशक्ति मंत्री पर फिजूलखर्ची के आरोप माकपा नेता व पूर्व ज़िला परिषद सदस्य ने भूपेंद्र सिंह ने लगाये हैं।उन्होंने बताया कि मंत्री ने गत चार वर्षों में 65 बार  भूमि पूजन, शिलान्यास,उदघाटन और लोकार्पण समारोह किये हैं और एक काम के कई कई बार समारोह आयोजित किए तथा उन पर हजारों रुपये खर्च कर दिए हैं।भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि मंत्री ने यहाँ पर एक नई प्रथा शुरू की है जिसके तहत वे एक काम का पहले वे भूमिपूजन करते हैं उसके बाद शिलान्यास करते हैं फ़िर उदघाटन और फ़िर लोकार्पण करते हैं।उसके बाद वे उन्ही कार्यों का नवीकरण,पुनर्वास और जीर्णोद्धार तथा सुदृढ़ीकरण के नाम पर समारोह करते हैं।वे एक ही पेयजल स्कीम के अलग अलग कम्पोनेंट के भी अलग अलग उदघाटन करके अपना टीए डीए बढ़ाते हैं साथ ही विभगीय अधिकारियों का भी ख़र्च बढ़ाते हैं।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 24 जनवरी 2022 को अपने जन्मदिन के मौके पर दर्जन भर कामों के शिलान्यास किये जिनमें कुछ कार्य अभी अधूरे हैं लेकिन बाबजूद उनके उदघाटन कर दिए गए हैं।इस दिन भड्डू-चस्वाल व छतरैणा गांवों के लिए जल संग्रहण तथा उठाऊ सिंचाई योजना का तथा पांच ग्राम पंचायतों के समूह संधोल, नेरी, सोहर, बैरी, दतवाड व घनाला के लिए उठाऊ सिंचाई योजना के उदघाटन समारोह किये गए हैं लेकिन ये स्कीमें अभी अधूरी हैं।लेकिन मंत्री ने इन्हें जनता को समर्पित कर दिया है।इसी प्रकार बहरी से धवाली मढ़ी सिंचाई योजना को भी जनता के लिए समर्पित कर दिया गया है लेकिन हक़ीक़त में इस सकीम से भी किसानों के खेतों को पानी नहीं मिला है।भूपेंद्र सिंह ने इस कर्यप्रणाली को फिजूलखर्ची बढ़ाने वाली करार दिया है।उन्होंने बताया कि ये 65 उदघाटन केवल जलशक्ति विभाग के ही हैं लेकिन मंत्री ने इनसे भी चार गुणा समारोह लोकनिर्माण विभाग सबंधित कार्यों के किये हैं।उसमे तो मंत्री सड़क में रोड़ी डालने का अलग तो उसे पक्का करने तथा आर सी सी डालने तथा डंगे लगाने के भी भूमिपूजन और उदघाटन समारोह आयोजित करते हैं।यही कारण है कि जलशक्ति मंत्री का दैनिक और यात्रा भत्ता सबसे ज्यादा है।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को इसके लिए नियम बनाने चाहिए और बार बार उदघाटन करने के बजाए पहली बार शिलान्यास तथा दूसरी बार लोकार्पण समारोह ही आयोजित करने चाहिए।

वाइट भुपेंद्र सिंह 



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें