फ़ॉलोअर

शुक्रवार, 18 मार्च 2022

स्टील कम्पनियों की लूट रोकने में सरकार विफल-माकपा पिछले 15 दिनों में स्टील की कीमतों में दो हज़ार प्रति किविन्टल से ज्यादा हो गई है मूल्य वृद्धि

 स्टील कम्पनियों की लूट रोकने में सरकार विफल-माकपा

पिछले 15 दिनों में स्टील की कीमतों में दो हज़ार प्रति किविन्टल से ज्यादा हो गई है मूल्य वृद्धि


BHK NEWS HIMACHAL

 मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने हिमाचल सरकार पर  प्रदेश में स्टील और सीमेंट कंपनियों की  लूट पर रोक  न लगा पाने के लिए कड़े शब्दों में निंदा की है।पार्टी के सचिव व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बताया हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से सीमेंट कंपनियां दाम बढ़ा कर हिमाचल में मंहगा और पड़ोसी राज्यों में सस्ता सीमेंट बेच रही हैं जिसका कारण आम आदमी को समझ नहीं आ रहा है।जबकि हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के उद्योग लगे हुए हैं और सीमेंट यहां महंगा है और पड़ोसी राज्यों में सस्ता मिल रहा है।अब स्टील कम्पनियों ने पिछले कुछ दिनों से सरीये का रेट बढ़ा कर लूट मचाई हुई है। जिसके चलते आजकल स्टील (सरिया) काफी अधिक दामों पर बेचा जा रहा है और प्रदेश सरकार स्टील कंपनियों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफ़ल रही है।उन्होंने बताया कि स्टील कम्पनियां रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध का बहाना बनाते हुए स्टील और सरीए का रेट 1800 रुपए से लेकर 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ा दिया है और हररोज स्टील के दामों में हररोज़ बेलगाम बढ़ोतरी हो रही है लेक़िन सरकार तमाशबीन बनी हुई है। स्टील कंपनियों की लूट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युद्ध के नाम पहले दो हजार रुपए प्रति क्विंटल तक स्टील के दाम बढ़ा दिए हैं जबकि भारत वर्ष स्टील विदेशों को निर्यात करता है तो फ़िर रूस और यूक्रेन के युद्ध का इसकी कीमतों पर कैसे प्रभाव पड़ रहा है। भवन निर्माण में प्रयोग होने वाली सबसे मजबूत व जरूरी सामग्री में शामिल सरिया के रेट इन दिनों हिमाचल प्रदेश में 8500 से लेकर 9000 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं, जबकि फरवरी मे  यह भाव 6000 से 6500 रुपए तक थे।कम्पनियों ने युद्ध का हवाला देते हुए ये बृद्धि की है।लेक़िन सबसे चिंताजनक बात यह है कि मूल्य बृद्धि को रोकने के लिए सरकारी तंत्र पूरी तरह से फ़ेल साबित हो रहा है।इसलिए माकपा ने सरकार से मांग की है कि कम्पनियों पर शिकंजा कसा जाये और स्टील और सरीये के दाम नियंत्रित किये जायें और स्टील की कृत्रिम कमी और मूल्य वृद्धि पर रोक लग सके।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें