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मंगलवार, 8 मार्च 2022

मनरेगा महिला मजदूरों के साथ सरकार कर रही है भेदभाव अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन तक महिला मजदूरों की धर्मपुर में 7 करोड़ रुपये की पैमेंट पैंडिंग

 मनरेगा महिला मजदूरों के साथ सरकार कर रही है भेदभाव



अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन तक महिला मजदूरों की धर्मपुर में 7 करोड़ रुपये की पैमेंट पैंडिंग


अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मनरेगा में काम करने वाली हज़ारों महिला मज़दूर बिना वेतन के हैं साथ ही सरकार उन्हें अन्य मजदूरों के 147 रु कम दे रही है।इन मजदूरों को पिछले पांच महीनों से सरकार वेतन नहीं दे पा रही है जिसके बारे मनरेगा मज़दूर यूनियन में सरकार पर मजदूरों के साथ भेदभाव और शोषण करने का आरोप लगाया है।मनरेगा मज़दूर यूनियन धर्मपुर के खंड अध्यक्ष करतार सिंह चौहान महासचिव प्रकाश वर्मा, मंजू देवी, निलमा देवी, अति देवी, शिला देवी, रजनी देवी, वीना देवी, कृष्णि देवी, निर्मला देवी, उर्मिला देवी,ऋतू देवी, सरोजा, मीना, चंद्रकांता, बबली,हिमा देवी, शिला देवी इत्यादि ने बताया उन्हें पिछले पांच महीनों से मनरेगा में काम करने की मज़दूरी नहीं मिल रही है जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।उधर मनरेगा मजदूर यूनियन के राज्य महासचिव व पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बताया कि धर्मपुर में कुल 27057 हज़ार परिवारों के जॉब कार्ड बने हैं जिनमें 46260 हज़ार मज़दूर काम करते हैं जिनमें 95 प्रतिशत महिलाएं हैं।लेकिन इनमें से कुछ मजदूरों को अगस्त 2021तथा अक्तूबर के बाद सभी मजदूरों को मज़दूरी नहीं मिली है और आज महिला दिवस के मौके पर भी सरकार को इन हज़ारों महिलाओं की याद नहीं आई।उन्होंने बताया कि धर्मपुर विकास खण्ड में 7 करोड़ की पैमेंट मजदूरों की लंबित है तथा 4 करोड़ सामग्री की पैंडिंग है और इस प्रकार कुल 11 करोड़ रुपये अदा करने के लिए लंबित है।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार ने मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी बजट में न बढ़ा कर इनसे भेदभाव किया है और यूनियन की मांग है कि इन्हें भी अन्य मजदूरों के बराबर 350 रु दैनिक मज़दूरी मिलनी चाहिए।उन्होंने सरकार से मांग की है कि पिछले छह महीने की लंबित मज़दूरी जल्दी अदा की जाए तथा इनकी दिहाड़ी भी बढ़ाई जाये।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक तरफ़ तो सरकार महिला दिवस मना रही है लेक़िन उनको अन्य मजदूरों से कम मज़दूरी देकर उनका शोषण किया जा रहा है।



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