धर्मपुर में बिजली विभाग में कर्मचारियों का टोटा
सौ से ज्यादा पोस्टें ख़ाली,ऑउट सोर्स मजदूरों से चलाया जा रहा है काम
BHK NEWS HIMACHAL
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजली बोर्ड के मण्डल में कर्मचारियों की भारी कमी है।इस मण्डल के तहत कुल स्वीकृत पद 260 हैं जिनमें से 145 पद ही भरे हैं और 115 पद ख़ाली हैं।पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह द्धारा आरटीआई से जुटाई गई सूचना से पता चला है कि धर्मपुर में वर्तमान में विभिन्न क्षमता के 454 ट्रांसफॉर्मर हैं और 18 हज़ार उपभोक्ता हैं लेकिन इन सबको बिजली मुहैया कराने का काम मात्र 115 कर्मचारियों के कंधों पर है जो कुल स्वीकृत पदों का 40 प्रतिशत ही है।इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि जिस विभाग के पास सभी को रोशनी पहुंचाने का जिम्मा सौंपा है उसमें जरूरत के अनुसार कर्मचारी ना होने से अंधेरा छाया हुआ है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान सरकार के बिद्युत मंत्री सुखराम चौहान तीन बार यहां दौर कर चुके हैं लेकिन वे धवाली व अन्य स्थानों पर लग रहे बड़ी क्षमता के ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण करके और टीए डीए बना कर लौट जाते हैं लेकिन ख़ालीपदों को भरने बारे कोई क़दम पिछले चार सालों में नहीं उठाये हैं।उन्होंने बताया कि वर्तमान में सबसे ज्यादा 36 में से 31एएलएम की पोस्टें तथा 27 में से 25 पद टी मेटों के खाली पड़े केवल मात्र दो ही टी मेट कार्यरत हैं।इसके अलावा सात सात पद लाईनमैंनों,कनिष्ठ सहायकों और वरिष्ठ लिपिकों के ख़ाली पड़े हैं।पांच पद जूनियर टी मेटों के तथा चार पद जेई तथा अन्य कर्मचारियों के 30 पद ख़ाली पड़े हैं।बोर्ड द्धारा 17 मज़दूर ऑउट सोर्स आधार पर लगाये हैं।भूपेंद्र सिंह ने जलशक्ति मंत्री पर आरोप लगाया है कि वे अपने कार्यकल में विभागों में रैगुलर व अनुबंध आधार पर कोई भर्ती नहीं कर पाये हैं और जलशक्ति विभाग में भी सौ-डेढ़ सौ रुपये दिहाड़ी पर मजदूर भर्ती करके युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।उन्होंने सरकार व बिजली बोर्ड से इन ख़ाली पदों को जल्दी भरने की मांग की है।
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