जनवादी महिला समिति व जनवादी नौजवान सभा ने बिलकिस बानो मामले मे हत्या और सामूहिक बलात्कार के 11 दोषियों को रिहा किए जाने की कडी निन्दा करते हैं
BHK NEWS HIMACHAL
जनवादी महिला समिति व जनवादी नौजवान सभा ने बिलकिस बानो मामले मे हत्या और सामूहिक बलात्कार के 11 दोषियों को रिहा किए जाने की कडी निन्दा करते हैं।और सुप्रीम कोर्ट से गुजरात सरकार के फैसले को रद्द किए जाने की मांग करते हैं साथ ही राज्यस्थान के जालौर जिले के एक निजी स्कूल के अध्यापक द्वारा आठ साल के बच्चे द्वारा सवर्णों के घडे से पीने का पानी ले लेने पर इतनी पिटाई की कि 23 दिन तक ईलाज करवाने के बाद भी उसकी मृत्यु हो गई। आजादी के 75 वर्षों के बाद भी देश मे व्याप्त छूआछूत की हम कडी निन्दा करते हैं व आरोपी शिक्षक को कडी से कडी सजा देने की मांग करते हैं। जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष वीना वैद्य व जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने कहा कि गोधरा की घटना के बाद गुजरात मे बडे पैमाने पर साम्प्रदायिक नरसंहार हुआ था।महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्याओँ की बर्बर घटनाएं हुई।बिलकिस बानो के साथ भी ऐसी दरिँदगी हुई थी।बिलकिस बानो उस समय पांच महीने की गर्भवती थी जब उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उसकी आँखों के सामने उसकी मां और उसके परिवार की तीन अन्य महिलाओं के साथ भी सामूहिक बलात्कार हुआ।यहां तक की उसकी तीन साल की बेटी को भी 13अन्य लोगों के साथ 30-40 लोगों की भीड ने मार डाला। इनमें से 19 लोगों को आरोपी बनाया गया था विशेष अदालतों ने सबूतों के अभाव मे सात अपराधियों को बरी कर दिया था, एक मृत्यु हो गई थी, शेष 11 को आजीवन कारावास दिया था। 15 अगस्त को देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा था,उस दिन गुजरात सरकार ने इन्हें रिहा कर दिया।केवल कारण दिया गया कि उन्होंने 15 साल की सजा भुगत ली है। यह फैसला अपमान जनक व चौँकाने वाला है। एक बार फिर बिलकिस बानो का परिवार खतरे मे हैऔर उसे अपनी सुरक्षा का खतरा है। 2019 मे सुप्रीम कोर्ट ने उसे 50 लाख का मुआवजा दिया था और उसे एक घर व परिवार के सदस्य को नौकरी देने का निर्देश दिया था ,अभी तक उस निर्देश का पालन नहीं किया गया। हमारी मांग है कि सर्वोच्च न्यायालय को एक बार फिर बिलकिस बानो के मामले मे हत्या व बलात्कारियों को माफ करने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द करना चाहिए । उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करवाई जाए व उसे घर व एक नौकरी दिलवाई जाए। वरना जनवादी महिला समिति व नौजवान सभा मिल कर पूरे देश मे भाजपा की गुजरात सरकार के इस महिला विरोधी फैसले के खिलाफ पूरे देश मे विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर सुनीत, रीना, अंकुर,भूपेंद्र, राजेश कुमार, सुरेन्द, मनीराम ने हिस्सा लिया।

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