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गुरुवार, 25 अगस्त 2022

बारिश के कारण हुए नुकसान का सर्वे अति शीघ्र करवा कर और प्रभावित किसानो को उचित मुआवजा दिया जाये: हिमाचल किसान सभा

 

बारिश के कारण हुए नुकसान का सर्वे अति शीघ्र करवा कर और प्रभावित किसानो को उचित मुआवजा दिया जाये: हिमाचल किसान सभा 



BHK NEWS HIMACHAL

आज दिनांक 25 अगस्त को हिमाचल किसान सभा बल्ह-सुंदरनगर के अध्यक्ष श्री प्रेम दास चौधरी की  अध्यक्षता में कार्यकारणी के  फैसले के मुताबिक किसानो की मांगो को लेकर श्री जयराम ठाकुर,  मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बल्ह , मंडी के माध्यम से   मांग पत्र दिया गया और कहा कि हाल ही में 19 अगस्त को बल्ह में भारी बारिश के कारण फसलों, मकानों, रास्तों, सड़कों को भारी मात्रा में नुकसान हुआ है जिस के कारण आम लोगो का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, बल्ह किसान सभा मांग करती है कि बारिश के कारण हुए नुकसान का सर्वे अति शीघ्र करवाया जाए और प्रभावित किसानो को उचित मुआबजा दिया जाये और सम्पर्क मार्गों एवं सड़कों की तुरंत मुरम्त की जाये और रिवालसर की झील में भर रही मिट्टी को निकाला जाये इसके अलावा खेल मैदान कन्सा में आयोजित ड्राइविंग टेस्ट  व गाडियों की पासिंग को खेल मैदान के बजाये किसी दुसरे स्थान पर स्थारित् करने की मांग भी उठाई गई जिससे खिलाडियों को असुविधा का सामना न करना पड़े और वे अपनी खेल कूद गतिविधियों को सुचारू रूप से चला सकें I नगर परिषद नेरचोक द्वारा चिह्नित कूड़ा कचरा निष्पादन स्थान कन्सा चौक से दूसरी  अन्य जगह बदला जाये क्योंकि इसके आस पास रहने वाले आम जनता को सम्भा वित बिमारियों से बचाया जा सके और भविष्य में संक्रमित रोगों से बचाया जा सके I



सचिब श्री रामजी दास ने कहा कि आवारा व नाकारा पशुओं के कारण बल्ह के किसानो की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो रही है इसलिए प्रशासन से मांग की जाती है कि आवारा पशुओ को  गोसदन में रखा जाये जिससे किसानों की फसल को बचाया जा सके! इसके अलावा नकदी फसलो पर आधारित (टमाटर) प्रोसेसिंग यूनिट लगाया जाये जिससे किसानो को लाभकारी मूल्य मिल सके I



किसान सभा के उपाध्यक्ष श्री परस राम ने कहा कि 15 अगस्त को आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के मौके पर मंडी, भंगरोटू में आयोजित सभा में जलशक्ति एवं बागवानी  मंत्री श्री महेंद्र सिंह ठाकुर  का यह बक्तव्य कि प्रस्ताबित बल्ह एअरपोर्ट की उपजाऊ जमीन  को बचाने के संघर्ष रत लगे 7 गाँव के 2500 किसान परिवारों को 1971 में हुई पाकिस्तान एवं हिन्दुस्तान की लड़ाई   से जोड़कर देखना और यह कहना की  उन्हें आत्म  समर्पण कर देना चाहिए! समिति उनसे पूछना चाहती हे की वे बतायें की 75 साल की आज़ादी के बाद भी क्या अपने ही देश में सरकार अगर एकतरफा फैसला लेती हे तो क्या उसके खिलाफ किसान को आवाज उठाने को  आत्मसमर्पण से जोड़कर देखना बहुत ही शर्मनाक हे I



प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष प्रेम दास चौधरी, सचिव रामजी दास, उपाध्यक्ष श्री परसराम के  अलावा रोशन लाल, राजेश , हेमराज, जोगिन्दर वालिया, श्याम लाल,  राकेश वालिया, बलदेव चौधरी, सरवन कुमार,  प्रेम सिंह पम्मी, रमेश कुमार आदि शामिल हुएI



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