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शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

जलशक्ति मंत्री ने कहा उनके पास 1976 में बना दो कमरों का मकान ही है आज भी!झूठ बोलने में माहिर हैं मंत्री-भूपेंद्र अरबों रुपये के मालिक हैं मंत्री और उनके परिवार के सदस्य!

 जलशक्ति मंत्री ने कहा उनके पास 1976 में बना दो कमरों का मकान ही है आज भी!झूठ बोलने में माहिर हैं मंत्री-भूपेंद्र


अरबों रुपये के मालिक हैं मंत्री और उनके परिवार के सदस्य!




वैसे तो नेताओं पर आम तौर पर झूठ बोलने के आरोप लगते रहते हैं लेकिन धर्मपुर के 35 वर्षों से बन रहे विधायक और सरकार के नंम्बर वन मंत्री महेंद्र सिंह ने पिछले कल मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में झूठ बोलने का किर्तिमान ही स्थापित कर दिया जिसमें उन्होंने हज़ारों लोगों के सामने ये कहा कि उनके पास आज भी 1976 में बनी दो कमरों वाले मकान की कोठी ही है।इस पर माकपा नेता व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री को शायद ईडी का डर अभी से लगने लग गया है और वे सफ़ाई पेश कर रहे हैं।कियूंकि प्रदेश में सरकार बदलते ही उन्हें अपनी अरबों रुपये की संपति का ब्यौरा देना पड़ सकता है और उसमें उन्हें लालू प्रसाद यादव और चौटाला की तरह सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है।भूपेंद्र सिंह ने मंत्री से पूछा है कि मनाली में करोड़ों रुपए का होटल उन्होंने कैसे बनाया है, संधोल में स्टोन क्रशर कहाँ से बनाया है, चरखड़ी-करसोग और जाच्छ क्षेत्र में सैंकड़ों बीघे के बगीचे कैसे ख़रीदे हैं,हमीरपुर में टायर की फैक्ट्री किसके पैसे से लगाई है, दिल्ली और राजस्थान औऱ गोआ में सम्पतियाँ कैसे ख़रीदी हैं।मंडी सुकेती पुल के पास ज़मीन कैसे ख़रीदी है और इसके अलावा अनेकों प्रकार की सम्पतियाँ अपने बेटे, बेटी, दामाद और रिस्तेदारों के नाम कहाँ से ख़रीदी है।ये मंत्री जो अपने आप को बहुत ज्यादा ईमानदार बता रहा था उनके पास अपनी निजी गाड़िया तो हैं लेक़िन वे सरकार की पांच गाड़ियां इस्तेमाल करते हैं।इन सरकारी गाड़ियों पर उनका बेटा, बेटी, पत्नी और अन्य परिवार के लोग हररोज़ घुमते हैं लेकिन मंत्री के मायाजाल में फंसा प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री इस मंत्री की फ़िजूल खर्ची पर कोई कार्यवाई नहीं कर पाते हैं।यही नहीं ये विधायक महोदय लाखों रुपए पेंशन और वेतन तथा भते हर माह सरकार से लेते हैं लेक़िन बहुत हैरानी की बात है कि मंत्री हर महीने 15 से 20 दिन अपने घर पर प्रवास करते हैं लेकिन उसके भी 1800 रु प्रतिदिन के हिसाब से भोजन करने के लेते हैं।यही नहीं अब उन्होंने अपने बेटे के लिए सहारा संस्था तो बेटी के लिए अदर्शनी वैलफेयर सोसाइटी बनाई है जिसमें ठेकेदारों और कम्पनियों से ली जाने वाली काली कमाई सफ़ेद की जाती है और उसकी जानकारी आरटीआई में भी नहीं दी जाती है।ये दोनों संस्थाए पिछले कई दिनों से महिला मण्डलों, युवक मण्डलों और मनरेगा मजदूरों को गद्दे, टिफ़िन सेट और अन्य प्रकार की सामग्री बांट रही हैं।उन्होंने सिद्धपुर में अपने बेटे तथा चोलथरा में बेटी को अगले चुनावों के लिए प्रचारित करने के लिए सरकारी ख़ज़ाने से करोड़ों रुपये ख़र्च करवा दिये।माकपा नेता ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि वे अपनी और अपने बेटे, बेटी, दामादों और अन्य नज़दीकी रिश्तेदारों की सम्पतियाँ सार्वजनिक करें ताकि जनता और प्रेदेश सरकार के सामने उनका असली चेहरा सामने आ सके और उनकी कथनी और करनी का पता चल सके।प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो वे अपने इस चेहते मंत्री की संपति की निष्पक्षता से सीबीआई से जांच करवाये।



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