एसएफआई द्वारा पुतला दहन किया गया है जिसमें आरएसएस बीजेपी व देश की संपत्ति को हड़पने वाले पूंजीपतियों का पुतला फूंका गया है।
BHK NEWS HIMACHAL
आज एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई द्वारा समरहिल चॉक मे पुतला दहन किया गया । एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई द्वारा दहशरा के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का नारा देते हुए कहा कि जिस तरह से देश व प्रदेश में रावण का पुतला जलाया जाता है उसी तरह समरहिल चौक के पर एसएफआई द्वारा पुतला दहन किया गया है जिसमें आरएसएस बीजेपी व देश की संपत्ति को हड़पने वाले पूंजीपतियों का पुतला फूंका गया है।
एसएफआई राज्य अध्यक्ष रमन ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जब से देश के अंदर 2014 के बाद आर एस एस समर्थक बीजेपी सरकार बनी है तब से लेकर देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश कि जा रही है और देश की जनता को हिंदू मुस्लिम के नाम पर बांटा जा रहा है वहीं दूसरी ओर देश की एकता और अखंडता को खत्म करने व देश में बीजेपी और आरएसएस द्वारा बनाए गए माहौल के कारण देश मे बडती बेरोजगारी, भुखमरी ,महंगाई ,निजीकरण, व्यापारीकरण, बढ़ती अशिक्षिता, महिला दुष्कर्म जेसे मुद्दों को छुपाने की लगातार कोशिश की जा रही है व देश को धर्म के नाम पर बांटकर देश में सांप्रदायिक माहौल तैयार किया जा रहा है हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा भी प्रदेश में जहां धर्म से हट कर जाति,क्षेत्र के नाम से बांट कर सता मे बने रहना चाहती है प्रदेश में यह इसलिए हो रहा है क्योंकि जिस तरह प्रोफेसर भर्ती ,पीएचडी व अन्य भर्तीयों मे लगातार धांधलियां की गई है और देश मल्टी टास्क वर्कर के नाम से जनता ठगा जा रहा है इन तमाम मुद्दों से ध्यान हटा कर यह बीजेपी सरकार जनता का ध्यान एक दूसरे को बांटने से अपनी राजनीति चमकाने का काम कर रही है इसी प्रकार हम देखते है कि विश्वविद्यालय ग्राउंड में आरएसएस की शाखा लगाई जा रही है। आरएसएस जो लगातार इस देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का काम करती है जिसमें वि वि का प्रशासन भी सलिम्पत् है और जिसके चलते विश्वविद्यालय में लगातार एक विचार द्वारा सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है। इसके साथ साथ हिमाचल प्रदेश विश्विविद्यालय के यूआईआईटी (UIIT) भवन में हवन जैसी गतिविधियां की गई जो सीधे तौर पर हमारे संविधान के अनुच्छेद 28(1) की आवेहना की गई जो आज से पहले भी वि वि में देखने को मिला है। इसके साथ साथ हिमाचल प्रदेश विश्विविद्यालय में लगातार आरएसएस/ बीजेपी के लोगो द्वारा विश्विविद्यालय परिसर को संघ का अड्डा बनाया जा रहा है और परिसर के संसाधनों का दोहन किया जा रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण हाल ही में एलुमिनी मीट , ड्रीम मीट है। इसी प्रकार हम देखते हैं कि किस तरह से देश व प्रदेश में बीजेपी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में न्यू एजुकेशन पॉलिसी को लागू किया गया है जिसके अंदर बहुत से ग्रामीण क्षेत्र या ग्रामीण क्षेत्रों से शिक्षा को दूर किया जा रहा है वही एक ओर बीजेपी सरकार हर घर शिक्षा का नारा देती है तो दूसरी ओर राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी पॉलिसी लाकर शिक्षा से दूर करने की मुहिम चला रही है वही हमें देखने को मिलता है कि किस तरह देश की महिलाओं के साथ भेदभाव व रेप जैसी समस्याएं देखने को मिलती है बीजेपी सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जाता है दूसरी ओर उसी बीजेपी सरकार के नेताओं द्वारा या उनके बेटों के द्वारा उन्हीं बेटियों के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत की जाती है बीजेपी सरकार द्वारा देश व प्रदेश के अंदर सांप्रदायिक माहौल बनाने की मुहिम जारी रखते हुए देश में दंगाई माहौल बनाने का काम किया जा रहा है एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा इन तमाम मुद्दों को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश की सरकार व देश की सरकार के खिलाफ यह धरना प्रदर्शन किया गया है ।
एसएफआई हिमाचल प्रदेश वि.वि.ईकाई अध्यक्ष हरीश ने प्रदेश सरकार व देश की सरकार के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा है कि किस तरह में महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार दुष्कर्म व युवाओं के साथ रोजगार के नाम से खिलवाड़ किया जा रहा है और दूसरी ओर बीजेपी r.s.s. नारा देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ वहीं दूसरी ओर महिलाओं के साथ ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है जो असहनीय है इसकी कड़ी निंदा करते हुए विश्वविद्यालय कैंपस में बढ़ती संप्रदायिक गतिविधियां जो आर्टिकल 28(1) की अवहेलना करती है वह विश्वविद्यालय को बीजेपी के चुनाव प्रचार का अखाड़ा बनाने पर इसकी निंदा करते हुए उन्होंने कहा है कि एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इसका पुरजोर विरोध करती है।
एसएफआई यह मांग करती है कि अगर सरकार ने बेरोजगारी,मंहगाई ,देश के निजीकरण ,बढ़ती साम्प्रदायिकता, भगवाकरण, शिक्षा व महिलाओं के शोषण को नही रोका गया तो आने बाले समय एसएफआई हिमाचल प्रदेश वि. वि. इकाई व हिमाचल प्रदेश के सभी छात्रों को लामबन्द करते हुए इस सरकार की जनता विरोधी, छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लडेगी जिसकी जिम्मेवार प्रदेश सरकार होगी ।








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