हिमाचल में जल्द होगी पुरानी पेंशन बहाली
बदले की भावना से काम नहीं कर रही हिमाचल सरकार
सुदरनगर 21 दिसम्बर ।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक हिरापाल सिंह ठाकुर ने कहा हिमाचल में पुरानी पेंशन बहाली जल्द होगी। हिमाचल सरकार बदले की भावना से काम नहीं कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और भाजपा के कई नेता विधानसभा चुनावों में हुई हार से बोखलाहट के कारण हो हल्ला कर रहे है। अभी प्रदेश में कांग्रेस कर सरकार के गठन और सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुख्यमंत्री बने दस ही दिन हुए है। उन्होंने कहा कि ओपीएस की बात हो या महिलाओं को पंद्रह सौ देने की बात हो कांग्रेस सरकार इस पर कार्य कर रही है। अगर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के स्वास्थ्य की समस्या सामने नहीं आती तो आज ही यह घोषणा धर्मशाला से हो जानी थी।
बुधवार को सुदरनगर के सुकेत कैफे में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक हिरापाल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें संगठन के महामंत्री जगदीश नायक और मंडल संयोजक जसवंत सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। इस अवसर पर सह संयोजक हिरापाल सिंह ठाकुर ने संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व सरकार के सीएम, कई मंत्री और प्रवक्ता हो हल्ला कर रहे है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता दस दिन में इतनी बोखलाहट में आ गए है। जैसे सरकार को बने छह महिने हो गए हो।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बदले की भावना से कार्य कर रहे है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। हां नई सरकार के चुने जाने पर पुरानी सरकार के कार्यो की समीक्षा की जाती है। स्वयं जय राम ठाकुर भी सरकार बनने पर ऐसे ही निर्णय ले चुके है। उन्होंने कहा कांग्रेस की सरकार को अभी दस दिन ही हुए है और वहीं सीएम सुक्खू भी कोरोना संक्रमित है। उन्होंने दिल्ली से सरकार चलाने के सवाल पर कहा कि राजनीतिक पार्टी की सरकारें अपने हाईकमान के मार्ग दर्शन पर कार्य करें इसके क्या दिक्कत है। विभागों के डिनोटीफाई मामले पर उन्होेंने कहा कि चुनावी लाभ साधने के चक्कर में की गई बेवजह की घोषणाओं को रिव्यू करना और अनावश्यक फैसलोें को रदद करने मेे कोई बुूराई नहीं है। उन्होेंने कहाकि बिजली के खम्भे लगाना और सुचारू विद्युत आपूर्ति के लिए फिल्ड स्टाफ की आवश्यकता होती है, न ही अधिकारियों को तैनात करने की। पचास पंचायतों पर एक अधिकारी की जगह चुनावी फायदे के लिए तीन तीन बीडीओ नियुक्त करने का भी सही नहीं है।

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