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शुक्रवार, 6 जनवरी 2023

लेदा में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता दिवस का आयोजन रिवालसर अजय सूर्या :- हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से गांव लेदा तहसील बल्ह जिला मण्डी में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक जिला कार्यालय मंडी से वित्तीय साक्षरता समन्वयक राकेश ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में वित्तीय साक्षरता का बहुत योगदान है। इसकी वजह से आपका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी सुरक्षित होता है। दुसरे शब्दों में कहें तो पैसे कैसे कमाये , बचाये और खर्च करें , इनकी जानकारी को वित्तीय साक्षरता कहते हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता का मूल उद्देश्य यह है कि आपके पास जो भी वित्तीय साधन है उसका कैसे सदुपयोग कर सके। वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति अपने साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वित्तीय साक्षरता की कमी की वजह से अक्सर निवेशकों को शेयर मार्केट में ज्यादा जोखिम लगता है। पहले लोग ब्रोकर्स, एजेंट, बिचौलियों से बचते थे। सही और संपूर्ण जानकारी के अभाव में व्यक्ति कई बार ठगा भी जाता था। इसके चलते लोग अपना पैसा अक्सर एफडी या फिर सेविंग्स अकाउंट में ही रखते थे। टेक्नोलॉजी ने अब काफी कुछ बदल दिया है। अब हर प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। किसी के बारे में भी जानकारी घर बैठे, तुरंत मिल जाती है। वित्तीय रूप से साक्षर होने से आप अनुमान लगा सकते हैं की कहाँ निवेश करने में कितना जोखिम है और क्या आप उतना जोखिम उठा सकते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि हमें जल्दी पैसा बनाने की फर्जी स्कीमों से बचना चाहिए। कई बार ठग वित्तीय सलाहकार बन कर या फिर किसी कंपनी के कर्मचारी बन कर ऐसे लुभावने ऑफर या स्कीम बताते हैं जिसमे आदमी फँस जाता है। जिन लोगों की वित्तीय साक्षरता कम होती है वो अक्सर ऐसी ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से उपस्थित लोगों को नाबार्ड और बैंक की डॉक्युमेंट्री भी दिखाई तथा बैंक और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारियां भी दी। इस मौके पर निरीक्षक कलेक्टर कम डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं मण्डी श्री कमलेश कुमार ने नाबार्ड और बैंक द्वारा चलाये जा रहे वित्तीय कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अपने पैसों का सही प्रबंधन सिखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र है समाज के कमजोर वर्गों का आर्थिक उत्थान करना और ये तभी संभव हो पायेगा जब हम सब मिल कर प्रयास करेंगे। शिविर में श्री टेक चंद सेवानिवृत प्रधानाचार्य , चंदू लाल प्रधान सहकारी सभा बैर कोट , रजत गुप्ता सचिव , राम सिंह प्रधान ग्राम पंचायत बैर कोट , करम सिंह उप प्रधान ग्राम पंचायत सहित गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

 लेदा में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता दिवस का आयोजन 



BHK NEWS HIMACHAL 

रिवालसर अजय सूर्या :-  हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मण्डी  द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से गांव लेदा तहसील बल्ह  जिला मण्डी में एक दिवसीय  वित्तीय साक्षरता शिविर  का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन  हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक जिला कार्यालय मंडी से वित्तीय साक्षरता समन्वयक राकेश ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में वित्तीय साक्षरता का बहुत योगदान है। इसकी वजह से आपका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी सुरक्षित होता है। दुसरे शब्दों में कहें तो  पैसे कैसे कमाये , बचाये और खर्च करें , इनकी जानकारी को वित्तीय साक्षरता कहते हैं। उन्होंने कहा कि  वित्तीय साक्षरता का मूल उद्देश्य  यह है कि आपके पास जो भी वित्तीय साधन  है उसका कैसे सदुपयोग कर  सके। वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति अपने  साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा  सकते हैं। वित्तीय साक्षरता की कमी की वजह से अक्सर निवेशकों को शेयर मार्केट में ज्यादा जोखिम लगता है। पहले लोग ब्रोकर्स, एजेंट, बिचौलियों से बचते थे। सही और संपूर्ण जानकारी के अभाव में व्यक्ति कई बार ठगा भी जाता था। इसके चलते लोग अपना पैसा अक्सर एफडी या फिर सेविंग्स अकाउंट में ही रखते थे। टेक्नोलॉजी ने अब काफी कुछ बदल दिया है। अब हर प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। किसी के बारे में भी जानकारी घर बैठे, तुरंत मिल जाती है। वित्तीय रूप से साक्षर होने से आप अनुमान लगा सकते हैं की कहाँ निवेश करने में कितना जोखिम है और क्या आप उतना जोखिम उठा सकते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि हमें जल्दी पैसा बनाने की फर्जी स्कीमों से बचना चाहिए।  कई बार ठग वित्तीय सलाहकार बन कर या फिर किसी कंपनी के कर्मचारी बन कर ऐसे लुभावने ऑफर या स्कीम बताते हैं जिसमे आदमी फँस जाता है। जिन लोगों की वित्तीय साक्षरता कम होती है वो अक्सर ऐसी ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से उपस्थित लोगों को नाबार्ड और बैंक की डॉक्युमेंट्री   भी दिखाई तथा बैंक और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं की जानकारियां भी दी।   


इस मौके पर निरीक्षक कलेक्टर कम डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं मण्डी श्री कमलेश कुमार ने नाबार्ड और बैंक द्वारा चलाये जा रहे वित्तीय कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और अपने पैसों का सही प्रबंधन सिखने में मदद मिलेगी।  उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र है समाज के कमजोर वर्गों का आर्थिक उत्थान करना और ये तभी संभव हो पायेगा जब हम सब मिल कर प्रयास करेंगे।


शिविर में श्री टेक  चंद सेवानिवृत प्रधानाचार्य , चंदू लाल प्रधान सहकारी सभा बैर कोट , रजत गुप्ता सचिव , राम सिंह प्रधान ग्राम पंचायत बैर कोट , करम सिंह उप प्रधान ग्राम पंचायत सहित गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



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