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गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023

जसप्रीत की साइकलिंग से प्रभावित होकर श्रीलंका से मंडी पहुंचा पराक्रमा मंडी में बिताए तीन दिन, साइकलिंग करके निहारी यहां की वादियां साइकलिंग की विश्व स्तर की स्ट्रावा ऐप के माध्यम से हुई दोनों की मुलाकात पराक्रमा बीते एक वर्ष से कर रहा था आने की कोशिश लेकिन श्रीलंका के हालातों ने रोक रखे थे कदम पराक्रमा को खूब भाई मंडी की वादियां, लोगों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश श्रीलंका क्राइसिस का भी किया जिक्र, बताया साइकिल कैसे बनी इन हालातों में मददगार जसप्रीत पाॅल ने पराक्रमा का मंडी पहुंचने पर किया स्वागत, खूब करी खातिरदारी जसप्रीत बोले - और भी विदेशी साइकलिस्ट मंडी आने की जता चुके हैं इच्छा

BHK NEWS HIMACHAL 

लोकेशन - मंडी अजय सूर्या 


जसप्रीत की साइकलिंग से प्रभावित होकर श्रीलंका से मंडी पहुंचा पराक्रमा

मंडी में बिताए तीन दिन, साइकलिंग करके निहारी यहां की वादियां

साइकलिंग की विश्व स्तर की स्ट्रावा ऐप के माध्यम से हुई दोनों की मुलाकात

पराक्रमा बीते एक वर्ष से कर रहा था आने की कोशिश लेकिन श्रीलंका के हालातों ने रोक रखे थे कदम

पराक्रमा को खूब भाई मंडी की वादियां, लोगों को दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

श्रीलंका क्राइसिस का भी किया जिक्र, बताया साइकिल कैसे बनी इन हालातों में मददगार

जसप्रीत पाॅल ने पराक्रमा का मंडी पहुंचने पर किया स्वागत, खूब करी खातिरदारी

जसप्रीत बोले - और भी विदेशी साइकलिस्ट मंडी आने की जता चुके हैं इच्छा


 - साइकलिंग की फील्ड में दिन प्रतिदिन नए आयाम स्थापित करने वाले मंडी शहर निवासी जसप्रीत पाॅल की साइकलिंग का डंका अब विदेशों में भी बजने लगा है। उनकी साइकलिंग से प्रभावित होकर विदेशी साइकलिस्ट उनसे मिलने और यहां की वादियां निहारने के लिए यहां आना शुरू हो गए हैं। श्रीलंका के कोलंबो निवासी 39 वर्षीय पराक्रमा जसप्रीत की साइकलिंग से प्रभावित होकर और मंडी की वादियों को निहारने के लिए विशेष रूप से अपने तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे। जसप्रीत पाॅल और पराक्रमा की मुलाकात साइकलिंग की विश्व स्तरीय ऐप स्ट्रावा के माध्यम से वर्ष 2020 में हुई। उसके बाद से पराक्रमा लगातार मंडी आने का प्रयास कर रहे थे लेकिन श्रीलंका में चल रहे क्राइसिस ने उनके कदम रोक रखे थे। मंडी पहुंचकर साइकिल पर यहां की वादियां निहारने के बाद पराक्रमा ने बताया कि उन्हें मंडी आने की बहुत इच्छा थी जो अब पूरी हुई है। उन्होंने साइकलिंग के क्षेत्र में जसप्रीत पाॅल के किए गए कार्यों की सराहना की और उन्हें बधाई भी दी।


बाइट - पराक्रमा, श्रीलंका निवासी



 - पराक्रमा ने श्रीलंका में चल रहे क्राइसिस का भी जिक्र किया और बताया कि आजकल श्रीलंका में बहुत दिक्कतें चल रही हैं और ऐसे में साइकिल लोगों के लिए मददगार माध्यम बनकर उभरा है। ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के चलते वहां के लोग अपनी दिनचर्या के कार्यों में साइकिल का ही उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यहां के लोगों से साइकिल का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का आह्वान किया।


बाइट - पराक्रमा, श्रीलंका निवासी



जसप्रीत पाॅल ने बताया कि यह उनके लिए बहुत ही गर्व की बात है कि एक विदेशी साइकलिस्ट ने पूरे भारत में सिर्फ मंडी आने की इच्छा जताई और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से निहारा। जसप्रीत ने पराक्रमा को रिवालसर, तुंगल घाटी, फुलाधार, मंडी शहर और आस पास के रमणीक स्थानों का भ्रमण साइकिल के माध्यम से करवाया। उन्होंने बताया कि पराक्रमा ने जल्द ही अपने पूरे दल के साथ मंडी आने की इच्छा जताई है ताकि यहां पर ज्यादा समय रुक कर मंडी जिला और इसके आस पास की हसीन वादियों को नजदीक से निहार सकें। पराक्रमा अपने तीन दिन के दौरे के बाद अब वापिस अपने देश श्रीलंका लौट गए हैं।


बाइट - जसप्रीत पाॅल, साइकलिस्ट



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