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बुधवार, 22 फ़रवरी 2023

एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई द्वारा NEP के माध्यम से तत्कालीन CBCS को PG प्रथम वर्ष में लागू करने व उसमे खामियों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।


एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई द्वारा NEP के माध्यम से तत्कालीन CBCS को PG प्रथम वर्ष में लागू करने व उसमे खामियों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। 


BHK NEWS HIMACHAL 

एसएफआई ने पिंक पेटल पर धरना प्रदर्शन किया इकाई सह सचिव सन्नी ने बात रखते हुए बताया कि बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश में NEP को लागू किया जिसके दुष्परिणाम हमारे समक्ष निकले हैं हाल ही में NEP के तहत CBCS को PG 1St सेमेस्टर में तत्कालीन रूप से विश्वविद्यालय में लागू कर दिया जिसके कारण विश्वविद्यालय प्रशासन पीजी प्रथम सत्र की परीक्षाओं में लगातार देरी कर रहा है उनकी जो विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजी प्रथम सत्र की डेटशीट जारी की थी जिसके चलते  छात्र अभी तक परेशान है क्योंकि जो डेटशीट विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी की है उसके अंदर छात्रों को कंफ्यूजन है की  उनकी  परीक्षाएं कब शुरू होगी क्यूंकि विश्वविद्यालय  प्रशासन इस बार पीजी प्रथम सत्र में NEP के तहत  CBCS को लागू कर रहा है 


इस देश में CBCS को लागू करने का मकसद था कि छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय पढ़े जिसके माध्यम से आने वाले समय में रोजगार के अवसर मिल सके परन्तु दुख का विषय है की ये सिस्टम हिमाचल प्रदेश में नाकामयाब रहा जिसका उदाहरण RUSA में हमे देखने को मिला जिसमे छात्रों की रुचि के बिना 6 से 8 विषय छात्रों पर थोपे गए जिसमें 98% छात्र फेल हुए इसके अतिरिक्त आज भी वो छात्र विश्वविद्यालय के आने को मजबूर हैं वोही हालत वर्तमान में PG के अंदर बीजेपी सरकार ने जाते जाते हिमाचल प्रदेश में किया है बल्कि यूजीसी के नियमो के तहत कोई भी नए सिस्टम को लागू करने से पहले एक साल पहले छात्रों की राय लेना वा उस सिस्टम को ट्रायल करना आवशक है विश्वविद्यालय ने CBCS को PG में ट्रायल न करके  इसको सीधा छात्रों पर थोपा है आज छात्रों के एग्जाम होने है परंतु उन्हें वो एग्जाम भी देने पड़ेंगे जो उन्होंने अपने स्मेस्टर में पढ़े ही नहीं इसके अतिरिक्त इसका परिणाम आने वाले समय में छात्रों के रिजल्ट में देखने को मिलेगा ।



एसएफआई ने धरने में चेतावनी देते हुए कहा कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा  किया जाए। अगर जल्द छात्र मांगों को सकारात्मक रूप से सुलझाया नहीं गया तो आने वाले समय के अंदर विश्वविद्यालय के अंदर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और मजबूरन अथॉरिटी का घेराव तक किया जाएगा।






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