तीसरी बार लगातार बने नाचन के विधायक श्मशान घाट तक का नहीं करवा पाए निर्माण।
अब पंचायत में मनरेगा के तहत अपने स्तर पर उठाया बीड़ा।
डोल धार पंचायत में सामने आया मामला।
लोग खुले में इधर-उधर देह संस्कार करने को मजबूर।
सुंदरनगर।
लगातार तीसरी बार विधायक चुनकर आए नाचन विधानसभा क्षेत्र के विधायक
वर्तमान में विकास के नाम पर कई गाथाएं इतिहास में लिखकर दर्ज करवा चुके
हैं। लेकिन वर्तमान में अगर बात ग्राम पंचायत डोलधार की करें। तो यहां पर
अगर किसी शख्स की मृत्यु हो जाए तो उसके देह संस्कार तक करवाने के लिए
श्मशान घाट तक का निर्माण नहीं हो पाया है। पंचायत दुर्गम होने की सूरत
में भले ही यहां पर गांव को सडक़ सुविधा से जोड़ तो दिया गया है। लेकिन वह
सडक़ें भी वर्तमान में पक्की होने से रूम होकर रह गई है। जिससे लोगों को
हिचकोले खाने को विवश होकर रह गई हैं। तकरीबन दो हजार की आबादी वाली इस
पंचायत में शिक्षा स्वास्थ्य सडक़ पानी की मूलभूत सुविधाएं तो जुटाई गई
है। लेकिन श्मशान घाट पंचायत के 40 के तकरीबन बसे गांव में नाममात्र ही
हैं। पंचायत का भी तर्क है कि वर्तमान में दो श्मशानघाट बनाए जा रहे हैं
वह भी मनरेगा के तहत बजट का प्रावधान करके काम करवाया जा रहा है। इस दिशा
की ओर स्थानीय विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मंडी संसदीय क्षेत्र की
सांसद सहित जिला प्रशासन इस पंचायत के लिए कोई भी पहले इस दिशा में नहीं
कर पाए हैं। शुक्रवार को भी पंचायत के क्षेत्र में किसी शख्स की मृत्यु
हो जाने के बाद ग्रामीण आजादी के सात दशक से भी अधिक समय बीत जाने के
बावजूद भी खुले आसमान के नीचे लोग इधर.उधर देह संस्कार करने को विवश होकर
रह गए हैं। यहां पर ना तो लाने ले जाने के लिए कोई पर्याप्त सुविधा की
व्यवस्था है और ना ही कोई तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया हो पाई हैं। जिसके
चलते ग्राम पंचायत डोलधार की जनता में शासन प्रशासन और राजनीतिक दलों के
नेताओं से उनके कार्य प्रणाली के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। इस बारे में
प्रधान सीताराम वार्ड मेंबर चंपा देवी सदस्य दौलतराम गांधी राम गोविंद
राम धर्म सिंह भक्त राम सुनील कुमार भीम सिंह ग्राम नंदलाल कृष्ण लाल ने
इस समस्या की ओर ध्यान केंद्रित करते हुए मांग उठाई है कि ग्राम पंचायत
डोलधार के लिए गांव की आबादी को मध्य नजर रखते हुए यहां पर किसी की
मृत्यु हो जाने की सूरत में देहसंस्कार करवाने के लिए श्मशानघाटों का
उचित निर्माण करवाना लाजमी है ताकि क्षेत्र की जनता को परेशानियों का
सामना ना करना पड़े। वही ग्राम पंचायत डोलधार के प्रधान सीताराम का कहना
है कि वर्तमान में मनरेगा के तहत पंचायत में दो श्मशान घाट का निर्माण
कार्य चला हुआ है। उन्होंने प्रशासन स्थानीय विधायक, सांसद सहित राजनीतिक
दलों के नेताओं से मांग की है कि इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र की जनता
के लिए उचित प्रावधान करके श्मशानघाट का निर्माण करवाया जाए। भले ही यहां
के प्राईमरी स्कूल को मिडल और पंचायत क्षेत्र के ही एक मिडल स्कूल को हाई
किया गया है और पेयजल आपूर्ति के लिए उठाऊ पेयजल योजना स्थापित की गई है।
उपस्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, पटवार खाना समेत अन्य सुविधाएं है।

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