माकपा ने सदर विधायक अनिल शर्मा की भूमिका बारे उठाये सवाल
और सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की उठायी मांग
यादविंदर कुमार नेरचौक: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक अनिल शर्मा द्धारा पिछले कल प्रेस वार्ता में मंडी में भाजपा की सरकार के समय जो काम नहीं हुए थे उन्हें वे अब कांग्रेस सरकार के समय मुख्यमंत्री से अपने पुराने रिश्तों के आधार पर तेज़ी से पूरा करवाएंगें।इस ब्यान पर माकपा ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कांग्रेस सरकार से इस बारे स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।माकपा राज्य कमेटी सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदर के विधायक पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री थे लेकिन अपने पुत्रमोह में फंसे होने के कारण पांच साल भाजपा की सरकार होते हुए भी कोई विकास नहीं करवा पाये और पांच साल मुंह बंद रखा। लेक़िन अब जब उनकी पार्टी सत्ता से बाहर हो गई है तो विकास करवाने के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री से अपने पुराने रिश्तों की दुहाई दे रहे हैं।यही नहीं उन्होंने मीडिया में तो यहां तक कह दिया कि मुख्यमंत्री सुखू उनके पिता स्वर्गीय सुखराम के पदचिन्हों पर आधारित कार्य कर रहे हैं और वे उन्हें और उनके सुझावों को गंभीरता से लागू करने के लिए तैयार हैं।भूपेंद्र सिंह ने इस बारे कांग्रेस पार्टी की सरकार और स्थानीय नेताओं से भी इस बारे स्थिति स्प्ष्ट करने को कहा है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा के विधायक मंडी नगर निगम जिसमें भाजपा का बहुमत है अब उसका सहारा लेकर कई तरह के प्रस्ताव पारित करवा रहे हैं और इसके माध्यम से आजकल राजनीति कर रहे हैं। यही नहीं उन्हीं के कहे अनुसार निगम के आयुक्त सारे फ़ैसले ले रहे हैं।भूपेंद्र सिंह ने विधायक से भी ये सवाल पूछा है कि वे लगातार शहर में रेहड़ीधारकों की रोजी रोटी छीनने का काम कर रहे हैं और पिछले कल भी उन्होंने कहा है कि शहर में रेहड़ियों की संख्या कैसे बढ़ रही है तो इसका जबाब उन्हीं को देना होगा कियूंकि वे ही यहां के विधायक हैं और सरकार भी उन्हीं की थी।दूसरा उनको संसद द्वार वर्ष 2014 में बनाये स्ट्रीट वेण्डर्ज एक्ट का भी अध्ययन कर लेना चाहिए जिसमें किसी भी शहरी क्षेत्र की कुल आबादी का अढ़ाई प्रतिशत तक रोज़गार वेण्डर्ज को देने का प्रावधान है और उसी के तहत मंडी शहर में भी रेहड़ियों को लगाया गया है जिन्हें वे गैर कानूनी तौर पर कमिशन्नर पर दबाब बना कर हटवाना चाहते हैं। लेकिन उनको और कमिशन्नर को पहले इस क़ानून को पढ़ लेना चाहिए तभी कोई कार्यवाई करनी चाहिए अन्यथा कोर्ट और मजदूरों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि विधायक के कहे अनुसार ही तीन दिन पहले रेहड़ियों को सकोढी पुल के वैंडिंग क्षेत्र से हटाने का गैर कानूनी प्रक्रिया के तहत फ़ैसला किया गया था जो अब हाई कोर्ट में पहुंच गया है और मज़दूर इसके ख़िलाफ़ आंदोलन भी करेंगे।यही नहीं आज यूनियन इस बारे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू को मंडी दौरे के दौरान माँगपत्र भी सौंपेंगी।

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