आवारा बैलों (पशुओं) की सड़कों पर व खुलेपन में डेरा डालने से एक्सीडैंट, राहगीरों, बच्चों व महीलाओं के लिए हर समय मंडराता खतरा- बालक राम शर्मा
1- आवारा पशुओं का कैहर जारी लोगों की जा रही जानें,
2- शासन प्रशासन से मांग आवारा पशुओं का करें समाधान
3- किसान व गांव के लोग बहुत परेशान
4- फसलें करते हैं सफाचट बहुत से लोंगों ने खेती करना छोड़ दिया
5- एक्सीडैंट का ख़तरा ज्यादा होता है और एक्सीडैंट होते रहते हैं।
6- बीज की कीमत भी बसूल नहीं होती
7- सड़क, खुलेपन, स्कूल या खाली बरांडे घरों में डेरा डाले रहते हैं।
8- शासन प्रशासन से बार बार होती है मांग परन्तु नहीं होता कोई स्थाई समाधान।
BHK NEWS HIMACHAL
बिलासपुर 21 हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन संयुक्त मोर्चे के वाईस चेयरमैन ने बताया कि हिमाचल में हर जगह आवारा पशु लोगों की जान के दुश्मन बन गए हैं अब कई जगह स्कूल के बरांडे, घर के खाली बरांडे और खाली सैड मेें घुस घुसकर अपना डेरा डाल देते हैं जिससे स्कूल के बच्चों को जान का ख़तरा बना रहता है ऐसा ही एक फोटो के बीच एक आवारा सांड सड़क पर खुलेपन में या स्कूल के बरांडे में खड़ा देख सकते हैं परन्तु ऐसे ही कई जगह ऐसा देखने को मिलता है परन्तु कोई स्थाई समाधान नहीं हो रहा है।
वाईस चेयरमैन शर्मा ने लोंगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोंगों ने पशु रखे है वह उनको आवारा ना छोड़ें अगर आप नहीं संभाल पाते हैं तो प्रशासन को अवगत करवायें और वह कहीं पशुशाला में छोड़ने के लिए मदद करेंगे परन्तु ऐसे रोड़ पर न छोड़ें क्योंकि ये आवारा होने पर गुस्सैल बनकर हमला करते हैं और जान-माल का नुक्सान होता है कृप्या गंभीरतापूर्वक ध्यान दें
कभी इन पशुओं से सड़क हादसे हो रहे हैं और वेसहारा रोड़ रास्तों में चोटें खा खाकर जख्मी हो जाते हैं और तड़प तड़प कर मर जाते हैं तो कभी इनके हमले से लोगों की जान जा रही है ऐसा ही एक हादसा हिमाचल के बिलासपुर जिला से सामने आया है पहले भी पंड़गल नौणी चौंक पर एक मिस्त्री की जान स्पोट पर चली गई थी अभी हाल ही तीन दिन पहले बैरीमींया बरमाणा में एक बुजुर्ग की जान चली गई थी।
वाईस चेयरमैन वैटरन बालक राम शर्मा ने कहा कि हिमाचल में आवारा पशु लोगों की जान के दुश्मन बन गए हैं वहीं इस मामले की जानकारी प्रशासन को भी दी गई है वहीं प्रशासन से बार बार मांग की गई है कि आवारा पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेजा जाए और स्थाई समाधान किया जाए।

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