एसएफआई ने हिमाचल प्रदेश के गवर्नर हाउस में हुई बैकडोर भर्ती की कड़े शब्दों में निंदा की
एसएफआई ने हिमाचल प्रदेश के गवर्नर हाउस में हुई बैकडोर भर्ती की कड़े शब्दों में निंदा की। एसएफआई ने एक प्रेस बयान में कहा कि गवर्नर हाउस जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का बहुत भरोसा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह देखा गया है कि इसे पिछले दरवाजे से अपने चहेतों को प्रवेश के रूप में बदल दिया गया है, सेवानिवृत्त लोगों के लिए अनावश्यक विस्तार यह सब चलन में है जो की पहले से उपलब्ध नियम के विरुद्ध है
इससे गवर्नर हाउस के कामकाज से आम जनता की विश्वसनीयता लगातार खत्म होती गई है।
वर्तमान विवाद में सचिव राज्यपाल ने नवीन पे मैट्रिक्स लेवल-11 में तत्काल प्रभाव से रिक्त पद के विरूद्ध वरिष्ठ सहायक के पद पर सीधे आरएसएस पृष्ठभूमि के व्यक्ति की नियुक्ति के लिए दिनांक 20 जून, 2023 को कार्यालय आदेश जारी किया है.
वरिष्ठ सहायक के पद के लिए न कोई विज्ञापन, न कोई परीक्षा वह भी सीधे राज्य सरकार के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार वरिष्ठ सहायक के पद को शत-प्रतिशत पदोन्नति से निचले पदों से भरने का प्रावधान है.
लिपिक के निचले पदों को उचित विज्ञापन के माध्यम से उन लाखों योग्य शिक्षित युवाओं को समान अवसर प्रदान कर भरा जाना चाहिए।जो पुस्तकालयों में दिन-रात तैयारी कर रहे हैं और विज्ञापन के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
एसएफआई ने यह मुद्दा उठाया कि कैसे एक सचिव एक वरिष्ठ नौकरशाह होने के नाते भर्ती की निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी कर सीधे नियुक्ति आदेश जारी कर सकता है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि ऐसा कैसे हुआ और राज्यपाल सचिवालय आरएसएस या राज्य सरकार कौन चला रहा है?
इसलिए, एसएफआई ने नियुक्ति के इस कार्यालय आदेश को वापस लेने की पुरजोर मांग की है जो प्रक्रिया के खिलाफ है और लाखों युवाओं के समान अवसर के मौलिक अधिकार का हनन है, एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि राज्य में शीर्ष कार्यालय में इस भ्रष्ट आचरण की सतर्कता जांच होनी चाहिए और हिमाचल प्रदेश गवर्नर हाउस में जितनी भी यह बैकडोर भर्तियां हुई हैं इनको रद्द किया जाना चाहिए। यदि प्रदेश सरकार इसमें संज्ञान नहीं लेती है तो एसएफआई आने वाले समय में इन मुद्दों पर प्रदेशव्यापी आंदोलन तैयार करेगी व उसके साथ साथ कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट का सहारा भी लेगी। जिसकी जिम्मेवार प्रदेश की सरकार व प्रशासन होगा।

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