एसएफआई ने मुख्य रूप से यूजी तथा पीजी के रिजल्ट को जल्द से जल्द घोषित करने की मांग की ।
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आज एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने छात्रों की समस्याओं को लेकर परीक्षा नियंत्रक को मांग पत्र सौंपा। एसएफआई ने मुख्य रूप से यूजी तथा पीजी के रिजल्ट को जल्द से जल्द घोषित करने की मांग की ।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने मार्च माह में पीजी की तथा मई माह में यूजी की परीक्षा कराई थी। इन परीक्षाओं के रिजल्ट को अभी तक घोषित नहीं किया गया है।
इस पर बात रखते हुए एसएफआई कैंपस सचिव सुरजीत ने कहा कि रिजल्ट घोषित ना करने से विश्वविद्यालय प्रशासन प्रदेश के हजारों छात्रों के भविष्य को अधर में लटकाए हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीजी एंट्रेंस एग्जाम कराने शुरू कर दिए हैं कुछ समय के अंदर इसके लिए काउंसलिंग भी होगी। काउंसलिंग के अंदर अभ्यर्थी को अपना फाइनल रिजल्ट सबमिट करना पड़ता है ऐसे में यदि प्रशासन रिजल्ट घोषित नहीं करेगा तो काउंसलिंग कैसे होगी। रिजल्ट का लेट घोषित होना इस बात का इशारा है कि यह सत्र भी पिछले सत्र की तरह लेट ही शुरू होगा। जिससे छात्रों को आने वाले समय में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
एसएफआई कैंपस अध्यक्ष हरीश ने कहा कि कुछ दिन पहले ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीजी के एग्जामिनेशन फॉर्म भरने की दिनांक निश्चित कर दी है। परंतु अभी तक पीजी के पिछले सत्र के परीक्षा परिणामों को घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में भी जो छात्र अंतिम सत्र के अन्दर पढ़ाई कर रहा है यदि उसे पिछले सत्र का रिजल्ट क्लियर करने के लिए अभी समय नहीं दिया जाएगा तो उसका आने वाला पुरा साल बर्बाद हो जाएगा।
एसएफआई ने मांग की कि यूजी और पीजी दोनों के ही रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित किये जाए ताकि छात्र किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति में ना रहे। इस पर आश्वासन देते हुए परीक्षा नियंत्रक ने कहा की आने वाले दस दिनों के अंदर विश्वविद्यालय प्रशासन यूजी, पीजी दोनों के रिजल्ट को घोषित कर देगा। साथ उन्होंने कहा कि अंतिम सत्र के अंदर पढ़ रहे छात्रों को रिअपीयर भरने के लिए भी फिर से समय दिया जाएगा।
एसएफआई पिछले लंबे समय से यह मांग कर रही है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कोरोना महामारी के बाद से सत्र देरी से शुरू हो रहे हैं तथा प्रशासन जल्दबाजी में इन सत्रों को खत्म करता है जिससे छात्र सही से अपनी पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। यदि प्रशासन इसी तरह देरी से रिजल्ट घोषित करता रहेगा तो ये सत्र कभी भी अपने समय पर शुरू नहीं हो पाएंगे। इसलिए छात्रों को आ रही कठिनाइयों को मध्य नजर रखते हुए प्रशासन को आगामी सत्रों को अपने सही समय पर शुरू करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अगर जल्द छात्र मांगों को सकारात्मक रूप से सुलझाया नहीं गया तो आने वाले समय के अंदर एसएफआई विश्वविद्यालय में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी और प्रशासन का उग्र घेराव किया जाएगा।

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