*हिमाचल प्रदेश के चौपाल में 11 छात्राओं का यौन उत्पीड़न*
*सुखु के राज में देवभूमि एक बार फिर शर्मसार–नैंसी अटल*
*निष्पक्ष जांच व आरोपी को हो कड़ी से कड़ी सजा:– अभाविप*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश सह मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िला के चौपाल में 7वीं से 9वीं कक्षा की 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटना देवभूमि को शर्मसार करने वाली घटना है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महिला अधिकारों के लिए हमेशा आवाज़ उठाती रही है और महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार सहन नहीं कर सकती उनका कहना है की हमारी भारतीय संस्कृति के अनुसार "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता" के भाव के लेकर चलते है। लेकिन इस तरह की घटनाएं कहीं न कहीं हमारी संस्कृति को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है।
यह घटना शिमला के चौपाल क्षेत्र की 11 नाबालिक छात्राओं के साथ हुई।
नैंसी अटल ने कहा इस तरह की घटना हिमाचल प्रदेश जैसे शांतिप्रिय ओर देवभूमि राज्य में होना बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह सरकार के ओर कानून व्यवस्था के ऊपर खड़ा करती है कि जब से व्यवस्था परिवर्तन नारा देने वाली पार्टी सत्ता में आई है तब से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हुए हैं कि इस तरह की अमानवीय घटना को अंजाम देने से पहले उन्हें कानून का जरा भी डर नहीं रहा है।
उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश जिसे देवताओं की भूमि कहा जाता है। विद्यार्थी परिषद हमेशा ऐसी घटनाओं को प्रशासन के सामने लाने का काम करती रही है व यह मानती है कि बार बार इस तरह की घटनाओं का होना कहीं न कहीं सरकार व प्रशासन की अनदेखी का नतीज़ा है और लंबे समय से हो रही यह घटनाएं अब आम होने को आ गई हैं जिसे विद्यार्थी परिषद बिलकुल सहन नहीं करेगी।
उन्होंने कहा पूरे विश्व में हिमाचल प्रदेश को शांतिप्रिय राज्यों में माना जाता है। लेकिन इस शांतिप्रिय राज्यों में इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही। कहीं न कहीं इसमें सरकार व प्रशासन की बहुत बड़ी कमी है।
ऐसे में विद्यार्थी परिषद सरकार से मांग करती है प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा महिला सुरक्षा को लेकर निर्णायक कदम लिए जाएं| इस तरह की घटना प्रदेश में होना देवभूमि की कानून व्यवस्था के लिए चिंतनीय विषय है|

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