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मंगलवार, 23 जुलाई 2024

श्रमिक बोर्ड का काम जल्द बहाल करने की सीटू ने उठायी मांग केंद्रीय सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय हिमाचल में खोले सरकार, हज़ारों निर्माण मज़दूरों का कमनीयां कर रही हैं शोषण

 श्रमिक बोर्ड का काम जल्द बहाल करने की सीटू ने उठायी मांग

केंद्रीय सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय हिमाचल में खोले सरकार, हज़ारों निर्माण मज़दूरों का कमनीयां कर रही हैं शोषण




सीटू से सबंधित भवन, सड़क, मनरेगा व अन्य निर्माण मज़दूर राज्य फेडेरेशन की बैठक आज सीटू ऑफिस मंडी में आयोजित की गई।जिसकी अध्यक्षता राज्य प्रधान जोगिन्दर कुमार ने की।फेडेरेशन के राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में पिछले दो साल से राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत साढ़े चार लाख मज़दूरों के रुके हुए लाभ अभी भी बहाल नहीं हो पाए हैं जो बहुत ही चिंता का विषय है।हालांकि मॉर्च महीने में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई पिछली बोर्ड बैठक में मनरेगा मज़दूरों के लाभ जारी करने और उनका पंजीकरण और नवीनीकरण करने का निर्णय हो गया है लेकिन पांच महीने गुज़रने के बाद भी ये सब काम रुके हुए हैं।उन्होंने बताया कि आज की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि ये सब काम बहाल नहीं होते हैं तो यूनियन को फ़िर से संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि बोर्ड और सरकार के कारण बहुत से पुराने पंजीकृत मजदूरों के कार्डों की समयावधि दो साल पहले ख़त्म हो गई है तो उन्हें रिन्यू करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए सारे लम्बित लाभ अगले तीन महीने में जारी किए जाएँ।इसके अलावा मनरेगा मज़दूरों को न तो निर्धारित सौ दिनों का काम मिल रहा है और न ही उन्हें बढ़ी हुई दिहाड़ी 300 रु मिल रही है।जिसके ख़िलाफ़ यूनियन गांव गांव में काम के लिए आवेदन करवायेगी।हिमाचल प्रदेश में बड़ी बड़ी निर्माण कम्पनियों द्धारा मजदुर भर्ती किये हैं जिन्हें न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाओं नही मिल रही है।हिमाचल प्रदेश में फोर लेन, राष्ट्रीय उच्च मार्ग, रेलवे लाइनों, हाईडल प्रोजेक्टों, बीआरओ में ही हज़ारों मज़दूर कार्यरत हैं और उनकी कई तरह की समस्यायें भी हैं।लेकिन केंद्र सरकार के श्रम विभाग ने यहां पर इन हज़ारों मज़दूरों की समस्याओं का समाधान करने के लिए एक लेबर एनफोर्समेन्ट अधिकारी लगाया है जिसे सभी प्रकार की शक्तियां नहीं दी है जिस कारण  मज़दूरों की समस्या का समाधान समय पर नहीं हो रहा है।इसलिये आज केंद्र सरकार से ये मांग की गई कि हिमाचल प्रदेश के सहायक लेबर आयुक्त और दो इंस्पेक्टर नियुक्त करने की मांग की है ताकि मजदूरों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।बैठक में ये भी प्रस्ताव पारित किया गया कि 19 जुलाई को शिमला में सभी ट्रेड यूनियनों के साथ हुई बोर्ड के चेयरमैन की बैठक के निर्णयों को जल्दी लागू किया जाए और बोर्ड की बैठक भी जल्दी बुलाई जाये।ये भी मांग की गई कि सभी जिलों में में डेढ़ साल पहले नियुक्त किये गए श्रम कल्याण अधिकारियों की राज्य स्तर पर बैठक आयोजित की जाये किउंकि ये अधिकारी मज़दूरों को पंजीकरण, नवीनीकरण और वित्तिय सहायता के काम समय पर नहीं कर रहे हैं और उसमें  अनावयशक अड़चने डाल रहे हैं और उनके नियुक्त होने के बाद मजदूरों की मदद कम मिल रही है अड़चने ज्यादा हो रही है।बैठक में रविन्द्र कुमार, नरेंद्र कुमार, विक्की, चमन लाल, रामचन्द्र, गुरुदास वर्मा, गोपेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र कुमार, अमित कुमार, सुनील मेहता, जोगिन्दर कुमार, रंजन शर्मा, नवीन कुमार सहित अन्य कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।



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