फ़ॉलोअर

रविवार, 14 जुलाई 2024

*पक्ष विपक्ष में फर्क नहीं जनता ढूंढ रही तीसरा विकल्प बाकि ये सब असफ़ल और ही है अब सहारा- बालक राम शर्मा*

 *पक्ष विपक्ष में फर्क नहीं जनता ढूंढ रही तीसरा विकल्प बाकि ये सब असफ़ल और ही है अब सहारा- बालक राम शर्मा*


 


बिलासपुर- शशीपाल कौंडल

*भाजपा-कांग्रेस खरीद फरोख्त करके गुजारा कर रही है और कोई चारा नहीं रहा*

*देश की आम जनता तीसरे विकल्प की तलाश में*

*भारतीय जवान किसान पार्टी एक नया विकल्प निकल कर आया है*

*सफलता असफ़लता एक चुनौती है जिसके भारतीय जवान किसान पार्टी पुरी तरह तैयार है*


     *बिलासपुर 14  भारतीय जवान किसान पार्टी के राष्ट्रीय मीडिय प्रभारी व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष वैटरन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश प्रदेश की आम गरीब जनता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है देश की आम जनता का कहना है कि हमने बारी बारी में  भाजपा-कांग्रेस को देखा पर्खा परन्तु आम जनता की हितैषी नहीं सिर्फ़ व सिर्फ़ नेता बनना चाहिए सत्ता हाथ लगनी चाहिए आम जनता युवा रोज़गार मंहगाई से परेशान है परन्तु भाजपा-कांग्रेस सरकार किसी की हो कोई फ़र्क नही झुठे वादे झुठी घोषणा-पत्र देकर छलने का काम करते और बाद में कोई घोषणा-पत्र के पोईंट सिरे नहीं चढ़ते क्योंकि सरकार लोन लेकर चलाई जाती है जो घोषणा-पत्र दिये हैं उनके लिए पैसा नहीं होता और घोषणा-पत्र सिर्फ दिखाने के लिए होते हैं*

       *राष्ट्रीय मीडिय प्रभारी वैटरन बालक राम शर्मा ने आगे बताया कि नेताओं और धन्नासेठों के लिए पैसा है परन्तु कर्मचारियों के वेतन पैन्शन के नहीं मंहगाई कम करने के लिए कोई पैसा नहीं रोज़गार खत्म करके प्राईवेट सैक्टर ऑऊट सोर्सिंग को लेकर जोर दिया जा रहा विभागों के खाली पद भरने बंद कर दिए गए हैं इसलिए आम गरीब जनता बारी बारी से तंग और त्रस्त हो चुकी है अब तीसरे विकल्प चाहती है इस के लिए भारतीय जवान किसान पार्टी जो जवानों किसनों युवाओं मजदूरों व मातृशक्ति की पार्टी है और आने वाले समय के लिए एक चैलेंज देना के लिए तैयार है इस पार्टी में कोई धर्मवाद जातिवाद आस्था से खिलवाड़ करना इसका कोई उद्देश्य नहीं संविधान के अनुसार सबके हक़ बराबर है सबको बराबर जीने का अधिकार है कैसे-कैसे दोनों सरकारें मिलकर खा गए प्रदेश हमारा कैसे-कैसे खा गए हक हमारा अब इनसे अब करो किनारा अब इनसे करो किनारा जागो जागो देश के युवाओं जागो। जयहिंद*



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें