मढ़ी आदर्श विद्यालय को नीलाम करने के फ़ैसले का होगा विरोध-भूपेंद्र
स्कूल बचाने के लिए गाँव गाँव चलेगा अभियान,
जल्दी आयोजित करेंगे प्रभावितों की बैठक
सरकाघाट अजय सूर्या :-
धर्मपुर विधान सभा क्षेत्र के मढ़ी में अटल आदर्श विद्यालय को हिमाचल प्रदेश सरकार द्धारा प्राईवेट हाथों में सौंपने का माकपा ने विरोध किया है और इस फ़ैसले का विरोध करने का फ़ैसला लिया है।पार्टी नेता व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह, सुरेश शर्मा, सुरेश राठौर, सुरेश सन्नी, रणताज़ राणा, अनिल कटवाल इत्यादि ने इसके लिए प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की है और इस फैसले को बदलने की मांग की है और इस विद्यालय को सरकारी क्षेत्र में ही चलाने की मांग की है।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग ने आगामी 24 जुलाई को शिमला में दो सौ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस स्कूल को नीलाम करने के लिए शिमला में इसे खरीदने वालों की बैठक बुलाई है। जिसकी अधिसूचना राज्यपाल के माध्य्म से जारी कर दी है।उन्होंने कहा कि मढ़ी में स्थानीय बच्चों के लिए जो सरकारी प्लस टू स्कूल था उसके भवन और विद्यार्थियों को पिछली भाजपा सरकार के समय में ही वहां से बेदख़ल कर दिया गया था और उन्हें किराये के मकानों में पढ़ाया जा रहा है।इस स्कूल का अस्त्तिव ही भाजपा सरकार और पूर्व मंत्री ने ख़त्म कर दिया था और तब से लेकर अब तक वे बच्चे भेड़ बकरियों की तरह कभी यहां तो कभी वहां बैठाए जाते हैं।पुराने स्कूल को बिना विभाग की अनुमति से सत्ता बल के डंडे से बंद करवा दिया था और उसके भवन निर्माण के लिए कोई वैकलिपक व्यवस्था नहीं की गई है।लेकिन वर्त्तमान कांग्रेस पार्टी की सरकार व विधायक ने तो उससे और ज़्यादा जन व छात्र विरोधी फैसला ले लिया और अब अरबों रुपये की लागत से बने इस आवासीय विद्यालय को बेचने का ही निर्णय लिया है जो यहां के स्थानीय गरीब परिवारों से सबन्ध रखने वाले बच्चों के भविष्य के खिलाफ खिलवाड़ है।इसलिए माकपा ने निर्णय लिया है कि वे इस स्कूल को निजी क्षेत्र में देने के सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आंदोलन शुरू करेगी।पूर्व पार्षद भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि जिस दिन 24 जुलाई को शिमला में इसे नीलाम करने के लिए क़वायद शुरू करने का सरकार का प्रस्ताव है उसी दिन मढ़ी में इस स्कूल को बचाने के लिए प्रदर्शन किया जायेगा।उन्होंने बताया कि इसके लिए नज़दीकी पंचायतों और गांवों में इसके बारे मीटिंगे की जाएंगी और सरकार के इस फ़ैसले का विरोध करने के लिए शुरू की जा रही मुहिम में आम जनता से शामिल होने की अपील भी की जाएगी।उन्होंने स्थानीय ग्राम पंचायतों, महिला मण्डलों, यूवक मण्डलों व अन्य संस्थाओं से भी अपील करते हुए आह्वान किया है कि वे सरकार के इस फ़ैसले का विरोध करें और इसके लिए गांव गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाएं और सरकार को अपना फ़ैसला बदलने की मांग के लिए भेंजें।उन्होंने इस स्कूल को नीलाम होने से रोकने से सभी लोगों को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर विरोध करने की भी अपील की है।

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