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रविवार, 18 अगस्त 2024

*राजनितिज्ञों ने न्यायपालिका,कार्यपालिका आम समाज पर कर लिया है कब्जा- नहीं कोई सुनवाई- बालक राम शर्मा*

 *राजनितिज्ञों ने न्यायपालिका,कार्यपालिका आम समाज पर कर लिया है कब्जा- नहीं कोई सुनवाई- बालक राम शर्मा*




    *बिलासपुर 18 भारतीय जवान किसान पार्टी के राष्ट्रीय मीडिय प्रभारी व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एंव विकास संयुक्त समिति के प्रदेशाध्यक्ष वैटरन कैप्टन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आज देश प्रदेश का आम आदमी व आम समाज और न्यायपालिका,कार्यपालिका पर राजनितिज्ञों ने कब्जा कर लिया है आम आदमी गरीब लोगों की कोई सुनवाई नहीं शासन प्रशासन व न्याय देने वाले सब ऐसा लगता है कि राजनीतिज्ञों ने हाइजैक करके रख लिया है आम गरीब लोगों की किसी आम आदमी की न तो समस्य का हल होता है और न कोई सुनवाई होती है सिर्फ़ व सिर्फ़ चक्कर पर चक्कर काटते रहो तारीखें देखते रहो परन्तु इन्साफ नहीं मिल पाता हमारे पास बहुत से उदाहरण हैं विभागों के निचे कर्मचारी ही काम नहीं बनने देते सिर्फ व सिर्फ चक्कर कटवाते हैं अधिकारी तक पहुंचने नहीं देते पहले ही कह देते हैं अगली तारीख पड़ गई है आज साहब भी नहीं हैं भले ही वह कुछ देर के लिए इधर-उधर गया हो जब अधिकारी तक बात जाती है तब अधिकारी कहता है मुझे तो पता नहीं परन्तु निचे वाले गुमराह करते हैं*


        *राष्ट्रीय मीडिय प्रभारी वैटरन बालक राम शर्मा ने आगे बताया कि जब नेताओं के पास कोई जाता है तो वह अश्वासन देकर भेज देता है अपना पल्ला झाड़ लेता है न्यायापालिका की तारिखें खत्म नहीं होती सरकारें कोई तबज्व नहीं देती क्योंकि सरकार चलाने वाले वही नेता हैं जो आम जनता से चुनाव के समय मिलते हैं बाद में दिखाई नहीं देते कहां हैं कोई पता नहीं अगर कोई मिल जाए तो वह अश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेता है झूठा दिलासा देकर टाल देता है कोई किसी की समस्य का हल नहीं होता और आम आदमी गरीब पीस कर जिंदगी जीने को मजबूर है करे तो क्या करे कहीं भी सही समाधान नहीं न कोई सुनवाई होती है इससे यही प्रतीत होता है कि राजनितिज्ञों ने सब कुछ अपने आधिकार में करके कब्जा कर लिया है आम गरीब आदमी दूभर की ज़िंदगी जीने को मजबूर हो रहा है इस के लिए आम समाज को जाग्रित होने की जरूरत है और बार-बार एक ही नेता को न चुने बार-बार वही नेता बनने पर घमंडी और ट्रकाउ अश्वासन वाला बन जाता है समझो और जागो जो समाज में आज हो रहा है सबके सामने है सब जानते हैं परन्तु अपनी ताक़त को नहीं समझते हैं गुलामी की तरह जीने को मजबूर हैं ।जयहिंद*



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