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सोमवार, 4 नवंबर 2024

*भागवत कथा के साप्ताहिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन*

 *भागवत कथा के साप्ताहिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन*







           *उमाशंकर दीक्षित*

*दलाश (कुल्लू )*। ग्राम पंचायत दलाश के चपोहल  गाँव  में भागवत पुराण की साप्ताहिक कथा का सोमवार को विधिवत समापन हो गया। चपोहल निवासी शेषपाल शर्मा ने अपने नूतन गृह में भागवत पुराण की कथा का आयोजन अपने पिताजी के चातुवार्षिक श्राद्ध के निमित्त किया तथा अंतिम दिन भागवत पुराण के कथावाचक आचार्य डॉक्टर दयानन्द गौतम का शुभाशीष पाकर इस साप्ताहिक यज्ञ का विसर्जन पूर्णाहुति देने के पश्चात  किया गया। शेषपाल ने  सपरिवार अपने भाई बंधुओं के साथ भागवत का साप्ताहिक अनुष्ठान पूर्ण किया। उन्होंने इस भागवत यज्ञ में एक बड़े तीर्थ पर किये गए एक महायज्ञ की तरह पुण्य प्राप्त किया और  मातृ पितृ ऋण से मुक्त होकर पूरे वातावरण को न केवल सुवासित एवं पवित्र किया बल्कि अपने जीवन में एक महान पुण्य कार्य करके मानुष जीवन को सफल बनाया। 



    आचार्य दयानन्द गौत्तम ने सात दिन तक भगवान की कथा का बड़े सुंदर तथा लालित्य ढंग से वांचन किया । अपने प्रवचन में उन्होंने श्रोताओं को नाना प्रकार के रोचक कथा प्रसंग सुनाये। भागवत की कथा में उन्होंने भगवान विष्णु के चौबीस अवतरों में से कृष्ण अवतार की विशेषता, सुदामा चरित्र, राधा कृष्ण लीला से जुड़े गूढ प्रसंग तथा प्रभु चरित्र के ज्ञान व भक्ति का अमृतपान करवाया। उन्होंने भागवत पुराण के सभी स्कन्धों का सार व महत्व भी बताया।



      आचार्य दयानन्द गौत्तम ने बताया कि यहां पर भागवत का आयोजन बड़े सुन्दर ढंग से हुआ। जिसमें सैकड़ों लोग कथा सुनने पहुचे और दूर पार के अनेक भक्तजनों ने कथा का आनंद लिया।

       उनके साथ आयी म्यूजिक पार्टी ने  अपनी अनूठी संगीत कला व  भजनों की मधुर वाणी से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इस म्यूजिक ग्रुप ने दिन में तथा रात्रि जागरण में अपने भजन गीतों से कथा पंडाल में खूब रास डाल कर लोगों के बीच समा बांधा।

        भगवान की कथा के अंतिम दिन भागवत पुराण को परिवार के लोगों ने पूजा अर्चना करने के पश्चात ब्यास गद्दी से  श्रद्धा भाव से अश्रुपूर्ण विदाई दी। 

   सात दिन के इस आयोजन में मुख्य आचार्य के साथ पंडित राकेश शर्मा, पंडित रवि शर्मा,  पंडित बलदेव शर्मा , पंडित प्रदीप शर्मा, पंडित अशोक शर्मा तथा भूपेंद्र  साप्ताहिक यज्ञ में शामिल थे।



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