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रविवार, 4 जनवरी 2026

* *हिंदुस्तान को गुमराह* *और* *पथभ्रष्ट नहीं किया जाए*

 * *हिंदुस्तान को गुमराह* *और* 

*पथभ्रष्ट नहीं किया जाए*



  {   मुमुक्षु  के. ठाकुर  }


अपने ही लिए वोट / मत पाने के लिए बहुत सारे राजनीतिक दलों की अपनी अनैतिक मजबूरी हो सकती है  | राज्य व देश स्तर पर बहुत सारे नेता लोग ये प्रचार - प्रसार करते रहते हैं कि अमुक क्षेत्र में इतने मुस्लिम , दलित , आदिवासी , अन्य पिछड़ा वर्ग और कई प्रकार के मतदाता हैं  | 

देश को उचित दिशा और सही मार्गदर्शन करने के बजाए लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माने जाने वाले बहुत सारे टीवी चैनल तथा पत्र - पत्रिकाएं भी राजनीतिक लोगों की हाँ में हाँ मिलाते हुए इसी प्रकार की अवांछित सूचनाएं देने के लिए हर समय आतुर रहते हैं  |

भारत के दक्षिण भाग के कई सारे राजनीतिक लोग भाषा के नाम पर देश को बांटने का कुत्सित प्रयास करते हैं  | 


बहुत सारे टीवी चैनल और उनके संचालक तो उनकी अपनी धूर्तता का विशिष्ट परिचय देते हुए कुछ इस तरह भी चीख - चिल्लाकर कथित समाचार सुनाते - दिखाते हैं  कि " इस स्थान पर इतने मुसलमान रहते हैं " ,  ( इस पूजा पद्धति वाले लोगों की किसी भी जाति का उल्लेख नहीं करते )  ,  फिर सनातन धर्म - संस्कृति पर निर्दयी कुठाराघात करते हुए बकते हैं , कि  "  इतने ब्राह्मण , राजपूत , वैश्य , खत्री , जाट , सिख , दलित , आदिवासी , ओ बी सी  और अन्य वर्गों के लोग पाए जाते हैं  | " 


ऐसे ही भ्रष्ट पत्रकार सनातन धर्म की कई सारी जातियों के बहुत सारे नाम - उपनाम भी गिना डालते हैं  |  इस प्रकार के पत्र - पत्रिकाएं , पत्रकार , टीवी चैनल ,  एंकर , रिपोर्टर को हर सम्भवत: कहीं से तो कोई विशेष लाभ मिलता ही है  |  तभी तो ऐसे लोग पत्रकारिता और लेखन के मूल्यों , मर्यादाओं , नैतिकताओं , नियमों का घोर उल्लंघन करने में तनिक भी लज्जा और संकोच का अनुभव नहीं करते !


पहले पत्रकारिता एक बहुत  गंभीर , पवित्र " मिशन "  हुआ करता था  |  आज के बहुत सारे दुष्ट लोगों ने पत्रकारिता को

 " कमीशन " ( बड़े व्यक्तिगत लाभ ) का धंधा बना डाला है |  बहुत सारे निजी समाचार चैनल तो   निष्पक्ष समाचार सुनाने - दिखाने के बजाय प्रतिदिन

" विशेष समाचार पैकेज " ही चलाते हैं ! 


महान भारत देश जैसे पूर्ण प्रभुतासंपन्न , प्रजातंत्रीय गणराज्य  और निकट भविष्य में पूर्ण समृद्ध बनने वाले राष्ट्र के लिए ऐसे सभी नकारात्मक व सर्वथा अप्रिय उपक्रम बहुत ही घातक और निंदनीय हैं  | 

धर्म , जाति , भाषा , क्षेत्र , लिंग , वर्ग , राज्य , व्यवसाय , कार्यक्षेत्र   और किसी भी अन्य आधार पर हिंदुस्तान के विभाजन के सभी प्रयास सर्वथा अस्वीकार्य हैं  |

भारत व सभी हिन्दुस्थानियों को पथभ्रष्ट होने से बचाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी अनिवार्यता है |   परमपिता परमात्मा सारे समाज व देश को सद्बुद्धि प्रदान करें  | 

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     मुमुक्षु के. ठाकुर  ,  चम्बा

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