विराट हिन्दू सम्मेलन बद्दी में गूंजी साध्वी प्राची दीदी की ओजस्वी वाणी, सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब
BHK NEWS HIMACHAL:-:बीबीएन 4 जनवरी कविता शांति गौतम
नालागढ़ जिले के बद्दी नगर में सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन जी एस रिजॉर्ट अमरावती के प्रांगण में किया गया। सम्मेलन में विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्या विश्व विख्यात हिन्दू शेरनी साध्वी प्राची दीदी ने मंच से उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को कुटुंब प्रबोधन पर मातृ शक्ति से आग्रह किया कि अपने बच्चों को मोबाइल की बुरी लत मत लगने दो उसके बजाय उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का उपयोग करते आना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार हमे देने है जो बड़े छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे बने वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर भारतीय परंपरा ओर संस्कृति से विमुख न हो।* ..साध्वी प्राची दीदी ने कहा कि
अपने बच्चो को हनी सिंह, खान के फेन मत बनाओ उन्हें भगत सिंह के फेन बने ऐसी शिक्षा दो....
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त हिंदू सम्मेलन का आयोजन में बद्दी नगर की 10 बस्तियों के लगभग 5100 से अधिक सनातनी लोग उपस्थित रहे। जिसमे साध्वी सरस्वती जी ने कुटुंब प्रबोधन पर मातृ शक्ति से आग्रह किया कि अपने बच्चों को मोबाइल की बुरी लत मत लगने दो उसके बजाय उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का उपयोग करते आना चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार हमे देने है जो बड़े छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई जैसे बने वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आकर भारतीय परंपरा ओर संस्कृति से विमुख न हो।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर जब बना तब पूरी दुनिया हर्ष उल्लास था। ऐसा ही पूरा वातावरण हमे पुनः निर्मित करना होगा जिससे कि सरसंघचालक जी और प्रधानमंत्री जी स्वयं मंच से कहे कि आज से भारत में गौ माता का वध पूर्णतः प्रतिबंधित है।वह दिन हम सबके लिए धन्य होगा.समाज में संघ के कारण समरसता का वातवरण निर्मत है. सभी मिलकर एक पंगत एक संगत, एक मंदिर एक श्मशान.. में मिलकर सहभागिता करते है. यह अपने आप में अनुपम उदाहरण है.।.
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख हरीश कुमार ने संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के पदचिन्हों पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें स्वदेशी का उपयोग करना चाहिए,नागरिक कर्तव्य का पालन करना चाहिए,हमें जाति पाती का भेद मिटाकर सामाजिक समरसता का पालन करना चाहिए।कुटुंब प्रबोधन पर उन्होंने का परिवार का संयुक्त होना वर्तमान की आवश्यकता है। हमें स्व का बोध होना चाहिए । हिंदू समाज को संगठित होने की आवश्यकता है हमे विदेशों में हो रही विधर्मियो द्वारा हिन्दुओं की निर्मम हत्या से सीख लेने की आवश्यकता है। सिख संगत के गुरपाल सहित मंच जिला संघचालक महेश कुमार कथा प्रवक्ता मौजूद थे।प्रेरणादायी वाणी से संबोधित किया। उनके उद्बोधन के दौरान पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक संजय कुमार,जिला कार्यवाह श्रवण कुमार, प्रदेश समरसता प्रमुख प्रचारक जितेन्द्र कुमार, नगर प्रचारक दीपक कुमार,सुरुचि शर्मा,नगर श्योजक विनोद कुमार, नगर कार्यवाह यशकर पाल, श्री राम सेना संयोजक राजेश जिंदल, सरस्वती मंदिर गुलरवाला प्रधानाचार्य अंजू पटियाल, कविता शांति गौतम, वंदना कौशल,आरुषि, राकेश कुमार,प्रदीप कुमार, स्वसहायता संगठन से कपिल शर्मा, स्वर्ण ठाकुर, आ भा वि प से स्वस्तिक गौतम, रवि वर्मा न्यू टाउन, सतीश ढूंढवा, सतीश जैन, संजीव ठाकुर गोलू, पूर्व विधायक परमजीत सिंह, राज संधू,, ऋषि ठाकुर, विचित्र पटियाल,पंकज कुमार, भूमेश कुमार, डा श्री कांत, आशीष, श्री नारायण आदि मौजूद रहे।

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