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शनिवार, 26 फ़रवरी 2022

राजस्थान और पंजाब सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन बहाल करने की घोषणा के सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान कर दिया है

 राजस्थान और पंजाब सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन बहाल करने की घोषणा के सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान कर दिया है



सुंदर नगर।

राजस्थान और पंजाब सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन बहाल करने की घोषणा के सत्ता में आने पर पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान कर दिया है । शनिवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला प्रवक्ता मुख्य समाजसेवी ब्रह्मदास चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा कर्मचारियों को डराना धमकाना नहीं चाहिए और उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सलाह दी है और कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है। लेकिन यह सरकार कर्मचारियों को धमकाने का काम कर रही है।  ओल्ड पेंशन की बहाली के लिए कर्मचारी मांग कर रहे हैं । जिस तरह राजस्थान पंजाब सरकार ने पेंशन बहाल करने का फैसला कर लिया है । हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार सत्तासीन होने के बाद ओल्ड पेंशन को बहाल कर दिया जाएगा और वर्तमान में जो कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पुरानी पेंशन पाने के लिए पेंशन पद यात्रा कर रहे हैं । कांग्रेस पार्टी उसका जोरदार समर्थन करती है और कर्मचारियों के हकों को पाने के लिए कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान की भाजपा सरकार का जो आइडियल रवेये है। उसका जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव में कर्मचारी और प्रदेश की जनता उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा कर देगी और कांग्रेस सरकार हिमाचल में सत्तासीन होती ही ओल्ड पेंशन बहाल करेगी। कहा कि वर्तमान की भाजपा सरकार के कार्यकाल में कोई भी कर्मचारी हितैषी फैसला नहीं लिया गया है। कर्मचारियों को सरकार ने उलझा कर रख दिया है। इतना ही नहीं आम जनता भी महंगाई बेरोजगारी भ्रष्टाचार से पीस कर रह गई है और जो चुनावी वादा करके केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार सत्तासीन हुई थी। वर्तमान में चुनावी वादे के मुताबिक एक भी काम धरातल पर डबल इंजन कहलाने वाली भाजपा सरकार ने करके नहीं दिखाया है। लोगों के साथ छल कपट करके और झूठे वादे करके सत्तासीन हुई है और अब जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर निकालने का पूरा मन बना लिया है।

वाइट 




जलशक्ति विभाग में रैगुलर कर्मचारियों के दर्जनों पद समाप्त विभाग कम वेतन पर आऊटसोर्सिंग पर भर्ती मज़दूरों से चला रहा है काम और कर रहा है उनका शोषण-भूपेंद्र

 जलशक्ति विभाग में रैगुलर कर्मचारियों के दर्जनों पद समाप्त


विभाग कम वेतन पर आऊटसोर्सिंग पर भर्ती मज़दूरों से चला रहा है काम और कर रहा है उनका शोषण-भूपेंद्र


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जलशक्ति विभाग के धर्मपुर मंडल  में तीसरी तथा चतुर्थ श्रेणी के विभागीय कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के कुल 490 पद स्वीकृत हैं।लेक़िन मज़ेदार बात यह है कि इनमें से केवल 114 पद ही लाईव श्रेणी में हैं औऱ 376 पद डाईंग श्रेणी में डाल दिये गए हैं।वर्तमान में कर्मचारियों की कुल संख्या 184 है जिनमें से 106 डाईंग केडर में परिवर्तित कर दी है और 78 पद ही लाईव श्रेणी में रखे गए हैं। ईस प्रकार कुल 270 पद समाप्त कर दिए गए हैं और 36 पद वर्तमाम में खाली हैं।ये जानकारी मज़दूर संगठन सीटू के ज़िला प्रधान व पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने आरटीआई से हासिल की गई सूचना के आधार पर मीडिया में दी है।उन्होंने बताया कि विभाग ने 119 पद हैल्परों के तथा 118 पद बेलदारों के समाप्त कर दिए हैं।इसके अलावा 31पद चौकीदारों के तथा 10 पद पम्प ऑपरेटरों के भी समाप्त कर दिए हैं।उन्होंने बताया कि विभाग में वर्तमान में 36 पद खाली हैं जिनमें फ़िटरों के 11 पम्प ऑपरेटरों के 9 फोरमैन के 5 इलेक्ट्रेशियनों के 4 सर्वेयरों के 3 वर्क इंस्पेकटरों,wwc औऱ कमलेंट अटेंडेंट औऱ स्टोन ब्रेकरों के दो दो पद तथा माली, हैल्पर, स्टोर क्लर्क, मेसन और डराईवर का एक एक पद ख़ाली है।इसके अलावा सेवादारों के 7 चौकीदारों के 5 ड्राफ्समैंन के 2 और स्टेनो और कर्लक,कनिष्ठ अभियंता,बरिष्ठ सहायक और अधीक्षक का एक एक पद ख़ाली है।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इन रैगुलर पदों को विभाग ने समाप्त कर दिया है और उसके बदले में यहां पर सौ से डेढ़ सौ रुपये दिहाड़ी पर आउटसोर्स आधार पर भर्तियां करके काम चलाया हुआ है।उन्होंने इसके लिए जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को जिम्मेदार ठहराया है जिनके विभाग में इतने सारे पद समाप्त कर दिये और कुछ खाली पड़े हैं। सैंकड़ों पद रैगुलर कर्मचारियों के पद समाप्त कर दिए हैं या फ़िर डाईंग केडर में डाल दिये हैं।पूर्व पार्षद ने बताया कि जलशक्ति विभाग यदि इन सभी पदों पर रैगुलर भर्ती करता है तो उन्हें सरकार का निर्धारित वेतनमान देना पड़ना था। लेकिन जलशक्ति मंत्री जिनके बारे में पूरे प्रदेश में यह कहा जाता है कि उन्होंने बहुत ज्यादा रोज़गार धर्मपुर के युवाओं को दिया है। उसकी सच्चाई यह है कि उन्होंने 100रु दिहाड़ी पर मल्टी पर्पज वर्कर्स 120 रु दिहाड़ी पर जलरक्षक औऱ 150 रु दिहाड़ी पर  पारा पंप ऑपरेटर तथा पारा फिटर भर्ती किये हैं।जिन्हें तीन हज़ार से साढ़े चार हज़ार रुपये महीने का वेतन दिया जाता है।जो इन युवाओं के साथ नॉकरी के नाम पर बहुत बड़ाधोखा है औऱ उनका शोषण है तथा उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।भूपेंद्र सिंह ने जकशक्ति मंत्री से पूछा है कि इस महंगाई के दौर में इतने कम वेतन पर कौन मज़दूरअपना औऱ अपने परिवार का पालन पोषण कर सकता है।उन्होंने मांग की है कि जलशक्ति विभाग में जो स्वीकृत पद हैं उन्हें रैगुलर आधार पर भरा जाये और जिन मज़दूरों को औटसोर्सिंग आधार पर रखा गया है उन्हें रैगुलर करने के लिए पालसी बनाई जाये ताकि मजदूरों को शोषण से छुटकारा मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

वाइट भुपेंद्र सिंह 



शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2022

*• एबीवीपी एचपीयू ने किया धरना प्रदर्शन,अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक का भी किया घेराव,पीजी परीक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित करने की उठाई मांग |*

 


*• एबीवीपी एचपीयू ने किया धरना प्रदर्शन,अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक का भी किया घेराव,पीजी परीक्षाओं के परिणाम जल्द घोषित करने की उठाई मांग |*



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25 फरवरी 2022


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा शुक्रवार दोपहर को वि.वि के प्रशासनिक भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया | विद्यार्थी परिषद ने इस धरने प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन से पीजी परीक्षाओं के लंबित पड़े परिणामों को जल्द घोषित करने एवं ईआरपी सिस्टम को सुदृढ़ करने की मांग उठाई | 


कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए इकाई सचिव कमलेश ने कहा कि पीजी परीक्षाओं को हुए 5 महीने बीत गए लेकिन अभी तक उनका रिजल्ट घोषित नहीं किया | बहुत से छात्र विश्वविद्यालय की लेट लतिफी के कारण अन्य कक्षाओं में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं | उन्होंने कहा कि बात करें ईआरपी सिस्टम की तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब इस प्रणाली को अपनाया था उस समय पूरे प्रदेश भर में इसके लिए वाहवाही लूटी थी | उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावे किए थे कि अब छात्रों को घर बैठे सुविधा मिलेगी | छात्र अपने माइग्रेशन, रजिस्ट्रेशन, फीस, परीक्षा फॉर्म, परीक्षा परिणाम सम्बंधित काम ऑनलाइन माध्यम से आसानी से करवा सकते हैं | उस समय विद्यार्थी परिषद ने इस प्रक्रिया को अपनाने के विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया था | लेकिन धीरे धीरे जैसे वक़्त बीतता गया, विश्वविद्यालय प्रशासन के इन खोखले दावों की पोल खुलती गई | विश्वविद्यालय की ई.आर.पी. प्रणाली में गड़बड़ियों का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। कमलेश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से प्रशासन को ई.आर.पी. की खामियों को लेकर सचेत करने का काम कर रही है। विद्यार्थी परिषद के बार-बार ई.आर.पी. की खामियों को दूर करने की मांग उठाने के बावजूद खामियों का स्तर बढ़ा है। कमलेश ने कहा कि जल्द से जल्द इन खामियों को वि.वि प्रशासन दूर करे नहीं तो आने वाले समय में परिषद और उग्र आंदोलन करेगी जिसके लिए प्रशासन खुद जिम्मेवार होगा | 


इसके उपरांत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा शुक्रवार दोपहर अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया | विद्यार्थी परिषद ने इस दौरान मांग उठाई की लंबित पड़े परीक्षा परिणामों को वि.वि प्रशासन जल्द घोषित करे |


इकाई सचिव कमलेश ठाकुर की अगुवाई में दोपहर 1 बजे सभी कार्यकर्त्ता अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय पहुंचे | कार्यकर्ताओं ने पीजी परीक्षाओं के महीनों से लंबित पड़े परिणामों को निकालने को लेकर अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक को घेरा | कमलेश ने कहा कि पीजी परीक्षाओं को हुए लगभग 5 महीने बीत चुके हैं लेकिन उनके अभी तक परिणाम जारी नहीं हुए हैं | वि.वि प्रशासन ने पीजी परीक्षाओं की डेट शीट जारी कर दी है लेकिन पिछले परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए हैं जो कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है | बहुत से छात्रों ने पीएचडी के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में अप्लाई किया हुआ है लेकिन उनका पिछला परिणाम अभी तक प्रशासन ने घोषित नहीं किया है जिसके कारण वो छात्र पीएचडी में प्रवेश लेने से वंचित रह रहे हैं | कमलेश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के निक्कमेपन का खामियाज़ा आम छात्रों को भुगतना पड़ रहा है जो कि छात्रों के साथ सरासर अन्याय है | उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को सहन नहीं करेगी | उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आने वाले सोमवार तक लंबित पड़े परिणामों को घोषित नहीं किया तो उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासनिक ब्लॉक में घुसने नहीं दिया जाएगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेवार रहेगा |


















 कमलेश ने कहा कि विद्यार्थी परिषद आशा करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द उनकी इन मांगों को पूरा करेगा |


साथ ही साथ उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए भी कहा कि अगर जल्द से जल्द इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में प्रशासन को घोर विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसके लिए प्रशासन स्वंय जिम्मेदार होगा 


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*बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान पर आधारित हिंदी शॉर्टफ़िल्म "मेरा हीरो" के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने भेजा बधाई सन्देश_*

 *बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान पर आधारित हिंदी शॉर्टफ़िल्म  "मेरा हीरो" के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने भेजा बधाई सन्देश_*


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*मैं कवि शर्मा को इस प्रकार के प्रयास के लिए बधाई देते हुए फ़िल्म 'मेरा हीरो' की सफलता की कामना करता हूँ -: अशोक गहलोत*


*झुंझुनूं - (राजस्थान)* -: डिवाइन स्टूडियो झुंझुनूं बैनर तले बनी बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ अभियान पर आधारित सामाजिक प्रेरणादायक हिंदी शॉर्ट मेरा हीरो के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बधाई सन्देश भेजा है। अभियान संयोजक कवि हरीश शर्मा व सह-संयोजक आकाश झुरिया के मार्गदर्शन में बनी इस फ़िल्म के निर्माता/ निर्देशक व लेखक मनोज मन्नू परदेशी है। सन्देश में गहलोत ने लिखा कि बालिकाओ की गरिमा को प्रतिष्ठित करने के लिए "बेटा पढ़ाओ-संस्कार सिखाओ" जैसे अभियान महत्वपूर्ण है। हमारी समृद्ध संस्कृति इस परम्परा की संवाहक भी रही है। सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में फिल्मो का महत्वपूर्ण योगदान है। मैं कवि शर्मा को इस प्रकार के प्रयास के लिए बधाई देते हुए फ़िल्म 'मेरा हीरो' की सफलता की कामना करता हूँ।



धर्मपुर में मंत्री पुत्र किस हैसियत में विकास कार्यों की गुणवत्ता जांच रहा है औऱ इस बहाने कर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग

 धर्मपुर में मंत्री पुत्र किस हैसियत में विकास कार्यों की गुणवत्ता जांच रहा है औऱ इस बहाने कर  सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग


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 मुख्यमंत्री में दम है तो मंत्री पुत्र के लिए सरकारी पैसा फूंक रहे अफसरों पर करायें एफआईआर-भूपेंद्र


मंत्री का पुत्र होना कोई काबलियत नहीं है और न ही वह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर सकता है। लेकिन धर्मपुर में जो राजनीतिक ड्रामा चल रहा है उसमें तथाकथित ईमानदार मुख्यमंत्री बताएं कि किस आधार पर एक मंत्री का पुत्र आईपीएच की गाड़ी लेकर सरकारी कार्यक्रमों की अध्यक्षता कर रहा है।किसान नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने  आरोप लगाया है कि भाजपा जयराम को ईमानदार मुख्यमंत्री का मुखौटा लगाकर भ्र्ष्टाचार में लिप्त है।तथाकथित ईमानदार मुख्यमंत्री की शह पर ही मंत्री का बेटा धर्मपुर में अपनी नेतागिरी चमका रहा है।वह एक वार्ड मेंबर का चुनाव नहीं जीत पाया है उसकी काबलियत केवल इतनी है कि वह मंत्री का पुत्र है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री महेंद्र सिंह की कठपुतली बन चुके हैं अगर वह इतने ईमानदार हैं तो मंत्री पुत्र की नेतागिरी चमकाने में  जनता के खून पसीने की कमाई उड़ा रहे अफसरों पर एफआईआर दर्ज करायें।उन्होंने आरोप लगाया कि ईमानदारी का बस मुखौटा लगा है जबकि  उन्ही के इशारे पर जनता की कमाई मंत्री के पुत्र रजत को नेता बनाने के लिए उड़ाई जा रही है। अगर दम है तो मुख्यमंत्री प्रैस कान्फ्रेंस करके जनता को बताएं कि उन्होंने किस उद्देश्य को पूरा करने के लिए रजत को आईपीएच की लग्जरी कार में सरकारी कार्यक्रमों  की अध्यक्षता कराई जा रही है और अफसर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग उस व्यक्ति के लिए कर रहे हैं जो किसी भी संवैधानिक पद पर नहीं है।उन्होंने कहा कि पाप का घड़ा भर चुका है और धर्मपुर की जनता  परिवारवाद को खत्म करके ही दम लेगी।विकास कार्यों के लिए आये पैसे को मंत्री के सगे संबधी और चमचे दिल खोल कर लूट रहे हैं।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय में मंत्री का बेटा कहीं उज्वला योजना के तहत रसोई गैस के चूल्हे वितरित करता है तो कहीं पर कृषि और बागवानी विभाग के कार्यक्रमों में मुख्यथि बनाया जा रहा है।स्कूलों में हो रहे समारोहों में भी मंत्री का बेटा ही अपने पिता के स्थान पर चीफ़ गेस्ट होता है।यही नहीं पिछले दिनों मंत्री पुत्र ने चुने हुए ग्राम पंचायतों के प्रधानों की समीक्षा बैठक बुलाकर विकास कार्यों की समीक्षा की।यही नहीं धर्मपुर में कृषि, बागवानी,जलशक्ति व अन्य विभागों से जो सहायता प्रदान की जाती है उसके लिए भी इन्हीं की सिफ़ारिश पर लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जाती है।यही नहीं ग्राम पंचायतों में विधायक निधि से सौर ऊर्जा की लाईटें भी इन्ही के चिट पर आवंटित होती है।मंत्री पुत्र विधायक निधि से महिला मंडलों औऱ स्कूलों को सहायता राशी की भी ये ही स्वीकृत कर रहे हैं।कई जगह वे विकास कार्यों का भूमि पूजन औऱ लोकार्पण भी कर रहे हैं।आजकल महिला मंडलों के सम्मान समारोह आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें उन्हें भावी उम्मीदवार घोषित करने का काम किया जा रहा है।गत सप्ताह संधोल में आयोजित महिला मंडल सम्मान समारोह में  मंत्री की उपस्थिति में उन्हें अगला उमीदवार घोषित कर दिया गया और पिछले कल स्योह में भी यही प्रक्रिया दोहराई गई।इन समारोहों में उनके साथ जलशक्ति और लोकनिर्माण विभाग के सभी ठेकेदार साथ होते हैं जो उन्हें कंधे पर उठाकर उनके नारे लगाते हैं।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मंत्री के बेटे के प्रचार में उनका आई टी सैल पूरी तरह से जुट गया है जो हर रोज़ उन्हें प्रचारित करने में लगा रहता है।सबसे मजेदार बात तो ये है कि फेसबुक पेज़ पर जो भाषा मंत्री के लिए लिखी जाती थी वही भाषा उनके पुत्र के पेज़ पर लिखी जा रही है।इतना ही नहीं मंत्री के बेटे द्धारा चुने हुए ज़िला पार्षदों के अधिकारक्षेत्र में भी दख़ल दिया जा रहा है।यहां से जीते तीन भाजपा से जुड़े ज़िला पार्षदों में से दो तो मंत्री पुत्र के लिए फूलमालाएं और गुलदस्ते भेंट करने के लिए तैनात रहते हैं और तीसरी पार्षद जो मंत्री की बेटी है और भाजपा महिला मोर्चा के राज्य महासचिव है साथ ही महिला एवं सामाजिक न्याय विभाग की राज्य स्तरीय कमेटी की सदस्य है उसे भी साईड लाईन किया जा रहा है और जब वे यहां से बाहर होतीं है तब उनके गरयोह ज़िला परिषद वार्ड में भी मंत्री का बेटा अधिकारियों पर दबाब डाल कर कोई न कोई समारोह औऱ कार्यक्रम आयोजित करवा देता है और उसमें मुख्यथि बन जाता है।हालांकि मंत्री की बेटी चुनी हुई ज़िला पार्षद है और सरकारी महकमें की भी मेंबर है तो उसको भी अलग थलग करने का काम हो रहा है।कुल मिलाकर धर्मपुर में जलशक्ति मंत्री ने सारे नियम कायदों को पैर तले रौंदते हुए अपने बेटे को अपनी विरासत सौंपने की कबायत शुरू कर दी है लेकिन मुख्यमंत्री मौनी बाबा बने हुए हैं और धर्मपुर में मंत्री के बेटे की सभी प्रकार की नाजायज दखलंदाजी औऱ गैर कानूनी हस्तक्षेप को पूरा सरंक्षण दे रहे हैं जिसका खामियाजा उन्हें केवल धर्मपुर में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में भुगतना पड़ेगा।



गुरुवार, 24 फ़रवरी 2022

एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने ERP SYSTEM की खस्ता हालत व PG के रिजल्ट घोषित न होने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया

एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने ERP SYSTEM की खस्ता हालत व PG के रिजल्ट घोषित न होने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया


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आज एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने ERP SYSTEM की खस्ता हालत व PG के रिजल्ट घोषित न होने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया।



हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 2013 में ERP सिस्टम विश्वविद्यालय में लाया था जिसके साथ विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज 9 साल बीतने के बाद भी प्रशासन ERP सिस्टम को सही रूप से स्थापित नहीं कर पाया है। जिस वजह से छात्रों को भारी मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों के जब एग्जाम फॉर्म भरे जाते हैं तो ERP सिस्टम की खामियों की वजह से समय पर फार्म नहीं भर पाते हैं व दूसरी तरफ जब रिजल्ट घोषित किया जाता है उस समय ERP सिस्टम में खामियों की वजह से छात्रों के आधे अधूरे रिजल्ट निकलते हैं। ERP सिस्टम के चलते जब कोई छोटी सी भी गलती होती है तो विश्वविद्यालय उसको ठीक करने की 600 रुपये छात्रों से वसूल करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एग्जामिनेशन विंग को ठेके पर दे दिया है जिसके तहत ऑनलाइन पेपर चेक करने का प्रावधान किया गया है। इसमें ठेकेदार के द्वारा रखे गए लोगों द्वारा एग्जामिनेशन शीट की स्केनिंग की जा रही है व शीट कहां चेक हो रही है इसका पूरा ब्यौरा ठेकेदार के पास है जिसमें एग्जाम चेकिंग की सीक्रेसी पर सवाल खड़ा होता है। किसी भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी को स्केनिंग की जिम्मेवारी नहीं दी गई है। अब सवाल पैदा होता है कि अगर इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? 



ठेकाकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगस्त सितम्बर 2021 में PG के एग्जाम करवाए थे लेकिन लगभग 6 माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन रिजल्ट घोषित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। रिजल्ट में देरी का मुख्य कारण एग्जाम विंग का ठेकाकरण है। अब 3 मार्च 2022 से PG के एग्जाम होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक छात्रों के रिजल्ट घोषित नहीं किए गए हैं। इस कारण प्रशासन द्वारा छात्रों के भविष्य से साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि किसी छात्र ने री अपीयर के एग्जाम भरने हैं तो वो कैसे फॉर्म भरेगा जबकि उसका पिछला रिजल्ट ही अभी घोषित नहीं किया गया है।



SFI ने आज धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन को चेताया है कि यदि जल्द ही छात्रों के परीक्षा  परिणाम घोषित नहीं किए जाते तो SFI छात्रों को लामबंद कर एक उग्र आंदोलन करें।




बुधवार, 23 फ़रवरी 2022

हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर मांगें गए आवेदन को लेकर परीक्षा स्थगित करने पर विरोध करती है


हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर मांगें गए आवेदन को लेकर परीक्षा स्थगित करने पर विरोध करती है



आज दिनांक 23 फरवरी 2022 को भारत की जनवादी नौजवान सभा द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर मांगें गए आवेदन को लेकर परीक्षा स्थगित करने पर विरोध करती है बता दें कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में विभिन्न पदों पर मांगे गए आवेदनों को लेकर परीक्षा 13 फरवरी को होना तय हुई थी परंतु उसे स्थगित कर 23 फरवरी को दोबारा से परीक्षा करवाने की तिथि तय की गई परंतु 22 फरवरी को शाम 7:00 बजे उस परीक्षा में बैठने वाले परीक्षार्थियों को मेल के माध्यम से सूचित किया गया कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है यह परीक्षा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में होनी थी इस परीक्षा में प्रदेश भर के अनेकों युवा परीक्षा देने के लिए पहुंचे परंतु जब उन्हें यह पता चला कि परीक्षा स्थगित कर दी गई है तो इससे परीक्षार्थियों में भी गहरा रोष है एक और जहां प्रदेश में लगातार बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी ओर इस तरह से प्रशासन का नकारात्मक रवैया व परीक्षा को कराने की तैयारी की पोल खुलती साफ नजर आ रही है आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में इस परीक्षा को देने के लिए अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे परंतु परीक्षा ना होने के चलते उन्हें विभिन्न परेशानियों का सामना भी करना पड़ा हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी द्वारा 62 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे और इन आवेदनों के माध्यम से अभ्यर्थियों से हजारों रुपए फीस वसूली गई परंतु बार-बार परीक्षा के रद्द होने के चलते परीक्षार्थियों में गहरा रोष है ।


भारत की जनवादी नौजवान सभा यह मांग करती है कि हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी द्वारा विभिन्न पदों पर की जा रही भर्ती की परीक्षा जल्द से जल्द करवाई जाए तथा पूर्व की तरह परीक्षा को बार-बार ना टाला अन्यथा भारत की जनवादी नौजवान सभा इस परीक्षा में शामिल होने अभ्यर्थियों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार व प्रशासन के खिलाफ एक उग्र आंदोलन करेगी ।