फ़ॉलोअर

रविवार, 25 दिसंबर 2022

सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश की बैठक प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में ज्योति बासु भवन हमीरपुर में सम्पन्न हुई।

सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश की बैठक प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में ज्योति बासु भवन हमीरपुर में सम्पन्न हुई।



BHK NEWS HIMACHAL 

 सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश की बैठक प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में ज्योति बासु भवन हमीरपुर में सम्पन्न हुई। बैठक में सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि मजदूरों और किसानों की मांगों पर 8 जनवरी को सीटू व हिमाचल किसान सभा का मंडी में राज्य स्तरीय अधिवेशन होगा। इन मांगों को लेकर मजदूर किसान 5 अप्रैल 2022 को दिल्ली में संसद मार्च करेंगे। बैठक में विजेंद्र मेहरा, डॉ कश्मीर ठाकुर, प्रेम गौतम, जगत राम, एन डी रणौत, जोगिंद्र, अजय दुलटा, राजेश, केवल, संतोष, रंजन शर्मा, सुरेश,  नीलम, विजय, सुमित्रा, सुदेश, हिमी, हिमिन्द्री, आशीष, गुरदास, अनिल, संजय, विक्की, सर चंद, भूप सिंह, पदम, बालक राम, मदन नेगी, गुरनाम, रामप्रकाश आदि शामिल रहे। 



सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार मजदूरों के कानूनों पर हमले कर रही है। इसी कड़ी में मोदी सरकार ने मजदूरों के चबालिस कानूनों को खत्म करके चार लेबर कोड बनाने,सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश व निजीकरण के निर्णय लिए हैं। उन्होंने आउटसोर्स नीति बनाने,स्कीम वर्करज़ को नियमित कर्मचारी घोषित करने,मनरेगा मजदूरों के लिए 350 रुपये दिहाड़ी लागू करने आदि विषयों पर केंद्र व प्रदेश सरकार की मज़दूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पूंजीपतियों के हित में कार्य कर रही है व मजदूर विरोधी निर्णय ले रही है। पिछले सौ सालों में बने चौबालिस श्रम कानूनों को खत्म करके मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं अथवा लेबर कोड बनाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल का फायदा उठाते हुए मोदी सरकार के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश जैसी कई राज्य सरकारों ने आम जनता,मजदूरों व किसानों के लिए आपदाकाल को पूंजीपतियों व कॉरपोरेट्स के लिए अवसर में तब्दील कर दिया है। यह साबित हो गया है कि यह सरकार मजदूर,कर्मचारी व जनता विरोधी है व लगातार गरीब व मध्यम वर्ग के खिलाफ कार्य कर रही है। सरकार की पूँजीपतिपरस्त नीतियों से देश की नब्बे प्रतिशत आम जनता सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। सरकार फैक्टरी मजदूरों के लिए बारह घण्टे के काम करने का आदेश जारी करके उन्हें बंधुआ मजदूर बनाने की कोशिश कर रही है। आंगनबाड़ी,आशा व मिड डे मील योजनकर्मियों के निजीकरण की साज़िश की जा रही है। उन्हें वर्ष 2013 के पैंतालीसवें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार नियमित कर्मचारी घोषित नहीं किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26 अक्तूबर 2016 को समान कार्य के लिए समान वेतन के आदेश को आउटसोर्स,ठेका,दिहाड़ीदार मजदूरों के लिए लागू नहीं किया जा रहा है। केंद्र व राज्य के मजदूरों को एक समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के मजदूरों के वेतन को महंगाई व उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा जा रहा है। सातवें वेतन आयोग व 1957 में हुए पन्द्रहवें श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार उन्हें इक्कीस हज़ार रुपये वेतन नहीं दिया जा रहा है।





        उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग की है कि मजदूरों का न्यूनतम वेतन इक्कीस हज़ार रुपये घोषित किया जाए। केंद्र व राज्य का एक समान वेतन घोषित किया जाए। आंगनबाड़ी,मिड डे मील,आशा व अन्य योजना कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। मनरेगा में दो सौ दिन का रोज़गार दिया जाए व उन्हें राज्य सरकार द्वारा घोषित साढ़े तीन सौ रुपये न्यूनतम दैनिक वेतन लागू किया जाए। श्रमिक कल्याण बोर्ड में मनरेगा व निर्माण मजदूरों का पंजीकरण सरल किया जाए। निर्माण मजदूरों की न्यूनतम पेंशन तीन हज़ार रुपये की जाए व उनके सभी लाभों में बढ़ोतरी की जाए। कॉन्ट्रैक्ट,फिक्स टर्म,आउटसोर्स व ठेका प्रणाली की जगह नियमित रोज़गार दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार समान काम का समान वेतन दिया जाए। सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश व निजीकरण बन्द किया जाए। चबालिस श्रम कानून खत्म करके मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं(लेबर कोड) बनाने का निर्णय वापिस लिया जाए। सभी मजदूरों को ईपीएफ,ईएसआई,ग्रेच्युटी,नियमतित रोज़गार,पेंशन,दुर्घटना लाभ आदि सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। भारी महंगाई पर रोक लगाई जाए। पेट्रोल,डीज़ल,रसोई गैस की कीमतें कम की जाएं। रेहड़ी,फड़ी तयबजारी क़े लिए स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए।



*सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट एवं SFS(सेवार्थ विद्यार्थि) ने शिमला में किया वस्त्र वितरण* *भयानक ठंड से राहत दिलाने के लिए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने कसी कमर*



*सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट एवं SFS(सेवार्थ विद्यार्थि) ने शिमला में किया वस्त्र वितरण*


*भयानक ठंड से राहत दिलाने के लिए सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने कसी कमर*



 BHK NEWS HIMACHAL 

विभिन्न सामाजिक कार्यों मैं  ख्याति प्राप्त करने वाले सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने एक बार फिर से कमर कस ली है। इस वर्ष के नवंबर माह से लगातार वस्त्र बांटने की कड़ी को ट्रस्ट ने एक बार फिर गति दी है। रविवार को ट्रस्ट एवं SFS(सेवार्थ विद्यार्थि) शिमला के कार्यकर्ताओं ने पंथाघाटी, बस स्टैंड, तारा देवी आदि  विभिन्न स्थानों पर वस्त्र वितरित किए। 





ट्रस्ट के सचिव सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट वर्ष 2016 से ही विभिन्न सामाजिक कार्य जैसे वस्त्र वितरण, रक्त दान, मुफ्त कोचिंग एवं मेडिकल कैम्प, वंचित वर्ग को सहायता आदि का कार्य समाज के अंदर करता है। Covid काल में ट्रस्ट ने बहुत ही सराहनीय कार्य किए हैं जिसमें भोजन वितरण, face masks, PPE KIT, दवाइयों आदि का वितरण मुख्यतः है। सुरिन्दर शर्मा ने यह भी कहा कि ट्रस्ट हिमाचल प्रदेश के अंदर हर वर्ष सर्दियों में ज़रूरतमंद लोगों मैं वस्त्र वितरण का कार्य करता है। 




सर्व सहमति से नरेश शर्मा को चुना गया ब्यपार मंडल का अध्यक्ष

 सर्व सहमति से नरेश शर्मा को चुना गया ब्यपार मंडल का अध्यक्ष 



BHK NEWS HIMACHAL 

लोकेशन रिवालसर :- अजय सूर्या 


रिवालसर व्यापार मंडल की एक बैठक आज रिवालसर पंचायत घर के प्रांगण में आयोजित की गई। इस बैठक में बाजार के लगभग 150 दुकानदार उपस्थित रहे। बैठक में पुरानी कार्यकारिणी को भंग किया गया। जबकि नई कार्यकारिणी का गठन करने के लिए आपस में विचार विमर्श किया गया, व सर्वसम्मति से नरेश शर्मा को व्यापार मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं उप प्रधान पद के लिए एक से अधिक दावेदार होने के चलते व आपसी सहमति न होने से उप प्रधान पद के लिए चयन नहीं हो सका। इस अवसर पर पूर्व व्यापार मंडल प्रधान ढमेशवर ठाकुर उप प्रधान पवन गुप्ता व सचिव राजेंदर गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष नवीन गुप्ता,राकेश गुप्ता, लाभ सिंह ठाकुर, कपिल वर्मा उपस्थित रहे।




बी एच के न्यूज़ के लिए रिवालसर से अजय सूर्या की रिपोर्ट

शनिवार, 24 दिसंबर 2022

धर्मपुर में कार्यालयों व संस्थानों को बन्द करना ग़लत-भूपेंद्र सिंह मुख्यमंत्री द्धारा बिना मन्त्रिमण्डल अनुमोदन के छह सौ से ज़्यादा संस्थान बन्द करना है जनादेश का अपमान

 धर्मपुर में कार्यालयों व संस्थानों को बन्द करना ग़लत-भूपेंद्र सिंह


मुख्यमंत्री द्धारा बिना मन्त्रिमण्डल अनुमोदन के छह सौ से ज़्यादा संस्थान बन्द करना है जनादेश का अपमान




मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी धर्मपुर व सरकाघाट लोकल कमेटी ने धर्मपुर और सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में नई सरकार द्धारा डिनोटिफाई किये गये एक दर्ज़न से ज़्यादा कार्यालयों व संस्थानों के फैसले की निंदा की है और इसे जनता द्धारा कांग्रेस को दिए जनादेश का अपमान बताया है।पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस को मिला जनादेश भाजपा द्धारा लागू की गई जनविरोधी नीतियों का परिणाम है और कांग्रेस सरकार को पिछली सरकार द्धारा दी गई सुविधाओं को छीनने के बजाये उनसे बेहतर काम करने चाहिए लेक़िन सरकार ने अपना काम उल्टी दिशा से शुरू किया है जो सही नहीं है।माकपा ने मंडी ज़िला में जीते एकमात्र कांग्रेस पार्टी के विधायक चन्द्र शेखर से भी इस बारे स्थिति स्पस्ट करने की मांग की है।पार्टी के सचिव व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व में अभी बनने की प्रक्रिया में ही है और अभी मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री ही बनाये गये हैं।कई कारणों से अभी तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया है और न ही विधायकों को शपथ दिलाई गई है।लेक़िन इसी दौरान  नई सरकार ने पिछली सरकार के द्धारा खोले गए छह सौ के आसपास कार्यालयों और संस्थानों को डिनोटिफाई कर दिया है जिससे पूरे प्रदेश में लोगों में इस सरकार को बनाने वाले और भाजपा को हराने वाले मतदाताओं में सरकार के प्रति 15 दिनों में ही असंतोष पैदा हो गया है और इन फैसलों से सत्ता से बाहर हुई भाजपा को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी  ने सरकार के इन फ़ैसलों को तुरंत रोकने की मांग की है और जो संस्थान खोले गए थे उन्हें बहाल किया जाये। बड़े पैमाने पर कार्यालय और संस्थान बन्द करने की मुहिम शुरू की  है वो सही नहीं है।उन्होंने कहा कि नई सरकार के मुख्यमंत्री को पहले मन्त्रिमण्डल गठित करना चाहिए और उसके बाद पहले अपने चुनावी घोषणापत्र और गारंटियों को लागू करना चाहिए और पिछली सरकार के उन कार्यों की समीक्षा होनी चाहिये जिनमें बड़े पैमाने पर भृष्टचार हुआ है।भूपेंद्र सिंह ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछली सरकार द्धारा खोले गये संस्थानों को बन्द करने पर विरोध जताया है और किया और यहां के नवनिर्वाचित विधायक से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है और विधायक द्धारा बन्द किये गए संस्थानों बारे मीडिया में दिए गए उस ब्यान पर भी हैरानी जताई जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें इस बारे कोई जानकारी नहीं है।अगर उनकी जानकारी और पूछे बिना ही ये सब संस्थान बन्द किये गए हैं तो उन्हें इस बारे अपनी आपत्ति मुख्यमंत्री के पास जतानी चाहिए ताकि धर्मपुर की जनता जिसने यहाँ से महेंद्र सिंह के बेटे को हरा कर इतिहास रचा है ये उस जनता की तोहहीन करने का काम किया गया है।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी धर्मपुर कमेटी और यहां की जनता ने वैचारिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस को मतदान किया है और अब ये सब जो हो रहा है उससे जनता में भारी निराशा पैदा हो रही है। उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए कि ये सब यहां से पूर्व जलशक्ति मंत्री और उनके परिवार की तानाशाही और भृष्टचार से छुटकारा पाने के लिए ही जनता में व्यापक एकजुटता क़ायम हुई थी।लेक़िन अगर नई सरकार इस प्रकार के फ़ैसले लेगी और  यहां के विधायक जनता की सुविधाओं की रक्षा नहीं करते हैं तो उनका विरोध भी समय से पहले ही शुरू हो सकता है।इसलिए नई सरकार और यहाँ से जीते कांग्रेस के विधायक को बन्द किये गए कार्यालयों के बारे जल्द  जनता में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।भूपेंद्र सिंह ने एक और सवाल खड़ा किया है कि जिस तरह से मुख्यमंत्री ने अप्रैल 22 के बाद के सारे निर्णयों की समीक्षा करने का फैसला लिया है इससे तो ये निष्कर्ष निकलता है कि उन्होंने पिछली सरकार का कार्यकाल अप्रैल में ही ख़त्म कर दिया है और उसके बाद उन्होंने जो निर्णय लिए थे उन सभी को निरस्त करने वाली कर्यप्रणाली अपना ली है। सरकार की ये कार्यप्रणाली सही नहीं है और असवैधानिक भी है।अतः सुखू के नेतृत्व वाली सरकार सबसे पहले मंत्रिपरिषद गठित करके अपने वायदों को पूरा करने के लिए फ़ैसले लेने चाहिये और प्रदेश में वित्तिय संसाधनो की कमी को कैसे पूरा करना है उसके इंतजाम करने चाहिए।



जल रक्षक महासंघ के सदस्य माननीय विधायक लखनपाल जी से हमीरपुर से प्रधान राजेश संधू प्रदेश मुख्य सलाहकार दीपिका जी की अगुवाई में शिष्टाचार भेंट

 जल रक्षक महासंघ के सदस्य माननीय विधायक लखनपाल जी से हमीरपुर से प्रधान राजेश संधू प्रदेश मुख्य सलाहकार दीपिका जी की अगुवाई में शिष्टाचार भेंट


BHK NEWS HIMACHAL 

आज जल रक्षक महासंघ के सदस्य माननीय विधायक लखनपाल जी से हमीरपुर से प्रधान राजेश संधू प्रदेश मुख्य सलाहकार दीपिका जी की अगुवाई में शिष्टाचार भेंट की तथा लखन पाल जी ने कहा आपका कार्य विचार दिन है मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद आपकी उचित मांगे पूरी कर दी जाएगी हम आपके साथ हैं अति शीघ्र आपका कार्य करने का प्रयास करेंगे उपस्थित रहे उप प्रधान बबलू मीडिया प्रभारी मनजीत संगठन प्रभारी ज्ञानचंद कोषाध्यक्ष रमन शर्मा प्रदीप कुमार राजकुमार मुस्ताक ताराचंद नरेश आदि मौजूद रहे



नई बीमारियों को जन्म देगा नया वर्ष पंडित शशिपाल डोगरा ने वर्ष 2023 के लिए की कई भविष्यवाणियां

 नई बीमारियों को जन्म देगा नया वर्ष


पंडित शशिपाल डोगरा ने वर्ष 2023 के लिए की कई भविष्यवाणियां


BHK NEWS HIMACHAL 

*सत्यदेव शर्मा सहोड़*


शिमला। वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष व अंक गणना विद्वान पंडित शशि पाल डोगरा ने वर्ष 2023 को लेकर अपनी गणना की है। उन्होंने इसे लेकर कई भविष्यवाणियां भी की है। उनके मुताबिक वर्ष 2023 का शुरू होने वाला सन ईस्वी वर्ष का  2+0+2+3=7 अंक बनता है। यह 7 अंक केतु का अंक है। यह अंक मानव जीवन में अत्याधिक महत्व होने के कारण सभी धर्मों में गूढ़ अंक के रूप में भी माना जाता है। क्योकि 7 अंक केतु का अंक है। इसलिए यह अपने अंदर रहस्य को छुपा कर रखता है और इस अंक का बहुत अधिक प्रभाव मनुष्य के जीवन पर पड़ता है।

पंडित डोगरा कहते हैं कि सृष्टि में भी इस अंक का विशेष महत्त्व है। अंक 7 की ही देन से सात महासागर, सात सुर देवता, इंद्र धनुष के भी सात रंग है। केतु जो राहु का ही एक भाग है। जहां राहु सिर है तो केतु गर्दन से नीचे, बाकि शरीर का निचला भाग है। यहां राहु वाणी को ख़राब करता है। वहीं केतु दिशाहीन करता है, क्योंकि यह बिना सिर का है। केतु जो भी करता है अचानक ही करता है और मंगल की तरह अग्नि तत्व ग्रह है, जो अचानक ही प्रभाव डालता है। इस कारण राजनीतिक अवसाद भी अचानक देता है, व्याधि या अड़चन भी अचानक देता है।

पंडित डोगरा के मुताबिक 2023 का यह वर्ष आधी व्याधि वाला रहेगा। अचानक ही किसी नई बीमारी को जन्म दे सकता है। इस कारण जनता में हाहाकार हो सकती है। इस हाहाकार के बढ़ने के प्रभाव को ज़्यादा कर देगा, जब हिन्दू नव संवत भी 22 मार्च 2023 को 2+2=4 अंक राहु पर शुरू होने जा रहा है। 

पंडित डोगरा कहते हैं कि राहु शमशान का कारक है एवं शमशान योग को निमंत्रण देता है। जो अंक ज्योतिष के हिसाब से केतु व राहु के बीच का कालसर्फ योग बना रहा है। केतु का पहले आना व राहु का बाद में आना, संसार में स्थिति को और भी रहस्यमय बना देगा। मालूम ही नहीं होगा कि क्या होने जा रहा है। उनका कहना है कि विश्व का (5+6+9+3+4=27=2+7=9) का 9 अंक, मंगल का अंक है। मंगल अग्नि तत्व ग्रह है। केतु के प्रभाव को ज़्यादा कर  देगा और केतु यहां समुद्र पार व्याधि और बीमारी को अत्यधिक कर  देगा। देश व दुनिया में फिर से परेशानी में डाल सकता है। 



*देश की जनता को बचाने में मिलेगी कामयाबी और विदेश में डंका बजेगा*


पंडित डोगरा के मुताबिक भारत वर्ष का अंक एक है जो सूर्य का अंक है। सूर्य सत्ता और शासन का कारक है। भारत वर्ष की सरकार इस व्याधि से अपनी स्थायी नीति से और वायु यात्रा कुछ स्थानों को बढ़िया कर अपने देश की जनता को बचाने में किसी हद तक कामयाबी को प्राप्त कर सकती है और विदेश में अपना डंका बजा सकती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश का भी 9 अंक बनता है। 9 अंक एक पूर्णांक भी है। जो देवभूमि की 9 शक्तियों का कारक है। इस कारण देवशक्ति में आस्था होने के प्रभाव से यह प्रदेश बचा रह सकता है। 

उनका कहना है कि केतु का 7 अंक व राहु के 4 अंक के बीच में आने के कारण बड़े-बड़े नेताओं को खोने का भय और युवाओं को संकट का समय रहेगा। केतु युवाओं को नशे में धकेल देगा। इस कारण देश के कुछ प्रदेशों में अल्प मृत्यु का योग बना रहा है। वह कहते हैं कि केतु के कारण अचानक राजनीतिक संकट भी पैदा होगा। इस कारण देशभर में सरकारें संकट में आ जाएगी। केतु बिना दिशा का है इसलिए नेताओं को निर्णय लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कुछ नेताओं का जेल यात्रा का योग भी है। इस वर्ष में बहुत से गुप्त रहस्य भी सबके  सामने आने का योग है। बचाव के लिए शिव की पूजा करें व आने वाले वक्त में सरकार के नियमों का पालन करे  बाकी सर्वज्ञ तो ईश्वर है।



विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय वैचारिक प्रशिक्षण शिविर को आज समाप्त

विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय वैचारिक प्रशिक्षण शिविर को आज समाप्त







BHK NEWS HIMACHAL 

 एसएफआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय में चल रहे दो दिवसीय वैचारिक प्रशिक्षण शिविर को आज समाप्त किया।

यह वैचारिक शिविर पिछले कल से शुरू हुआ  इसमें विभिन्न विभागों से आए एस एफ आई के डैलीगेटस ने हिस्सा लिया तथा वैचारिक   चर्चा परिचर्चा में भाग लिया।


इस दो दिन के वैचारिक प्रशिक्षण शिविर में देश दुनिया में घट रही घटनाओ के बारे में समाज को देखने का नज़रीया और संगठन पर चर्चा की गयी इसके साथ-साथ देश और दुनिया को जो आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। उस पर भी चर्चा की गयी इस दो दिन के वैचारिक प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन  हिमाचल प्रदेश एस एफ आई के भूतपूर्व राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने दर्शन पर बात रखी। उन्होंने बताया कि दर्शन इन्सान का दुनिया को देखने का नजरिया होता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि हम किस चश्मे से दुनिया को देखते हैं उन्होंने इस पर बात रखते हुए कहा की वर्तमान मे यह समझना जरूरी है कि आज हिन्दूस्तान के अंदर रूढ़ीवादी व्यवस्था के चलते आज  देश को पीछे लेने की कोशिश संघवाद द्वारा की जा रही है आज इन ताकतों से लड़ने की लिए हमें देश दुनिया को वैज्ञानिक दृष्टिकोण  देखना होगा और  तर्क के आधार पर इन ताकतों से लड़ना होगा  और क्या वह चश्मा आज के परिप्रेक्ष्य से जब विज्ञान आज लगातार प्रगति कर रहा है  उस समय दुनिया को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखना सही है।

दूसरी कक्षा में हिमाचल प्रदेश एसएफआई के पूर्व में राज्य अध्यक्ष रहे विजेंद्र मेहरा ने एस एफ आई के कार्यक्रम और संविधान पर बात रखी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम और संविधान किसी भी संगठन का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। साथ ही उन्होंने एस एफ आई के लक्ष्य और उद्देश्य पर विस्तार पूर्वक बात रखी। विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एसएफआई समाज में वैज्ञानिक  जनवादी धर्मनिरपेक्ष  तथा प्रगतिशील शिक्षा व्यवस्था की स्थापना की लड़ाई लड़ रही है तथा अपने संविधान में अंकित सबको शिक्षा सबको काम के नारे को साकार करने के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में छात्रों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है और आजादी के बाद भी जनवादी शिक्षा व्यवस्था को हासिल करने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।



दूसरे दिन इस वैचारिक प्रशिक्षण शिविर में  पहली कक्षा में टेकेंद्र पंवर ने Political economy पर बात रखी की किस तरह आज पूंजीवादी व्यवस्था के अंदर आज  देश को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है जिसके चलते आम आदमी को इसका सामना करना पड़ रहा है इस संकट के चलते छात्रों को शिक्षा से दूर होना पड़ रहा है आने वाले  समय में यह संकट और भी गहरा होने वाला है

इस शिविर के अंतिम कक्षा में राज्य सचिव अमित ठाकुर ने संगठन पर बात रखी और संगठन करने का तौर तरीका क्या है उसको समझाया। एस एफ आई  एक प्रगतिशील और वैज्ञानिक संगठन है जो छात्रों के लिए हमेशा से सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियो के खिलाफ आवाज उठाती है  इस अंतिम दिन की संगठन की कक्षा मे बात रखते हुए अमित ठाकुर ने इस वैचारिक प्रशिक्षण शिविर  को समाप्त किया।