फ़ॉलोअर

रविवार, 13 मार्च 2022

चार वर्षों में जकशक्ति मंत्री ने 65 बार किये भूमिपूजन,शिलान्यास व उदघाटन एक कार्य के चार चार बार लगते हैं बोर्ड और हो रही है फिजूलखर्ची-भूपेंद्र

 चार वर्षों में जकशक्ति मंत्री ने 65 बार किये भूमिपूजन,शिलान्यास व उदघाटन



एक कार्य के चार चार बार लगते हैं बोर्ड और हो रही है फिजूलखर्ची-भूपेंद्र 


धर्मपुर जलशक्ति मण्डल के अंतर्गत विभिन्न  पेयजल व सिंचाई योजनाओं के भूमिपूजन, शिलान्यास, उदघाटन और लोकार्पण के नाम पर जलशक्ति मंत्री पर फिजूलखर्ची के आरोप माकपा नेता व पूर्व ज़िला परिषद सदस्य ने भूपेंद्र सिंह ने लगाये हैं।उन्होंने बताया कि मंत्री ने गत चार वर्षों में 65 बार  भूमि पूजन, शिलान्यास,उदघाटन और लोकार्पण समारोह किये हैं और एक काम के कई कई बार समारोह आयोजित किए तथा उन पर हजारों रुपये खर्च कर दिए हैं।भूपेंद्र सिंह ने बताया है कि मंत्री ने यहाँ पर एक नई प्रथा शुरू की है जिसके तहत वे एक काम का पहले वे भूमिपूजन करते हैं उसके बाद शिलान्यास करते हैं फ़िर उदघाटन और फ़िर लोकार्पण करते हैं।उसके बाद वे उन्ही कार्यों का नवीकरण,पुनर्वास और जीर्णोद्धार तथा सुदृढ़ीकरण के नाम पर समारोह करते हैं।वे एक ही पेयजल स्कीम के अलग अलग कम्पोनेंट के भी अलग अलग उदघाटन करके अपना टीए डीए बढ़ाते हैं साथ ही विभगीय अधिकारियों का भी ख़र्च बढ़ाते हैं।भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 24 जनवरी 2022 को अपने जन्मदिन के मौके पर दर्जन भर कामों के शिलान्यास किये जिनमें कुछ कार्य अभी अधूरे हैं लेकिन बाबजूद उनके उदघाटन कर दिए गए हैं।इस दिन भड्डू-चस्वाल व छतरैणा गांवों के लिए जल संग्रहण तथा उठाऊ सिंचाई योजना का तथा पांच ग्राम पंचायतों के समूह संधोल, नेरी, सोहर, बैरी, दतवाड व घनाला के लिए उठाऊ सिंचाई योजना के उदघाटन समारोह किये गए हैं लेकिन ये स्कीमें अभी अधूरी हैं।लेकिन मंत्री ने इन्हें जनता को समर्पित कर दिया है।इसी प्रकार बहरी से धवाली मढ़ी सिंचाई योजना को भी जनता के लिए समर्पित कर दिया गया है लेकिन हक़ीक़त में इस सकीम से भी किसानों के खेतों को पानी नहीं मिला है।भूपेंद्र सिंह ने इस कर्यप्रणाली को फिजूलखर्ची बढ़ाने वाली करार दिया है।उन्होंने बताया कि ये 65 उदघाटन केवल जलशक्ति विभाग के ही हैं लेकिन मंत्री ने इनसे भी चार गुणा समारोह लोकनिर्माण विभाग सबंधित कार्यों के किये हैं।उसमे तो मंत्री सड़क में रोड़ी डालने का अलग तो उसे पक्का करने तथा आर सी सी डालने तथा डंगे लगाने के भी भूमिपूजन और उदघाटन समारोह आयोजित करते हैं।यही कारण है कि जलशक्ति मंत्री का दैनिक और यात्रा भत्ता सबसे ज्यादा है।भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को इसके लिए नियम बनाने चाहिए और बार बार उदघाटन करने के बजाए पहली बार शिलान्यास तथा दूसरी बार लोकार्पण समारोह ही आयोजित करने चाहिए।




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें