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मंगलवार, 15 मार्च 2022

प्रस्ताबित हवाई अड्डे के एकतरफा फेसले के विरोध में बल्ह में लगे नारे “चार साला ते जोईरामा मनदा नी, बल्हा रे किसना री सुन्दा नी”, किसानो ने किया रैली का आयोजन, प्रधानमंत्री को एसडीएम् बल्ह के माध्यम से सोपा गया मांग पत्र I

 

प्रस्ताबित हवाई अड्डे के एकतरफा फेसले के  विरोध में बल्ह में लगे नारे “चार  साला ते जोईरामा मनदा नी, बल्हा रे किसना री सुन्दा नी”, किसानो  ने किया रैली का आयोजन, प्रधानमंत्री को एसडीएम् बल्ह के माध्यम से सोपा गया मांग पत्र I




आज बल्ह में हवाई अड्डे के चार साल से मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी  के  एकतरफा फेसले के  विरोध में कन्सा ग्राउंड से एसडीएम् बल्ह तक  बल्ह बचायो किसान संघर्ष समिति दुवारा विरोध प्रदर्शन  का आयोजन किया गया, जिसमे प्रस्ताबित गाँव, ढावन, टाबा, सियांह, कुम्मी, कठ्याल, छात्र्डू  के इलाबा अन्य किसानो ब महिलायों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया  I 

रैली को सम्बोधित करते हुए बल्ह बचाओ किसान संघर्ष समिति के सचिब नन्दलाल वर्मा  ने बल्ह अन्तर्राष्ट्रीय हबाई अड्डा को गैर उपजाऊ जमीन में बनाने कि मांग उठाई,  तथा सरकार द्वारा किसानों से बात किये बिना एकतरफा फेसले का  बिरोध किया, उनहोने  ने कहा कि बल्ह घाटी जिसे मिनी पंजाब से जाना जात्ता है पर राज्य सरकार, प्रस्ताबित अन्तर्राष्ट्रीय हबाई अड्डा के कारण  उपजाऊ जमीन को पूरी तरह से तबाह करने पर तुली हुई है जबकि अधिकतर किसान उपजाऊ जमींन पर नकदी फसले उगा कर अपनी रोजी रोटी और परिबार को पाल रहा है अतः सरकार से मांग कि जाती है कि उपजाऊ जमीन को बर्बाद होने से बचाया जाए।



संघर्ष समिति के प्रधान, जोगिन्दर वालिया  ने कहा कि   एक तरफ राज्य सरकार फोर  लेन  में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू नहीं कर रही है जिसके अनुसार जमीन का 4 गुना मुआबजा,पुनर्वास,पुनर्स्थापना, बाज़ार भाव पर जमीन का मूल्य,जमीन के बदले जमीन,परिवार से एक सदस्य को नौकरी,देने का प्रावधान है उसे राज्य सरकार चार साल से लटका कर सरकार इस कानून को लागू करने से आना कानी कर रही हे। अब राज्य के मुख्य मंत्री श्री जय राम ठाकुर,  मंडी, (बल्ह) प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय हबाई अड्डा में अधिग्रहण की जाने बाली जमीन को उचित मुआबजा देने की झूठी बात कर रहे हैं जबकि प्रस्तावित हवाई क्षेत्र में जमीन के सर्किल रेट इतने कम है कि जमीन कौड़ियो के भाव जायेगी।  जिला प्रशासन द्वारा घोषित सरकल रेट 2.05 लाख  से 11.20 लाख प्रति बीघा है, जबकि किसान 2 से 3 लाख  प्रति बीघा नकदी फसलों से  प्रति वर्ष कमा रहा है दूसरी तरफ जयराम सरकार बल्ह की उपजाऊ जमीन को कोड़ियो के भाव खरीद कर अडानी जैसे बड़े घरानों को (जॉइंट वेंचर कंपनी) सोंपने जा रही हे I

पूर्व अध्यक्ष ग्राम पंचयात छात्र्डू श्री बलराज चौधरी ने कहा कि बल्ह घाटी में एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय हबाई अड्डा जिसमे 6 गाँव जिसमे  ढाबण से छातडू तक 3150 मीटर लम्बी रनवे जिसमे  जमीन लगभग 3500 बिघा और लगभग 2500 मकान, 10000 जनसँख्या  इस हबाई पट्टी की जद में आ जायेंगे अपनी उपजाऊ जमीन जिसमे हर साल लाखों की नकदी फसले उगाते हैं उसमें पूरी तरह से बेदखल हो जायेंगे i   किसान सभा के अध्यक्ष श्री कुशाल भारद्वाज ने कहा  की सरकार किसानो द्वारा किये जा रहे विरोध को पूरी तरह अनदेखी कर रही है और किसान पिछले चार साल से सहमे और डरे हुए हे की उनकी उपजाऊ को मुख्यमंत्री श्री जयराम जी बिना किसानो से बात किये अपनी जिद पर अड़े हुए हे और किसानो को बर्बाद करने पर तुले हुए हे दूसरी तरफ बल्ह के किसान इस उपजाऊ जमीन को नहीं देना चाहते और अगर सरकार एकतरफा फैसला करती हे तो आने बाले दिनों में किसान कड़ा संघर्ष उठाने में मजबूर हो जायेंगे और हिमाचल किसान सभा बल्ह के किसानो का समर्थन करती हे और आने बाले दिनों में जो भी संघर्ष होगा उसमे बढ़-चढ़ कर साथ देगी I  श्री ओमप्रकाश, उप प्रधान , सियांह  ने कहा कि हमारे गाँव का नामोनीसान तक मिट जायेगा और हमारी जनता बेघर हो जाएगी अतः हम हिमाचल सरकार के मुख्य मंत्री से मांग करते है कि  हिमाचल सरकार, मंडी  में अन्तर्राष्ट्रीय हबाई अड्डा बल्ह के बजाये दूसरी जगह पर बनाया जाए  व उपजाऊ जमीन को बर्बाद होने से बचाया जाए I

रैली के उपरांत एक ज्ञापन उपमण्डल अधिकारी (नागरिक ) बल्ह के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंदर मोदी जी, ब मुख्यमंत्री हिमाचल सरकार  को दिया गया ओर उन्होंने कहा की मांग पत्र पर जल्दी ही किसानो के साथ मिलकर-बैठकर बात की जाएगी I

उपरोक्त रैली में परस राम, अध्यक्ष, किसान सभा, बल्ह, पूर्व प्रधान सियांह श्यामलाल  चौधरी,  उपप्रधान छात्डू हेत राम, नरेंदर सेन ,भवानी सिंह,अमर वालिया, जयराम सैनी, नन्दलाल, लक्ष्मण, श्रीमति सकुन्तला वालिया,विद्या देवी , रंजना, शाहिला, पमावती, दिलेराम,गुलाम रसूल, चुनीलाल सकलानी,हलीम अंसारी,  सुरेश, रामजीदास, आदि शामिल हुए।


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