काशन और बागी में हुए भूस्खलन के हादसे के लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार। ब्रह्म दास चौहान।
बोले समय रहते उचित कदम उठाए होते तो वर्तमान में नहीं होते ऐसे हालात।
पहले भी ऐसे क्षेत्रों में बरसात के दिनों में घटित हो चुके हैं हादसे।
सरकार और प्रशासन हादसे घटित होने के बाद भी कब जागेगा कुंभकरण की नींद से।
BHK NEWS HIMACHAL
गोहर।मंडी।
हिमाचल कांग्रेस पार्टी अनुसूचित जनजाति विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी मंडी के जिला प्रवक्ता ब्रह्म दास चौहान का कहना है कि
प्राकृतिक आपदा से हुए हादसों से निजात पाने के लिए प्रशासन को बरसात से पहले ही उचित कदम उठाने चाहिए। क्योंकि ऐसे क्षेत्रों में पहले भी नियमित तौर पर बरसात के दिनों में ऐसी घटनाएं घटित होती रही है। लेकिन सरकार और प्रशासन कुंभकरण की नींद सोता रहा है और जिसका खामियाजा कशन और बागी में लोगों को मौत की आगोश में सो कर चुकता करना पड़ रहा है और कई परिवार और घर उजड़ कर रह गए हैं । इसके लिए सरकार और प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में जिंदगी अलग-थलग पड़ कर रह गई है। कई गांव में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। तो रात भी बिजली ना होने की सूरत में अंधेरे में डर डर के जीने को मजबूर होकर रह गए हैं। जहां पर मार्ग बाधित हुए हैं और लोगों के रास्ते बंद हैं । वहां पर प्रशासन और सरकार समय रहते उचित कदम उठाए ताकि लोगों को दो वक्त का खाना रहने के लिए ठिकाना और सुरक्षित जगह मुहैया हो सके।उन्होंने कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को भी समय रहते सरकार और प्रशासन उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने की दिशा में भी कदम उठाए ताकि लोगों का उपचार हो सके। इस दौरान ग्राम पंचायत किलिंग के पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार ने जनसंपर्क अभियान के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रह्म दास चौहान को क्षेत्र की समस्याओं से रूबरू करवा कर तत्काल प्रभाव से उचित कार्यवाही करने की मांग की है । पार्टी के वरिष्ठ नेता ब्रह्म दास चौहान ने आश्वस्त किया है कि इस मसले को जिला प्रशासन सरकार और मंडी क्षेत्र की सांसद एवं पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के समक्ष उठाया जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को समय रहते उचित कदम उठाए जा सकते हैं। इस अवसर पर धनीराम नाग राम देशराज हेमा देवी पितांबर लाल ओम प्रकाश शर्मा पूर्व उप प्रधान कृष्ण कुमार सहित स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि विभिन्न संस्थाओं के सदस्य मौजूद रहे।

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