कांग्रेस पार्टी ने किया अपना घोषणा पत्र जारी
BHK NEWS HIMACHAL
हिमाचल प्रदेश (प्रकाश चन्द शर्मा)-: हिमाचल प्रदेश विधान सभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी किया। जिसमें प्रदेश के हर वर्ग को रिझाने के लिए किये बड़े बड़े वादे किए गए है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर जैसे ही कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया उस घोषणा पत्र को देखते ही बीजेपी के बड़े-बड़े नेता स्तब्ध रह गए। जैसे-जैसे चुनावी माहौल गर्म होता जा रहा है वैसे वैसे ही बड़ी-बड़ी पार्टियां अपने चुनावी वर्ग को रिझाने के लिए हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। शनिवार को कांग्रेस पार्टी के द्वारा हिमाचल प्रदेश के हर वर्ग को रिझाने के लिए लुभावने वादे अपने घोषणापत्र में जारी किए गए। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में पत्रकारों के लिए भी पेंशन देने के लिए बात कहीं है। काग्रेस पार्टी के द्वारा अपने घोषणा पत्र को जारी होने के बाद अब देखना होगा कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी का क्या स्टैंड रहेगा। अब दोनों पार्टी अपने घोषणापत्र में लोगों को लोक लुभावने वादों से रिझाने में कामयाब होगी। इस चुनावी माहौल को देखते हुए। जनता ने तो पहले से ही मन बना लिया है कि उन्होंने किस किस पार्टी को वोट देना है और किस पार्टी को नहीं देना है लोक लुभावने वादे करने से अब कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि जनता इतनी समझदार है कि हमेशा से ही वह नेता लोगों के झांसे में आकर इन नेता लोगों को सत्ता पर आसीन कर देती थी,लेकिन अब जनता समझदार हो चुकी है कि कौन से नेता कितना झूठ बोल रहे है, और कितना सच बोल रहा है, और लोगों को रिझाने के लिए नेता लोगों किसी भी हद तक जा सकते हैं। यह 70 सालों में पहली बार है कि किसी पार्टी ने पत्रकारों को लेकर भी पेंशन देने की बात कही है। आज से पहले किसी भी पार्टी ने पत्रकारों को लेकर कोई बात नहीं की है अपनी अपनी पार्टी को टीआरपी देने के लिए वह नेता लोग पत्रकारों का समय समय पर इस्तेमाल करते आ रहे है। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पत्रकारों के साथ कभी मारपीट कर दी जान से मार देने की धमकी मिल रही होती है। इस बात को भी अब हर पार्टी को समझना पड़ेगा कि वह पत्रकारों को लेकर कितने संजीदा है। अब पार्टियों को समझा आने लग चुका है कि पत्रकार चौथा स्तंभ होता है,और बिना चौथे स्तंभ के लोगों के बीच में चाहे नेता लोग कितना भी काम कर ले अगर पत्रकार उसको अपने अखबार में छापता नहीं है तो जनता को कैसे पता चलेगा कि सरकारी हमारे लिए क्या कर रही है और कैसी कैसी योजना बना रही है। और वहां योजना कितनी सही है जनता के हक को लेकर। आज हिमाचल प्रदेश में इतनी बेरोजगारी बढ़ चुकी है कि कोई भी पार्टी उस बेरोजगार इंसान के लिए बात करने से कतरा रही है कि वह हिमाचल प्रदेश में कैसे रोजगार देगी जो बेरोजगार युवाओं को लेकर और उनके लिए सरकार के द्वारा क्या-क्या योजनाएं लाई जाएगी। उन बेरोजगारों को लेकर लेकिन सरकारे तो कर्मचारी वर्ग को खुश करने में लगी हुई है, पूरे हिमाचल प्रदेश में इस बार 15 लाख के करीब बेरोजगार युवक अपना वोट कास्ट करेगा। अब हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवक ही तय करेगा कि कौन सी सरकार बनेगी और कौन सी सरकार सत्ता में नहीं रहेगी।

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