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रविवार, 5 फ़रवरी 2023

बौद्ध धर्म का सभी धर्मो में अपना ही अलग महत्व है ।

 बौद्ध धर्म का सभी धर्मो में अपना ही अलग महत्व है ।



BHK NEWS HIMACHAL 

रिवालसर अजय सूर्या :- बौद्ध धर्म पूरी दुनिया मे नफरत को भुलाकर शांति का उपदेश देती है । बौद्ध धर्म का सभी धर्मो में अपना ही अलग महत्व है ।यह धर्म लोगो को तनावपूर्ण स्थिति से बाहर निकालकर शांति की ओर ले जाता है ।रिवालसर में भारतीय हिमालयी परिषद नालन्दा बौद्ध धर्म  के राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्यातिथि हिमाचल प्रदेश के राजस्व ,बागवानी एवम जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि रिवालसर में राष्ट्रीय स्तर की इस संगोष्टि से बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार में अहम योगदान अदा करेगा ।अपने सम्बोधन में जगत सिंह नेगी ने बताया कि भारत मे अनेकता में एकता है ।यहाँ पर सभी धर्मों को पूरा मान सम्मान दिया जाता है ।बौद्ध धर्म मे नालन्दा का भारत के इतिहास में बहुत बड़ा सम्मान है ।नालन्दा में बौद्ध धर्म के स्त्रोत को पुनःखोजने की जरूरत है ।रिवालसर में राष्ट्रीय स्तर की इस संगोष्टी के आयोजन को लेकर संस्था को बधाई देते हुए कहा कि देश मे बहुत सिविचारधाराये है।मगर बौद्ध धर्म की अलग विचारधारा है ।बुध धर्म अपने मे अनुशासन व ज्ञान है बौद्ध धर्म नालन्दा बौद्ध धर्म मे अपनी जड़ें स्थापित करनेकी आवश्यकता है ।हिमालयी बौद्ध समुदाय के जीवन और सांस्कृतिकनिर्वाह के कुछ पहलू है।राष्ट्रीय एकीकरण औरदेश के इस रणनीतिक  क्षेत्र के आगे समेलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा ।नालन्दा बौद्ध धर्म खोज के विषय पर यह सम्मी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सम्मेलन में लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि रिवालसर की धरती बहुत पावन धरती है ।गुरु पदम् सम्भव ने 8 साल रिवालसर की पहाड़ियों में घोर तपस्या की थी । रिवालसर को गुरु पदम् सम्भव की तपोस्थली माना जाता है ।बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार में गुरु पदम् सम्भव का अहम योगदान रहा । राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने संस्था को कार्यक्रम के आयोजन व बौद्ध धर्म के प्रसार प्रचार के लिए अपनीं ऐच्छिक निधि से 5 लाख रुपये देने की घोषणा की ।लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने अपनी ऐच्छिक निधि से संस्था को 3 लाख रुपये देने की घोषणा की है ।इस कार्यक्रम में एक सी नेगी ,कार्यक्रम के अध्यक्ष टी के लोचन रिमपोछे ,दंदुप छेरिंग , रोशन लाल नेगी चुदुपभूतिया,पूर्व विधायक फुंचुक राय,सहित बौद्ध  धर्म से जुड़े लामा ,नन,व बौद्ध धर्म से जुड़े बौद्ध अनुयायी बड़ी संख्या में मौजूद थे ।



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