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मंगलवार, 14 मार्च 2023

डरवाड़ में हल्दी के साथ साथ हरड़, भेड़ा और आम्बला आधारित लगेगा लघु उद्योग -डीडीएम,नाबार्ड

 डरवाड़ में हल्दी के साथ साथ हरड़, भेड़ा और आम्बला आधारित लगेगा लघु उद्योग -डीडीएम,नाबार्ड





BHK NEWS HIMACHAL 

यादविंदर कुमार नेरचौक:  राष्ट्रीय एवं ग्रामीण विकास बैक मंडी के ज़िला प्रबन्धक राकेश कुमार ने आज धर्मपुर विकास खण्ड की डरवाड़ ग्राम पँचायत में सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत नाबार्ड द्धारा महिलाओं को  दिए जा रहे प्रशिक्षण में भाग लिया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अब यहां परहल्दी पाउडर के साथ साथ हरड़, भेड़ा और आम्बला आधारित कार्य भी किया जाएगा तथा गर्म मसालों की ग्रेडिंग और पैकिंग के कार्य को भी इसके साथ जोड़ा जाएगा जिसके लिए नाबार्ड सहयोग  करेगा  उन्होंने बताया कि घरवासड्डा के दो महिला स्वय सहायता समूहों और डरवाड़ गांव के किसान क्लबों के सदस्यों को इस बारे प्रशिक्षण दिया जायेगा और वित्तिय सहायता भी  दी जायेगी।डीडीएम ने कहा कि यहां पर जो चार साल पहले हल्दी पाउडर बनाने का जो लघु उद्योग लगा है इसे सफ़ल करने के लिए किसानों को हल्दी उत्पादन बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि मांग को ध्यान में रखकर स्थानीय लोगों और दूसरे क्षेत्रों में ये जैविक प्रक्रिया से बना ये हल्दी पॉउडर उपलब्ध हो सके।उन्होंने कहा कि नाबार्ड इसकी मार्केटिंग के लिए भी मदद करता है और प्रेदेश और देश के स्तर पर मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से समूहों को अवसर प्रदान करता है। यही नहीं बिक्री के लिए रुरल मार्ट भी स्थापित किये गये हैं और जररूत के अनुसार यहाँ पर भी ये सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकती है।इसके अलावा अगले वित्त वर्ष में हल्दी की उन्नत खेती के बारे शिक्षण भृमण भी आयोजित करवाया जायेगा।हल्दी सुखाने के लिए यन्त्र भी उपलब्ध कराने के लिए भी नाबार्ड मदद करेगा। प्रशिक्षण मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति के संस्थापक सदस्य व पूर्व ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने इस मौके पर कहा कि  यहाँ पर किसानों ने एक सहकारी समिति भी पंजीकृत की है जिसके माध्यम से भी कृषि और बाग़वानी को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जायेगा।उन्होंने बताया कि अगले सीज़न में ज़्यादा से ज़्यादा भूमि पर हल्दी की खेती करने के लिए कलस्टर तैयार किये जायेंगे और कृषि विभाग से हल्दी का बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की जायेगी।उन्होंने बताया कि इस उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय विधायक से भी दो दिन पहले मांग की गई है।इसके अलावा यहां पर अदरक,आम और मधुमक्खी पालन तथा खजरे तथा टोर के पतों के उत्पाद बनाने का प्राधिक्षण भी महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया जाये।कंचना माता और जय दुर्गे मां समूहों की प्रधान सरोजनी और विना विष्ट ने इस प्रकार के महिला फ्रेंडली प्रशिक्षणों के लिए नाबार्ड, साक्षरता समिति और पूर्व पार्षद भूपेंद्र सिंह का धन्यवाद किया।इस अवसर पर साक्षरता समिति के कार्यक्रम समन्वयक गजेंद्र शर्मा, रविन्द्र कुमार उप प्रधान नरेंद्र पठानिया वार्ड पंच यशवंत सिंह स्त्रोत व्यक्ति हेमराज गुलेरिया, सुरेश पठानिया, रूपचंद गुलेरिया, सागर चन्द, राजकुमार,धर्मपाल, रोशन लाल, बलबीर सिंह, कृष्ण देव आदि भी उपस्थित रहे।



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