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बुधवार, 18 दिसंबर 2024

नाचन में सशक्त नेतृत्व से बनेगा मजबूत संगठन..

 नाचन में सशक्त नेतृत्व से बनेगा मजबूत संगठन...



गोहर(राकेश) राहुल गांधी के दिशानिर्देश पर हिमाचल में कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया जारी है। संगठन में ऊर्जावान और वैचारिक रूप से परिपक्व नेतृत्व शामिल करने की तलाश में आलाकमान द्वारा नियुक्त सहप्रभारी और पर्यवेक्षक आजकल लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। कार्यकर्ताओं से ऐसे लोगों को आगे लाने के लिए कह रहे हैं जो संगठन को मजबूत कर सबको साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो, लेकिन वैचारिक रूप से शिथिल पड़ चुके कार्यकर्ता खामोश है। 



कार्यकर्ताओं की यह चुप्पी भविष्य के ख़तरों की आहट है। व्यापक जनाधार होने के बावजूद भी संगठन का लगातार कमजोर होना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस में गुटबाजी अपने चरम पर है जिससे पार्टी लगातार पिछड़ती जा रही है। कांग्रेस का आधार बचाने के लिए अब कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा। बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन में भूमिका निभानी होगी। गुटबाजी से इतर नये लोगों को आगे लाना होगा जो संगठन को नेताओं की बजाय कार्यकर्ताओं को अधिमान दें, जो सभी गुटों को ईमानदारी और पारदर्शिता से साथ चला सके। 



संगठन गठन की इस प्रक्रिया में कार्यकर्ताओं की खामोशी चिंताजनक है। पर्यवेक्षकों के समक्ष वह न तो अपना पक्ष रख रहे हैं और न ही किसी की पैरवी कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं के जेहन में एक बात बिल्कुल साफ है कि जब तब किसी व्यक्ति विशेष का कृपापात्र संगठन के जिम्मेदार ओहदे पर बैठेगा तो उनकी उपेक्षा होना तय है।  इससे लगता है कि कांग्रेस का कार्यकर्ता वैचारिक रूप से कमजोर हैं और ऐसा कार्यकर्ता हमेशा पार्टी के नुक़सानदायक होता है। 



कार्यकर्ताओं को सोचना होगा और आगे बढ़कर बोलना होगा कि उन्हें कैसा नेतृत्व चाहिए। विभिन्न पदों पर दावेदारी ठोक रहे कार्यकर्ताओं को भी अपने अंदर झांकना होगा कि क्या वह उस पद के साथ न्याय कर पाएंगे जो वह चाह रहे हैं। 



व्यापक गुटबाजी और नेताओं के उदासीन रवैये से नाचन में कांग्रेस लगातार पतन की ओर अग्रसर है। यहां नेता लोग अपना कठपुतली संगठन चाहते हैं जो उनके इशारे पर नाच सकें। अचानक से ऐसे लोगों को आगे लाने की कोशिशें हो रही है जो सिर्फ और सिर्फ उनकी राजनीतिक जमीन को बचा सके इसलिए वह कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव भी बना रहे हैं जबकि राजनीतिक समझ रखनें वाले कार्यकर्ता खामोश है। कार्यकर्ताओं की यही चुप्पी कांग्रेस के लिए घातक है। कार्यकर्ताओं को समझना होगा कि अपने घर गांव और मुहल्ले में वह स्वयं कांग्रेस पार्टी का चेहरा है। 



संगठन में अच्छे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिले जो उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचा सके और उनका समाधान करने में सक्षम हो। नाचन के हर घर में कांग्रेस के समर्थक मौजूद हैं मगर लचर नेतृत्व और कमजोर संगठन की वजह से ऐसे लोग कांग्रेस से नहीं जुड़ पा रहे हैं। दर्जनों बूथ ऐसे हैं जहां कांग्रेस का कार्यकर्ता नहीं मिलता। बीस साल से कांग्रेस का सदस्यता अभियान नहीं चला है। कागजों में 2012 में गठित बूथ कमेटियां चल रही हैं जबकि उसमें से अधिकांश कमेटियां निष्क्रिय हैं और कुछ लोग तो भाजपा के पदाधिकारी बन चुके हैं। 



नाचन में कांग्रेस संगठन को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो टिकटार्थी पैदा करने की बजाए पार्टी को सशक्त बनाने में योगदान दें। जो बीस साल से लगातार हार रही कांग्रेस को जिंदा कर सकें। ऐसा लीडर जो कार्यकर्ताओं का शोषण न करें बल्कि उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सके, जो सरकार और संगठन के बीच कड़ी बनें, जो सरकार की नीतियों को जनमानस तक पहुंचाएं, जो युवाओं और वरिष्ठों को साथ लेकर चल सके और सबसे जरूरी बात जो मीडिया और सोशल मीडिया को हैंडल कर सके। 



खामोश रहकर कार्यकर्ता अपना ही नुक़सान करवा रहे हैं। नेताओं का क्या है यह माहौल देखकर पाला भी बदल देते हैं और कार्यकर्ताओं की बोली लगाने से भी गुरेज नहीं करते। कार्यकर्ताओं को ही गांव, गली, मोहल्ले से लेकर चाय की टपरी में जनता से जूझना पड़ता है। अपना भविष्य तय करने के लिए कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए खुलकर बोलना होगा। मत भूलो भाजपा शासन में हम सब फासीवाद और पूंजीवाद के भीषण दौर से गुजर रहे हैं। भाजपा ने जनता को भ्रमित करने के लिए गांव-गांव में अपना नेटवर्क बना रखा है। उसको पार पाने के लिए इस देश में जन आंदोलन की जरूरत पड़ेगी। राहुल गांधी इस बात को बार बार दोहराते हैं कि भाजपा को हराने के लिए हमें व्यक्तिगत स्वार्थ किनारे रखने होंगे तभी सबको संविधान में प्रदत्त न्याय मिल सकेगा। 



रिटायर, टायर्ड और ठेकेदार कभी भी संगठन नहीं बनाएंगे, यह मिलकर बची-खुची कांग्रेस का नामोनिशान मिटा देंगे। क्षेत्रवाद, जातिवाद और नेतावाद से ऊपर उठकर नेतृत्व चुनोगे तभी कांग्रेस पार्टी नाचन में जिंदा रह पाएगी। 

- हेमसिंह ठाकुर, एडवोकेट



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