फ़ॉलोअर

सोमवार, 2 दिसंबर 2024

*चंबा: नर्सरियों के कर्मियों को डेढ़ साल से नहीं मिला वेतन*

*चंबा: नर्सरियों के कर्मियों को डेढ़ साल से नहीं मिला वेतन*





*चंबा*। वन विभाग की नर्सरियों में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 18 माह से वेतन नहीं दिया गया है। इसकी वजह से ये कर्मचारी परेशान हैं। *काम करने के बावजूद उन्हें मेहनताना नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इसी समस्या को लेकर वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ ने मुख्य वन अरण्यपाल को ज्ञापन सौंपा है लेकिन अभी तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है*। इसको लेकर इन कर्मचारियों में सरकार और विभाग के प्रति काफी नाराजगी है।



वन विभाग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रधान हेम सिंह ने बताया कि जिले की कुछ रेंजों में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगियों को वेतन दिया गया है लेकिन वह उनके मेहनताने के अनुसार नहीं दिया गया है। जबकि तीसा व मसरूंड रेंज का इतना बुरा हाल है कि वहां पर इन कर्मचारियों के बिलों पर अब हस्ताक्षर भी नहीं करवाए जा रहे हैं। वन विभाग की रेंजों में नर्सरियों का कार्य करने के लिए जब इन दैनिक वेतन भोगियों को रखा गया था, तब उन्हें यह भी आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में उन्हें पक्का भी किया जाएगा। मौजूदा समय में उन्हें वेतन लेने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें पक्का होने की उम्मीद बहुत कम है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि इन कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन की अदायगी की जाए। मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि सरकार से बजट की मांग की गई है।







*चार माह तक चौगान में सभी प्रकार की गतिविधियां बंद*


चंबा। चंबा चौगान अब चार माह तक सभी प्रकार की गतिविधियों के लिए बंद रहेगा। रविवार को नगर परिषद के कर्मचारियों ने चौगान में जाने वाले सभी प्रवेश द्वारों को कंटीले तार लगाकर बंद कर दिया। अब कोई भी चौगान में प्रवेश नहीं कर पाएगा। चार माह की अवधि में प्रशासन चौगान का मरम्मत कार्य करवाएगा। चौगान में जहां पर घास खत्म हो चुकी है, वहां पर दोबारा घास उगाने के लिए कार्य किया जाएगा। अब 15 अप्रैल को चौगान को लोगों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। हर वर्ष चंबा चौगान को चार माह के लिए बंद कर दिया जाता है जिससे चौगान की सुंदरता बनी रहे। मिंजर व दशहरे के दौरान चौगान की हरियाली को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। इस दौरान चौगान लोगों से भरा रहता है। मिंजर मेले के दौरान चौगान में अस्थायी मार्केट भी लगाई जाती है। इससे भी चौगान की हरियाली को नुकसान पहुंचता है। इसी नुकसान की भरपाई करने के लिए चौगान को चार माह के लिए बंद किया जाता है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि चौगान में सभी प्रकार की गतिविधियां बंद रहेंगी। चार माह में केवल चौगान का मरम्मत कार्य किया जाएगा।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें