विश्विद्यालय शिक्षक कल्याण संघ एवं ग़ैर शिक्षक संगठन पदाधिकारियों ने आज कुलपति जी को ज्ञापन दिया
उन्होंने कहा कि विश्विद्यालय के इतिहास में ऐसा पहले कभी भी नहीं हुआ है ,की कर्मचारियों को वेतन के लिए सड़कों पर आना पड़ा हो ।
ये हमारे कल के धरने का ही प्रभाव था कि शिक्षा मंत्री को इसमें बोलना और निर्देश देना पड़ा जिससे कुछ ही समय में हमारी सैलरी को हमारे खाते में डाल दी गई! ऐसा पहली बार नहीं हो रहा! उपरोक्त स्थिति अभी कुछ माह पूर्व भी ऐसा ही हुआ था तब भी प्रसाशन को चेताया गया था ।
उन्होंने कहा कि विश्विद्यालय को सरकार कि ओर से मिलने वाली ग्रांट सालाना रूप में मिल जाया करती थी लेकिन उसे 3 माह में देने का प्रावधान किया गया और अब इसे हर माह देने कि व्यवस्था कि गई है जो कि सरासर गलत है!हर महीने हमारा वित् अधिकारी क्यूँ सरकार के पास कटोरा लेकर हमारी सैलरी कि भीख मांगने जाये जब हमें सालाना बजट पहले से ही जारी हो चूका है! अतः इसे एक मुश्त यूनिवर्सिटी को जारी किया जाये!
पूरा विश्विद्यालय सरकार के इस रव्वये के खिलाफ लामबंद हुआ जो की एक इतिहास है ।
उन्होंने प्रसाशन को चेतावनी देते हुआ कहा कि अगर एक बार फिरसे इस तरह कि स्थिति भविष्य में फिर से बनी तो हम सचिवालय कि ओर कूच करने और वहां जाकर प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे! उन्होंने पूरे विश्विद्यालय परिवार का कल के धरने को सफल बनाने और आगे के लिए संगठित रहने कि भी अपील कि है






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