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शुक्रवार, 7 मार्च 2025

शाहगढ़ की रोशनी : विकलांगता को मात देकर बनीं प्रेरणा स्रोत

 शाहगढ़ की रोशनी : विकलांगता को मात देकर बनीं प्रेरणा स्रोत




शाहगढ़/अमेठी :  : हरीश शर्मा -: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, शाहगढ़, अमेठी की एक दिव्यांग महिला रोशनी की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। रोशनी ने अपनी विकलांगता को कभी भी अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया और आज वह न केवल एक आत्मनिर्भर महिला हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। रोशनी को बचपन से ही विकलांगता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी प्रारंभिक कठिनाइयों और समाज के उपहास के बावजूद, उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया। रोशनी ने अपने कौशल का उपयोग करके अपना खुद का स्वरोजगार शुरू किया और जल्द ही अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सफल रही।



                           रोशनी एक प्रतिभाशाली महिला हैं और सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग बहुत बड़ी है। इसके अलावा, वह एक प्रतिभाशाली गायिका भी हैं और अवधी लोकगीतों में उनकी आवाज बहुत पसंद की जाती है। "मैं अपनी विकलांगता को कभी भी अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने दूंगी। मैं अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार शुरू करने में मदद करना चाहती हूं," रोशनी कहती हैं। रोशनी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। यह हमें सिखाती है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कुछ भी संभव है।



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