" *भारतीय नारी , विशेष* "
( वसुंधरा धर्माणी )
गृहिणियां केवल परिवार की देखभाल करने वाली महिलाएं नहीं होती, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण की आधारशिला भी हैं। एक सशक्त ,संस्कारित और जागरूक समाज की नींव घर से ही पड़ती है और इस नींव को मजबूत बनाने का कार्य मुख्यतः गृहिणियां ही करती हैं। इसीलिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि गृहिणियां वास्तव में राष्ट्र निर्माता हैं, क्योंकि उनके द्वारा निर्मित संस्कारित और ज़िम्मेदार नागरिक ही किसी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और भविष्य का निर्धारण करते हैं |
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= वसुंधरा धर्माणी ,
जिला बिलासपुर { हि. प्र. }
*BHK* में
प्रस्तुति : - मुमुक्षु के. ठाकुर

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